100 दिनों तक हाउसफुल रहने वाली पहली हिंदी फिल्म
100 दिनों तक हाउसफुल रहने वाली पहली हिंदी फिल्म
मुंबई । हालिया फिल्मों ‘धुरंधर’ और ‘बॉर्डर 2’ की जबरदस्त सफलता ने यह साबित कर दिया है कि दर्शक आज भी कंटेंट-ड्रिवन और दिल को छू लेने वाली कहानियों को पसंद करते हैं।
सोशल मीडिया की नकारात्मक चर्चाओं के बावजूद अगर कहानी दमदार हो, तो दर्शक सिनेमाघरों तक जरूर पहुंचते हैं। इसी कड़ी में आज हम किसी नई फिल्म की नहीं, बल्कि 57 साल पहले रिलीज हुई एक ऐसी क्लासिक फिल्म की बात कर रहे हैं, जिसने थिएटर में 100 दिनों तक हाउसफुल चलकर इतिहास रच दिया था।
इस एक फिल्म ने बना दिया था सुपरस्टार
हम बात कर रहे हैं साल 1969 में रिलीज हुई राजेश खन्ना की सुपरहिट फिल्म ‘आराधना’ की। इस फिल्म ने न सिर्फ बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड बनाए, बल्कि राजेश खन्ना को रातोंरात सुपरस्टार भी बना दिया। ‘आराधना’ की सफलता के बाद राजेश खन्ना ने लगातार 17 हिट फिल्में दी थीं, जो आज भी हिंदी सिनेमा में एक बड़ा रिकॉर्ड माना जाता है।
तीन महीने तक थिएटर में लगी रही फिल्म
रोमांटिक ड्रामा ‘आराधना’ में राजेश खन्ना और शर्मिला टैगोर ने मुख्य भूमिकाएं निभाई थीं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह हिंदी सिनेमा की पहली ऐसी फिल्म थी जो लगातार 100 दिनों तक हाउसफुल चली। फिल्म तीन महीने से ज्यादा समय तक सिनेमाघरों में लगी रही और हर शो में दर्शकों की भीड़ उमड़ती रही।
बॉक्स ऑफिस पर की थी रिकॉर्ड कमाई
फिल्म का बजट उस दौर में करीब 80 से 85 लाख रुपये बताया जाता है, जबकि इसने बॉक्स ऑफिस पर लगभग 7 करोड़ रुपये की कमाई की थी। ‘आराधना’ में शर्मिला टैगोर के अलावा फरीदा जलाल और मदन पुरी जैसे दिग्गज कलाकार भी अहम भूमिकाओं में नजर आए थे।
आज भी याद की जाती है ‘आराधना’
‘आराधना’ न सिर्फ राजेश खन्ना के करियर की मील का पत्थर साबित हुई, बल्कि यह फिल्म आज भी हिंदी सिनेमा की सबसे यादगार क्लासिक फिल्मों में गिनी जाती है। मौजूदा दौर में धुरंधर और बॉर्डर 2 जैसी फिल्मों की सफलता यह दिखाती है कि सिनेमा बदल सकता है, लेकिन दर्शकों की पसंद अच्छी कहानी और मजबूत भावनाएं आज भी वही हैं।







