दमोह में गर्भवती गाय की हत्या पर बंद का आह्वान:हिंदू संगठनों पर फायरिंग के बाद शहर में तनाव, गाय काटने वाले घर पर चला बुलडोजर

मध्य प्रदेश के दमोह में गर्भवती गाय की हत्या के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं के मौके पर पहुंचने पर आरोपियों ने फायरिंग की, हालांकि कोई घायल नहीं हुआ। इस घटना के विरोध में हिंदू संगठनों ने दमोह बंद बुलाया, वहीं प्रशासन ने अतिक्रमण कर बनाए गए आरोपियों के घरों पर कार्रवाई शुरू कर दी है। बता दें कि दमोह में शुक्रवार को कोतवाली थाना क्षेत्र के सीता बावड़ी इलाके में कुछ लोगों ने एक गर्भवती गाय की हत्या कर दी। सूचना मिलते ही हिंदू संगठन के कार्यकर्ता पवन रजक अपने साथी अनुराग यादव और अन्य युवाओं के साथ मौके पर पहुंचे। आरोपियों ने कार्यकर्ताओं पर गोलियां चलाईं। हालांकि, गोली किसी को लगी नहीं। कार्यकर्ताओं की सूचना पर पुलिस जब तक मौके पर पहुंची, आरोपी गाय को काट चुके थे। हिंदू संगठन से जुड़े लोगों ने बताया है कि पुलिस ने चार-पांच आरोपी पकड़े हैं लेकिन पुलिस ने अभी गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की है। वेटरनरी डॉक्टर आरके असाटी ने पोस्टमार्टम में पाया कि गाय के शरीर के सभी अंग अलग-अलग कर दिए गए थे। गाय के पेट में चार से पांच माह का बछड़ा था। बछड़ा कुछ समय तक जीवित रहा, लेकिन बाद में उसकी भी मृत्यु हो गई। एडिशनल एसपी संदीप मिश्रा ने बताया कि पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धारा 307, गोवंश अधिनियम और धार्मिक भावना आहत करने की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। इस घटना के विरोध में हिंदू संगठनों ने दमोह बंद का आह्वान किया है। संगठन के कार्यकर्ता शहर में एलाउंसमेंट कर लोगों को बंद की जानकारी दे रहे हैं। एक तरफ हिंदू संगठनों का दमोह बंद के साथ विरोध शुरू हो गया है। वहीं दूसरी तरफ जिस जगह पर गाय को काटा गया था, उस घर को और आसपास के कई और घर जो अतिक्रमण कर बनाए गए थे उनको तोड़ने की कार्रवाई शुरू कर दी है। मौके पर तहसीलदार मोहित जैन मौजूद है। जिनका कहना है कि इस तरह से सरकारी जमीन पर अतिक्रमण करने वालों को नहीं छोड़ा जाएगा।

दमोह में गर्भवती गाय की हत्या पर बंद का आह्वान:हिंदू संगठनों पर फायरिंग के बाद शहर में तनाव, गाय काटने वाले घर पर चला बुलडोजर
मध्य प्रदेश के दमोह में गर्भवती गाय की हत्या के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं के मौके पर पहुंचने पर आरोपियों ने फायरिंग की, हालांकि कोई घायल नहीं हुआ। इस घटना के विरोध में हिंदू संगठनों ने दमोह बंद बुलाया, वहीं प्रशासन ने अतिक्रमण कर बनाए गए आरोपियों के घरों पर कार्रवाई शुरू कर दी है। बता दें कि दमोह में शुक्रवार को कोतवाली थाना क्षेत्र के सीता बावड़ी इलाके में कुछ लोगों ने एक गर्भवती गाय की हत्या कर दी। सूचना मिलते ही हिंदू संगठन के कार्यकर्ता पवन रजक अपने साथी अनुराग यादव और अन्य युवाओं के साथ मौके पर पहुंचे। आरोपियों ने कार्यकर्ताओं पर गोलियां चलाईं। हालांकि, गोली किसी को लगी नहीं। कार्यकर्ताओं की सूचना पर पुलिस जब तक मौके पर पहुंची, आरोपी गाय को काट चुके थे। हिंदू संगठन से जुड़े लोगों ने बताया है कि पुलिस ने चार-पांच आरोपी पकड़े हैं लेकिन पुलिस ने अभी गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की है। वेटरनरी डॉक्टर आरके असाटी ने पोस्टमार्टम में पाया कि गाय के शरीर के सभी अंग अलग-अलग कर दिए गए थे। गाय के पेट में चार से पांच माह का बछड़ा था। बछड़ा कुछ समय तक जीवित रहा, लेकिन बाद में उसकी भी मृत्यु हो गई। एडिशनल एसपी संदीप मिश्रा ने बताया कि पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धारा 307, गोवंश अधिनियम और धार्मिक भावना आहत करने की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। इस घटना के विरोध में हिंदू संगठनों ने दमोह बंद का आह्वान किया है। संगठन के कार्यकर्ता शहर में एलाउंसमेंट कर लोगों को बंद की जानकारी दे रहे हैं। एक तरफ हिंदू संगठनों का दमोह बंद के साथ विरोध शुरू हो गया है। वहीं दूसरी तरफ जिस जगह पर गाय को काटा गया था, उस घर को और आसपास के कई और घर जो अतिक्रमण कर बनाए गए थे उनको तोड़ने की कार्रवाई शुरू कर दी है। मौके पर तहसीलदार मोहित जैन मौजूद है। जिनका कहना है कि इस तरह से सरकारी जमीन पर अतिक्रमण करने वालों को नहीं छोड़ा जाएगा।