प्राचार्य की गोली मारकर हत्या पर शिक्षक कांग्रेस चिंतित:हत्यारे को कड़ी सजा दिलाने और शिक्षकों को सुरक्षा देने की मांग

हायर सेकंडरी स्कूल धमोरा (छतरपुर) के प्राचार्य एसके सक्सेना की उन्हीं के स्कूल के छात्र ने गोली मारकर हत्या कर दी। इस घटना पर मध्य प्रदेश शिक्षक कांग्रेस ने चिंता जताई है और शिक्षकों को सुरक्षा प्रदान करने की मांग सरकार से की है। संगठन के प्रांत अध्यक्ष सतीश शर्मा ने कहा कि यह चिंता का विषय है कि स्कूल में शिक्षक भी सुरक्षित नहीं हैं। शर्मा ने आरोपी छात्र को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने और स्कूलों में घटित होने वाले प्रत्येक घटनाक्रम को गंभीरता से लेने की मांग की है। छात्र द्वारा शिक्षक से बदसलूकी करने के मामले आम हैं। पिछले दिनों सीएम राइज स्कूल रशीदिया भोपाल में एक छात्र ने शिक्षक को थप्पड़ रसीद कर दिया। इस मामले में छात्र को 15 दिन के लिए स्कूल से निलंबित तो किया गया है, पर स्थाई समाधान नहीं खोजा गया। शर्मा कहते हैं कि आज के बच्चे असहनशील हो रहे हैं, वे छोटी-छोटी बातों पर पलटवार करने लगे हैं। इसलिए स्कूलों में शिक्षकों की सुरक्षा के लिए जल्द ही ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। वहीं छात्र-शिक्षक और शिक्षकों के आपसी विवादों को गंभीरता से लेकर उनका समय से हल निकाल लेना चाहिए। ऐसे ज्यादातर मामलों में देखने में आया है कि वरिष्ठ स्तर से मामलों को टालने की कोशिश की जाती है।

प्राचार्य की गोली मारकर हत्या पर शिक्षक कांग्रेस चिंतित:हत्यारे को कड़ी सजा दिलाने और शिक्षकों को सुरक्षा देने की मांग
हायर सेकंडरी स्कूल धमोरा (छतरपुर) के प्राचार्य एसके सक्सेना की उन्हीं के स्कूल के छात्र ने गोली मारकर हत्या कर दी। इस घटना पर मध्य प्रदेश शिक्षक कांग्रेस ने चिंता जताई है और शिक्षकों को सुरक्षा प्रदान करने की मांग सरकार से की है। संगठन के प्रांत अध्यक्ष सतीश शर्मा ने कहा कि यह चिंता का विषय है कि स्कूल में शिक्षक भी सुरक्षित नहीं हैं। शर्मा ने आरोपी छात्र को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने और स्कूलों में घटित होने वाले प्रत्येक घटनाक्रम को गंभीरता से लेने की मांग की है। छात्र द्वारा शिक्षक से बदसलूकी करने के मामले आम हैं। पिछले दिनों सीएम राइज स्कूल रशीदिया भोपाल में एक छात्र ने शिक्षक को थप्पड़ रसीद कर दिया। इस मामले में छात्र को 15 दिन के लिए स्कूल से निलंबित तो किया गया है, पर स्थाई समाधान नहीं खोजा गया। शर्मा कहते हैं कि आज के बच्चे असहनशील हो रहे हैं, वे छोटी-छोटी बातों पर पलटवार करने लगे हैं। इसलिए स्कूलों में शिक्षकों की सुरक्षा के लिए जल्द ही ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। वहीं छात्र-शिक्षक और शिक्षकों के आपसी विवादों को गंभीरता से लेकर उनका समय से हल निकाल लेना चाहिए। ऐसे ज्यादातर मामलों में देखने में आया है कि वरिष्ठ स्तर से मामलों को टालने की कोशिश की जाती है।