मई में 6 हजार सडक़ दुर्घटनाएं 29 सौ से अधिक लोगों की मौत

छत्तीसगढ़ संवाददाता रायपुर, 13 जून।वर्ष 2023 (जनवरी से मई) की तुलना में 2024 में (जनवरी से मई) महासमुंद, गरियाबंद, धमतरी, बेमेतरा, राजनादगांव, जाजगीर चांपा, बस्तर, कोण्डागांव, सुकमा, एमएमसी, सारंगढ़-बिलाईगढ़, एमसीबी, जिलों में सडक़ दुर्घटनाओं में कमी आई है । अन्य जिलों के में इस मई तक 6390 सडक़ दुर्घटनाओं में 2969 मृत्यु एवं 5538 घायलों के साथ दुर्घटनाओं में 5.46 प्रतिशत एवं मृत्युदर में 5.20 प्रतिशत की वृद्धि चिंताजनक है। सडक़ दुर्घटनाओं के कारणों के समुचित विश्लेषण के साथ सडक़ों में आवश्यक सुधार के उपायों के संबंध में श्रीमती नेहा चंपावत भा.पु.से. आईजी (यातायात) की अध्यक्षता में वर्चुअल समीक्षा बैठक हुई। इस बैठक में ए.आई.जी. टैफिक संजय शर्मा सहित प्रदेश में यातायात के सभी एएसपी,डीएसपी प्रभारी यातायात पर्यवेक्षण अधिकारी शामिल रहे ह। बैठक में बताया गया कि सडक़ दुर्घटनाओं में नियंत्रण/प्रभावी प्रवर्तन के लिए 15 जिलों को सडक़ सुरक्षा के लिए स्पीड राडार गन, एल्कोमीटर, साउंड मीटर, लक्स मीटर, डेशबोर्ड, सर्विलेंस कैमरा सहित सर्वसुविधायुक्त इंटरसेप्टर वाहन सहित अन्य सडक़ सुरक्षा उपकरण यथाशीघ्र आबंटित किये जा रहे है। इन उपकरणों के सुगम संचालन हेतु तकनीकी ज्ञान के कर्मचारी नामितकर प्रशिक्षण हेतु भेजे जावे। अतंर्विभागीय लीड एजेंसी द्वारा सडक़ सुरक्षा जागरूकता हेतु प्रकाशित पॉकेट फोल्डर्स, आबंटित सडक़ सुरक्षा उपकरणों/संसाधनों का शीघ्र संग्रहण कर प्रवर्तन को प्रभावी बनाया जावे। नवीन कानून के नियमों के अनुसार पुलिस विवेचक अधिकारियों को सडक़ दुर्घटना स्थल में जाकर ऑनलाईन (लाईव लोकेशन, अक्षांश व देशांश सहित) प्रविष्टियां अंकन सुनिश्चित किया जाना है। एआईजी (यातायात) संजय शर्मा ने बताया कि प्रदेश के सभी जिलों में वर्ष 2023 में एवं 2024 (जनवरी से मई तक) घटित सडक़ दुर्घटनाओं के आधार पर जिला दंतेवाड़ा, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही, जशपुर, सरगुजा, धमतरी, कोण्डागांव, रायगढ़, बेमेतरा, में इंटीग्रेटेड रोड़ एक्सीडेंट डाटाबेस में शत प्रतिशत प्रविष्टि सहित 2400 से अधिक प्रविष्टियां की गई है।

मई में 6 हजार सडक़ दुर्घटनाएं 29 सौ से अधिक लोगों की मौत
छत्तीसगढ़ संवाददाता रायपुर, 13 जून।वर्ष 2023 (जनवरी से मई) की तुलना में 2024 में (जनवरी से मई) महासमुंद, गरियाबंद, धमतरी, बेमेतरा, राजनादगांव, जाजगीर चांपा, बस्तर, कोण्डागांव, सुकमा, एमएमसी, सारंगढ़-बिलाईगढ़, एमसीबी, जिलों में सडक़ दुर्घटनाओं में कमी आई है । अन्य जिलों के में इस मई तक 6390 सडक़ दुर्घटनाओं में 2969 मृत्यु एवं 5538 घायलों के साथ दुर्घटनाओं में 5.46 प्रतिशत एवं मृत्युदर में 5.20 प्रतिशत की वृद्धि चिंताजनक है। सडक़ दुर्घटनाओं के कारणों के समुचित विश्लेषण के साथ सडक़ों में आवश्यक सुधार के उपायों के संबंध में श्रीमती नेहा चंपावत भा.पु.से. आईजी (यातायात) की अध्यक्षता में वर्चुअल समीक्षा बैठक हुई। इस बैठक में ए.आई.जी. टैफिक संजय शर्मा सहित प्रदेश में यातायात के सभी एएसपी,डीएसपी प्रभारी यातायात पर्यवेक्षण अधिकारी शामिल रहे ह। बैठक में बताया गया कि सडक़ दुर्घटनाओं में नियंत्रण/प्रभावी प्रवर्तन के लिए 15 जिलों को सडक़ सुरक्षा के लिए स्पीड राडार गन, एल्कोमीटर, साउंड मीटर, लक्स मीटर, डेशबोर्ड, सर्विलेंस कैमरा सहित सर्वसुविधायुक्त इंटरसेप्टर वाहन सहित अन्य सडक़ सुरक्षा उपकरण यथाशीघ्र आबंटित किये जा रहे है। इन उपकरणों के सुगम संचालन हेतु तकनीकी ज्ञान के कर्मचारी नामितकर प्रशिक्षण हेतु भेजे जावे। अतंर्विभागीय लीड एजेंसी द्वारा सडक़ सुरक्षा जागरूकता हेतु प्रकाशित पॉकेट फोल्डर्स, आबंटित सडक़ सुरक्षा उपकरणों/संसाधनों का शीघ्र संग्रहण कर प्रवर्तन को प्रभावी बनाया जावे। नवीन कानून के नियमों के अनुसार पुलिस विवेचक अधिकारियों को सडक़ दुर्घटना स्थल में जाकर ऑनलाईन (लाईव लोकेशन, अक्षांश व देशांश सहित) प्रविष्टियां अंकन सुनिश्चित किया जाना है। एआईजी (यातायात) संजय शर्मा ने बताया कि प्रदेश के सभी जिलों में वर्ष 2023 में एवं 2024 (जनवरी से मई तक) घटित सडक़ दुर्घटनाओं के आधार पर जिला दंतेवाड़ा, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही, जशपुर, सरगुजा, धमतरी, कोण्डागांव, रायगढ़, बेमेतरा, में इंटीग्रेटेड रोड़ एक्सीडेंट डाटाबेस में शत प्रतिशत प्रविष्टि सहित 2400 से अधिक प्रविष्टियां की गई है।