मनरेगा मजदूरों ने किया प्रदर्शन, लगाए आरोप - मांगा मुआवजा:हम काम मांग रहे, नहीं मिल रहा, आराजी लाइन ब्लाक पर की नारेबाजी
मनरेगा मजदूरों ने किया प्रदर्शन, लगाए आरोप - मांगा मुआवजा:हम काम मांग रहे, नहीं मिल रहा, आराजी लाइन ब्लाक पर की नारेबाजी
वाराणसी में मनरेगा दिवस के मौके पर सोमवार को मनरेगा मजदूरों ने आराजी लाइन ब्लॉक पर धरना प्रदर्शन किया। पेंशन, हेल्थ कार्ड, वेतन में देरी पर मुआवजा समेत अन्य मांगों को लेकर मजदूर लंबे समय से प्रदर्शन कर रहे हैं। अपनी मांगों को लेकर ब्लॉक मुख्यालय पर पहुंचे मनरेगा मजदूरों ने आरोप लगाया कि स्थानीय सरकारी कर्मचारियों की मिलीभगत के चलते काम नहीं मिल रहा। मनरेगा मजदूर यूनियन ने धरना प्रदर्शन के दौरान खंड विकास अधिकारी सुरेंद्र सिंह यादव और मौके पर मौजूद ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि डॉक्टर महेंद्र सिंह पटेल को अपनी समस्याओं और उसके निराकरण को लेकर मांग पत्र को सौंपा। हम काम मांग रहे, मिल नहीं रहा स्वास्थ्य कार्ड,राशन कार्ड, पेंशन समेत विभिन्न मांगों को लेकर पहुंचे मनरेगा मजदूरों का कहना था कि वह लगातार काम की मांग कर रहे हैं लेकिन सरकारी कर्मचारियों की हीलाहवाली के चलते काम नहीं मिल रहा है। महंगाई बढ़ती जा रही है तो दूसरी तरफ मजदूरों की मजदूरी इस वर्ष मात्र 07 रुपया बढ़ाई गई। 800 मिले मजदूरी मनरेगा मजदूरों ने निर्धारित न्यूनतम दैनिक मजदूरी 800 रूपये की मांग की। रमेश राठौर ने उच्चतम न्यायलय के फैसलें के अनुसार एक समान काम का एक समान वेतन का नियम मनरेगा मजदूरों के लिये लागू करने की बात कही। मनरेगा मजदूरों ने 15 दिन के अंदर मजदूरी का भुगतान नहीं होने पर वेतन अधिनियम 1936 के तहत मुआवजा की मांग की। प्रदर्शन करने वालों में रेनू पटेल, अनिल मौर्य, पूजा, सरोज, मंगरा, सपना, अनिता, आशा, मुश्तफा, आराधना, कविता, सोनी, अंजनी, रामपत्ति, केवला, मनोरमा, प्रियंका, सुमन, चंदा,रामदुलारी, सुनैना,धर्मा,सुग्गी समेत कई मनरेगा मजदूर शामिल थे।
वाराणसी में मनरेगा दिवस के मौके पर सोमवार को मनरेगा मजदूरों ने आराजी लाइन ब्लॉक पर धरना प्रदर्शन किया। पेंशन, हेल्थ कार्ड, वेतन में देरी पर मुआवजा समेत अन्य मांगों को लेकर मजदूर लंबे समय से प्रदर्शन कर रहे हैं। अपनी मांगों को लेकर ब्लॉक मुख्यालय पर पहुंचे मनरेगा मजदूरों ने आरोप लगाया कि स्थानीय सरकारी कर्मचारियों की मिलीभगत के चलते काम नहीं मिल रहा। मनरेगा मजदूर यूनियन ने धरना प्रदर्शन के दौरान खंड विकास अधिकारी सुरेंद्र सिंह यादव और मौके पर मौजूद ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि डॉक्टर महेंद्र सिंह पटेल को अपनी समस्याओं और उसके निराकरण को लेकर मांग पत्र को सौंपा। हम काम मांग रहे, मिल नहीं रहा स्वास्थ्य कार्ड,राशन कार्ड, पेंशन समेत विभिन्न मांगों को लेकर पहुंचे मनरेगा मजदूरों का कहना था कि वह लगातार काम की मांग कर रहे हैं लेकिन सरकारी कर्मचारियों की हीलाहवाली के चलते काम नहीं मिल रहा है। महंगाई बढ़ती जा रही है तो दूसरी तरफ मजदूरों की मजदूरी इस वर्ष मात्र 07 रुपया बढ़ाई गई। 800 मिले मजदूरी मनरेगा मजदूरों ने निर्धारित न्यूनतम दैनिक मजदूरी 800 रूपये की मांग की। रमेश राठौर ने उच्चतम न्यायलय के फैसलें के अनुसार एक समान काम का एक समान वेतन का नियम मनरेगा मजदूरों के लिये लागू करने की बात कही। मनरेगा मजदूरों ने 15 दिन के अंदर मजदूरी का भुगतान नहीं होने पर वेतन अधिनियम 1936 के तहत मुआवजा की मांग की। प्रदर्शन करने वालों में रेनू पटेल, अनिल मौर्य, पूजा, सरोज, मंगरा, सपना, अनिता, आशा, मुश्तफा, आराधना, कविता, सोनी, अंजनी, रामपत्ति, केवला, मनोरमा, प्रियंका, सुमन, चंदा,रामदुलारी, सुनैना,धर्मा,सुग्गी समेत कई मनरेगा मजदूर शामिल थे।