दिल्ली जाते समय ट्रेन में बुजुर्ग की मौत:बेटे का आरोप- जीआरपीएफ जवान की पिटाई से हुआ निधन

टीकमगढ़ के पलेरा कस्बे के रामदयाल अहिरवार (60) की गोंडवाना एक्सप्रेस में यात्रा के दौरान मौत हो गई। मृतक के बेटे ने जीआरपीएफ जवान पर मारपीट का आरोप लगाया है। घटना 22 अप्रैल की रात की है। रामदयाल अपने बेटे के साथ ललितपुर स्टेशन से दिल्ली जा रहे थे। रात करीब ढाई बजे वे बाथरूम गए और फिर ट्रेन के गेट पर खड़े होकर बीड़ी पीने लगे। इसी दौरान स्लीपर कोच में तैनात जीआरपीएफ जवान आजाद ने उन्हें पकड़ लिया। बेटे ने बताया कि जवान ने उनके पिता को स्लीपर कोच में ले जाकर मारपीट की। जब रामदयाल वापस अपनी सीट पर आए तो उनकी हालत खराब थी। उन्होंने बेटे को पूरी बात बताई और फिर अचानक गिर पड़े। इसी दौरान उनकी मौत हो गई। जीआरपीएफ जवान ने कहा- सिर्फ एक थप्पड़ मारा जवान आजाद और उनके एक साथी ने बाद में आकर कहा कि उन्होंने सिर्फ एक थप्पड़ मारा था। मथुरा स्टेशन पर ट्रेन रुकने पर बेटे ने शव को उतारा और जीआरपीएफ थाने में शिकायत दर्ज कराई। बेटे का आरोप है कि थाने में भी जवानों ने उसे धमकाया और प्रलोभन दिया। मथुरा पुलिस से भी कोई मदद नहीं मिली। पीएम के बाद शव को रामनगर गांव ले जाया गया, जहां बुधवार को अंतिम संस्कार किया गया। मृतक का बेटा न्याय की मांग कर रहा है। उसका कहना है कि उसके पिता की मौत जीआरपीएफ जवानों की पिटाई से हुई है। 3 साल पहले हुई थी मां की मौत मृतक के बेटे विशाल ने बताया कि 3 साल पहले मां की मौत हो गई थी। परिवार में बूढ़े दादा-दादी और विशाल के दो छोटे भाई हैं। पिता रामदयाल ही घर के भरण पोषण का सहारा थे। उनका निधन हो जाने से परिवार पर आर्थिक संकट छा गया है। उसने बताया कि वह अपने पिता के साथ दिल्ली मजदूरी करने जा रहा था।

दिल्ली जाते समय ट्रेन में बुजुर्ग की मौत:बेटे का आरोप- जीआरपीएफ जवान की पिटाई से हुआ निधन
टीकमगढ़ के पलेरा कस्बे के रामदयाल अहिरवार (60) की गोंडवाना एक्सप्रेस में यात्रा के दौरान मौत हो गई। मृतक के बेटे ने जीआरपीएफ जवान पर मारपीट का आरोप लगाया है। घटना 22 अप्रैल की रात की है। रामदयाल अपने बेटे के साथ ललितपुर स्टेशन से दिल्ली जा रहे थे। रात करीब ढाई बजे वे बाथरूम गए और फिर ट्रेन के गेट पर खड़े होकर बीड़ी पीने लगे। इसी दौरान स्लीपर कोच में तैनात जीआरपीएफ जवान आजाद ने उन्हें पकड़ लिया। बेटे ने बताया कि जवान ने उनके पिता को स्लीपर कोच में ले जाकर मारपीट की। जब रामदयाल वापस अपनी सीट पर आए तो उनकी हालत खराब थी। उन्होंने बेटे को पूरी बात बताई और फिर अचानक गिर पड़े। इसी दौरान उनकी मौत हो गई। जीआरपीएफ जवान ने कहा- सिर्फ एक थप्पड़ मारा जवान आजाद और उनके एक साथी ने बाद में आकर कहा कि उन्होंने सिर्फ एक थप्पड़ मारा था। मथुरा स्टेशन पर ट्रेन रुकने पर बेटे ने शव को उतारा और जीआरपीएफ थाने में शिकायत दर्ज कराई। बेटे का आरोप है कि थाने में भी जवानों ने उसे धमकाया और प्रलोभन दिया। मथुरा पुलिस से भी कोई मदद नहीं मिली। पीएम के बाद शव को रामनगर गांव ले जाया गया, जहां बुधवार को अंतिम संस्कार किया गया। मृतक का बेटा न्याय की मांग कर रहा है। उसका कहना है कि उसके पिता की मौत जीआरपीएफ जवानों की पिटाई से हुई है। 3 साल पहले हुई थी मां की मौत मृतक के बेटे विशाल ने बताया कि 3 साल पहले मां की मौत हो गई थी। परिवार में बूढ़े दादा-दादी और विशाल के दो छोटे भाई हैं। पिता रामदयाल ही घर के भरण पोषण का सहारा थे। उनका निधन हो जाने से परिवार पर आर्थिक संकट छा गया है। उसने बताया कि वह अपने पिता के साथ दिल्ली मजदूरी करने जा रहा था।