उमरिया में 5.2 मिमी बारिश से तैयार फसलें भीगी:गेहूं-चना को नुकसान, सागौन बीज की बुवाई रुकी
उमरिया में 5.2 मिमी बारिश से तैयार फसलें भीगी:गेहूं-चना को नुकसान, सागौन बीज की बुवाई रुकी
उमरिया जिले में बुधवार से शुरू हुई बारिश का दौर गुरुवार को भी जारी रहा। पिछले 24 घंटों में 5.2 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। बेमौसम बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कटाई के लिए तैयार गेहूं की फसल बारिश से प्रभावित हुई है। चना, बटरी और अरहर की फसलें भी नुकसान की चपेट में आ गई हैं। कुछ किसानों ने पहले ही फसल काट ली थी, लेकिन वह भी बारिश में भीग गई। किसान गुड्डा के अनुसार, गेहूं की फसल पक चुकी थी और चना-बटरी की कटाई चल रही थी। बारिश ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया है। ओलावृष्टि ने भी गेहूं की फसलों को नुकसान पहुंचाया है। बढ़ रही थी आग लगने की घटनाएं हालांकि, इस बारिश से जंगलों में आग का खतरा टल गया है। वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी राहत महसूस कर रहे हैं। गर्मी और बढ़ते तापमान के कारण जंगल में आग की घटनाएं बढ़ रही थीं। मध्य प्रदेश राज्य वन विकास निगम की चंदिया रोपणी में चल रही सागौन बीज की बुवाई को भी रोकना पड़ा है। तापमान में गिरावट के कारण यह कार्य स्थगित कर दिया गया है। जिले में पिछले 10 दिनों में अधिकतम तापमान 32.6 से 37.9 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। न्यूनतम तापमान 12.3 से 19.7 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। जिले में तापमान की जानकारी (10 मार्च से 21 मार्च तक)
उमरिया जिले में बुधवार से शुरू हुई बारिश का दौर गुरुवार को भी जारी रहा। पिछले 24 घंटों में 5.2 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। बेमौसम बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कटाई के लिए तैयार गेहूं की फसल बारिश से प्रभावित हुई है। चना, बटरी और अरहर की फसलें भी नुकसान की चपेट में आ गई हैं। कुछ किसानों ने पहले ही फसल काट ली थी, लेकिन वह भी बारिश में भीग गई। किसान गुड्डा के अनुसार, गेहूं की फसल पक चुकी थी और चना-बटरी की कटाई चल रही थी। बारिश ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया है। ओलावृष्टि ने भी गेहूं की फसलों को नुकसान पहुंचाया है। बढ़ रही थी आग लगने की घटनाएं हालांकि, इस बारिश से जंगलों में आग का खतरा टल गया है। वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी राहत महसूस कर रहे हैं। गर्मी और बढ़ते तापमान के कारण जंगल में आग की घटनाएं बढ़ रही थीं। मध्य प्रदेश राज्य वन विकास निगम की चंदिया रोपणी में चल रही सागौन बीज की बुवाई को भी रोकना पड़ा है। तापमान में गिरावट के कारण यह कार्य स्थगित कर दिया गया है। जिले में पिछले 10 दिनों में अधिकतम तापमान 32.6 से 37.9 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। न्यूनतम तापमान 12.3 से 19.7 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। जिले में तापमान की जानकारी (10 मार्च से 21 मार्च तक)