आलीराजपुर: ठगी करने वालों पर पुलिस की कार्रवाई:70% मुनाफे का झांसा देकर ठगे 2 लाख; एडवाइजरी कंपनी के 2 आरोपी गिरफ्तार, 3 फरार
आलीराजपुर: ठगी करने वालों पर पुलिस की कार्रवाई:70% मुनाफे का झांसा देकर ठगे 2 लाख; एडवाइजरी कंपनी के 2 आरोपी गिरफ्तार, 3 फरार
उज्जैन में चल रहे शेयर मार्केट के बड़े फर्जीवाड़े का आलीराजपुर पुलिस ने रविवार को पर्दाफाश किया। पुलिस ने फर्जी एडवाइजरी कंपनी चलाकर लोगों को ठगने वाले गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने एक व्यक्ति से 2.05 लाख रुपए की धोखाधड़ी की थी। पीड़ित महेश कुमार वाणी को जून 2024 में भारत कैपिटल नाम की कथित एडवाइजरी कंपनी से फोन आया था। कॉलर ने 70-80% मुनाफे की गारंटी देकर निवेश के लिए राजी किया और 20% कमीशन मांगा। आरोपियों ने डीमैट अकाउंट की बजाय अपने निजी खातों में पैसे ट्रांसफर करा लिए और फर्जी वेब पेज के जरिए ट्रेडिंग के झूठे स्क्रीनशॉट भेजते रहे। इनको किया गिरफ्तार पुलिस अधीक्षक राजेश व्यास के निर्देशन में गठित टीम ने 30 जनवरी को अंकुश प्रजापत उर्फ अनुज राय और अभय मालवीय उर्फ रुद्रप्रकाश शर्मा को गिरफ्तार किया। जांच में पता चला कि आरोपी उज्जैन में फर्जी एडवाइजरी कंपनी चला रहे थे। जहां बेरोजगार युवाओं को टेलीकॉलिंग के लिए रखा जाता था। ये लोग शेयर मार्केट में ट्रेडिंग करने वालों की डेटाशीट के आधार पर संपर्क कर उन्हें झांसा देते थे। पुलिस अभी गिरोह के तीन अन्य सदस्यों - राहुल परमार, प्रवीण गोमे और चंदनसिंह भदौरिया उर्फ चरु भदौरिया की तलाश कर रही है। इस गिरोह का मामला 10 जनवरी को सामने आया। जब पीड़ित ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।
उज्जैन में चल रहे शेयर मार्केट के बड़े फर्जीवाड़े का आलीराजपुर पुलिस ने रविवार को पर्दाफाश किया। पुलिस ने फर्जी एडवाइजरी कंपनी चलाकर लोगों को ठगने वाले गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने एक व्यक्ति से 2.05 लाख रुपए की धोखाधड़ी की थी। पीड़ित महेश कुमार वाणी को जून 2024 में भारत कैपिटल नाम की कथित एडवाइजरी कंपनी से फोन आया था। कॉलर ने 70-80% मुनाफे की गारंटी देकर निवेश के लिए राजी किया और 20% कमीशन मांगा। आरोपियों ने डीमैट अकाउंट की बजाय अपने निजी खातों में पैसे ट्रांसफर करा लिए और फर्जी वेब पेज के जरिए ट्रेडिंग के झूठे स्क्रीनशॉट भेजते रहे। इनको किया गिरफ्तार पुलिस अधीक्षक राजेश व्यास के निर्देशन में गठित टीम ने 30 जनवरी को अंकुश प्रजापत उर्फ अनुज राय और अभय मालवीय उर्फ रुद्रप्रकाश शर्मा को गिरफ्तार किया। जांच में पता चला कि आरोपी उज्जैन में फर्जी एडवाइजरी कंपनी चला रहे थे। जहां बेरोजगार युवाओं को टेलीकॉलिंग के लिए रखा जाता था। ये लोग शेयर मार्केट में ट्रेडिंग करने वालों की डेटाशीट के आधार पर संपर्क कर उन्हें झांसा देते थे। पुलिस अभी गिरोह के तीन अन्य सदस्यों - राहुल परमार, प्रवीण गोमे और चंदनसिंह भदौरिया उर्फ चरु भदौरिया की तलाश कर रही है। इस गिरोह का मामला 10 जनवरी को सामने आया। जब पीड़ित ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।