मेरे पास भी आया था साइबर ठग का फोन:विधायक ने दी समझाइश, साइबर ठगी पर कलेक्टर ने OTP शेयर न करने दी सलाह

रायसेन पुलिस द्वारा साइबर अपराधों से आमजन को सुरक्षित रखने के लिए साइबर जागरूकता अभियान 1 से 11 फरवरी तक चलाया जा रहा है। रविवार को एसपी कार्यालय में एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें सांची विधायक डॉ. प्रभुराम चौधरी, कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा और एसपी पंकज कुमार पाण्डेय अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश कुमार खुरपुसे ने जागरूकता रैली और रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम में सांची विधायक डॉ. प्रभुराम चौधरी ने एक अपना अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि तीन दिन पहले उन्हें एक साइबर ठग का फोन आया, जिसने खुद को सिलवानी बैंक का मैनेजर बताते हुए बैंक में जगह निकले को कहा ठग ने कहा आप नाम बता दीजिए किस किस को रखना है। 30 हजार रुपए वेतन देने को कहा जब विधायक ने वेतन के बारे में पूछा तो ठग ने 30 हजार रुपए बताए, तो उन्होंने फोन काट दिया। बाद में जब ठग ने दोबारा फोन किया, तो उन्होंने अधिक जानकारी मांगी, जिस पर ठग ने फोन काट दिया। ओटीपी किसी से साझा न करने का आग्रह किया कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा ने इस अवसर पर जिले के नागरिकों को साइबर सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने ऑनलाइन लेनदेन में सावधानी बरतने, अनजान लिंक से दूर रहने और बैंक डिटेल या ओटीपी किसी से साझा न करने का आग्रह किया। कलेक्टर ने नर्सिंग छात्राओं के साथ ली सेल्फी उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी से दूरी बनाने की बजाय उसका सुरक्षित उपयोग करना चाहिए। कार्यक्रम में नर्सिंग हॉस्टल की छात्राओं ने कलेक्टर के साथ सेल्फी लेने की इच्छा जताई, जिस पर कलेक्टर ने स्वयं मोबाइल लेकर छात्राओं के साथ सेल्फी ली। संदेह पर 1930 पर करें शिकायत पुलिस अधीक्षक ने विशेष रूप से 'डिजिटल अरेस्ट' जैसे नए साइबर फ्रॉड के बारे में आगाह किया। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दें। कभी भी किसी अनजान व्यक्ति के साथ अपना ओटीपी या बैंक खाते की जानकारी साझा न करें। देखिए कार्यक्रम के दौरान ली गई तस्वीरें...

मेरे पास भी आया था साइबर ठग का फोन:विधायक ने दी समझाइश, साइबर ठगी पर कलेक्टर ने OTP शेयर न करने दी सलाह
रायसेन पुलिस द्वारा साइबर अपराधों से आमजन को सुरक्षित रखने के लिए साइबर जागरूकता अभियान 1 से 11 फरवरी तक चलाया जा रहा है। रविवार को एसपी कार्यालय में एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें सांची विधायक डॉ. प्रभुराम चौधरी, कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा और एसपी पंकज कुमार पाण्डेय अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश कुमार खुरपुसे ने जागरूकता रैली और रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम में सांची विधायक डॉ. प्रभुराम चौधरी ने एक अपना अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि तीन दिन पहले उन्हें एक साइबर ठग का फोन आया, जिसने खुद को सिलवानी बैंक का मैनेजर बताते हुए बैंक में जगह निकले को कहा ठग ने कहा आप नाम बता दीजिए किस किस को रखना है। 30 हजार रुपए वेतन देने को कहा जब विधायक ने वेतन के बारे में पूछा तो ठग ने 30 हजार रुपए बताए, तो उन्होंने फोन काट दिया। बाद में जब ठग ने दोबारा फोन किया, तो उन्होंने अधिक जानकारी मांगी, जिस पर ठग ने फोन काट दिया। ओटीपी किसी से साझा न करने का आग्रह किया कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा ने इस अवसर पर जिले के नागरिकों को साइबर सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने ऑनलाइन लेनदेन में सावधानी बरतने, अनजान लिंक से दूर रहने और बैंक डिटेल या ओटीपी किसी से साझा न करने का आग्रह किया। कलेक्टर ने नर्सिंग छात्राओं के साथ ली सेल्फी उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी से दूरी बनाने की बजाय उसका सुरक्षित उपयोग करना चाहिए। कार्यक्रम में नर्सिंग हॉस्टल की छात्राओं ने कलेक्टर के साथ सेल्फी लेने की इच्छा जताई, जिस पर कलेक्टर ने स्वयं मोबाइल लेकर छात्राओं के साथ सेल्फी ली। संदेह पर 1930 पर करें शिकायत पुलिस अधीक्षक ने विशेष रूप से 'डिजिटल अरेस्ट' जैसे नए साइबर फ्रॉड के बारे में आगाह किया। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दें। कभी भी किसी अनजान व्यक्ति के साथ अपना ओटीपी या बैंक खाते की जानकारी साझा न करें। देखिए कार्यक्रम के दौरान ली गई तस्वीरें...