खरीदी केंद्रों में अव्यवस्था, किसानों के साथ अन्यायपूर्ण व्यवहार हो रहा-महंत
भाजपा सरकार बनने के बाद अपने वादे से मुकर गई -ताम्रध्वज साह छत्तीसगढ़ संवाददाता उतई, 5 दिसंबर। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार 14 नवंबर से 31 जनवरी तक प्रस्तावित धान खरीदी के दौरान अव्यवस्था से अन्नदाताओं को हो रही परेशानी को उजागर करने और किसानों की मदद के लिए कांग्रेस ने निगरानी समितियों का गठन किया है। दुर्ग ग्रामीण क्षेत्र में मंगलवार को कोलिहापुरी केंद्र में निरीक्षण करने व समस्याएं सुनने के बाद दूसरे दिन बुधवार को भी नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत, पूर्व गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, पूर्व विधायक अरुण वोरा के नेतृत्व में निगरानी समिति में शामिल कांग्रेसियों ने उतई के उपकेंद्र खोपली सोसाइटी का निरीक्षण किया। कांग्रेसियों ने बताया कि यहां भी बरादानों की कमी, तौल में गड़बड़ी और टोकन वितरण में अव्यवस्था की शिकायतों का अंबार मिला। नेता प्रतिपक्ष महंत व पूर्व मंत्री साहू ने राज्य शासन की खरीदी प्रक्रिया पर सवाल उठाए और भाजपा सरकार द्वारा किसानों के साथ अन्याय पूर्ण व्यवहार किए जाने की बात कही। वरिष्ठ नेता वोरा ने आरोप लगाते हुए कहा कि 47 दिनों में 160 लाख मीट्रिक टन की धान खरीदी का लक्ष्य है, लेकिन सोसाइटियों को जानबूझकर प्रतिदिन कम खरीदी करने का दबाव बनाया गया है। इस दौरान किसानों से चर्चा के बाद महंत ने कहा कि 14 नवंबर से 31 जनवरी तक ही धान खरीदा जाना है, किंतु किसानों को टोकन नहीं दिया जा रहा है। सरकार इस वर्ष 160 लाख मीट्रिक टन के खरीदी लक्ष्य को पूरा नहीं करना चाहती है, जिस कारण सोसायटियों को सीमित खरीदी करने निर्देशित किया गया है। बारदानों की व्यवस्था तक कर पाने में सरकार असफल है। भाजपा ने चुनावी वादे में 3100 रुपए की दर से 21 क्विंटल धान खरीदने का वादा किया था, किंतु उसके बाद केंद्र सरकार द्वारा समर्थन मूल्य में 117 रुपए बढ़ाया गया। जिससे अब 3217 रु की दर से अन्नदाता को भुगतान होना चाहिए। पूर्व गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कि, भाजपा सरकार बनने के बाद अपने वादे से मुकर गई है ना सिर्फ अनावरी रिपोर्ट गलत दिखा कर 14-15 क्विंटल ही धान लिया जा रहा है, बल्कि सिर्फ 2300 की दर से भुगतान किया जा रहा है, किसान समिति के चक्कर काट रहे हैं बारदाने की व्यवस्था भी नहीं है।न हि धान का उठाव भी नहीं हो रहा है उन्होंने कहा कि हम जमीनी स्तर पर किसानों के लिए लड़ाई लड़ेंगे।
भाजपा सरकार बनने के बाद अपने वादे से मुकर गई -ताम्रध्वज साह छत्तीसगढ़ संवाददाता उतई, 5 दिसंबर। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार 14 नवंबर से 31 जनवरी तक प्रस्तावित धान खरीदी के दौरान अव्यवस्था से अन्नदाताओं को हो रही परेशानी को उजागर करने और किसानों की मदद के लिए कांग्रेस ने निगरानी समितियों का गठन किया है। दुर्ग ग्रामीण क्षेत्र में मंगलवार को कोलिहापुरी केंद्र में निरीक्षण करने व समस्याएं सुनने के बाद दूसरे दिन बुधवार को भी नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत, पूर्व गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, पूर्व विधायक अरुण वोरा के नेतृत्व में निगरानी समिति में शामिल कांग्रेसियों ने उतई के उपकेंद्र खोपली सोसाइटी का निरीक्षण किया। कांग्रेसियों ने बताया कि यहां भी बरादानों की कमी, तौल में गड़बड़ी और टोकन वितरण में अव्यवस्था की शिकायतों का अंबार मिला। नेता प्रतिपक्ष महंत व पूर्व मंत्री साहू ने राज्य शासन की खरीदी प्रक्रिया पर सवाल उठाए और भाजपा सरकार द्वारा किसानों के साथ अन्याय पूर्ण व्यवहार किए जाने की बात कही। वरिष्ठ नेता वोरा ने आरोप लगाते हुए कहा कि 47 दिनों में 160 लाख मीट्रिक टन की धान खरीदी का लक्ष्य है, लेकिन सोसाइटियों को जानबूझकर प्रतिदिन कम खरीदी करने का दबाव बनाया गया है। इस दौरान किसानों से चर्चा के बाद महंत ने कहा कि 14 नवंबर से 31 जनवरी तक ही धान खरीदा जाना है, किंतु किसानों को टोकन नहीं दिया जा रहा है। सरकार इस वर्ष 160 लाख मीट्रिक टन के खरीदी लक्ष्य को पूरा नहीं करना चाहती है, जिस कारण सोसायटियों को सीमित खरीदी करने निर्देशित किया गया है। बारदानों की व्यवस्था तक कर पाने में सरकार असफल है। भाजपा ने चुनावी वादे में 3100 रुपए की दर से 21 क्विंटल धान खरीदने का वादा किया था, किंतु उसके बाद केंद्र सरकार द्वारा समर्थन मूल्य में 117 रुपए बढ़ाया गया। जिससे अब 3217 रु की दर से अन्नदाता को भुगतान होना चाहिए। पूर्व गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कि, भाजपा सरकार बनने के बाद अपने वादे से मुकर गई है ना सिर्फ अनावरी रिपोर्ट गलत दिखा कर 14-15 क्विंटल ही धान लिया जा रहा है, बल्कि सिर्फ 2300 की दर से भुगतान किया जा रहा है, किसान समिति के चक्कर काट रहे हैं बारदाने की व्यवस्था भी नहीं है।न हि धान का उठाव भी नहीं हो रहा है उन्होंने कहा कि हम जमीनी स्तर पर किसानों के लिए लड़ाई लड़ेंगे।







