लखनऊ में फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़:STF ने विदेशी नागरिकों से ठगी करने वाले संचालक को किया गिरफ्तार; हेल्थ इंश्योरेंस और सब्सिडी का देता था लालच
लखनऊ में फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़:STF ने विदेशी नागरिकों से ठगी करने वाले संचालक को किया गिरफ्तार; हेल्थ इंश्योरेंस और सब्सिडी का देता था लालच
एसटीएफ उत्तर प्रदेश ने लखनऊ के गोमती नगर रेलवे स्टेशन के पास चल रहे एक फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है। यह कॉल सेंटर विदेशी नागरिकों को हेल्थ इंश्योरेंस और सब्सिडी का लालच देकर ठगी कर रहा था। पुलिस ने कॉल सेंटर के संचालक रूपेश सिंह को गिरफ्तार कर लिया है और मौके से 12 सीपीयू, 15 लैपटॉप, 8 डेबिट/क्रेडिट कार्ड और 3 मोबाइल फोन समेत कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं। कैसे करता था ठगी का खेल? पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी रूपेश सिंह ने बताया कि वह यह कॉल सेंटर अभिषेक पांडेय और रौनक त्रिपाठी के इशारे पर चला रहा था। दोनों उसे विदेशी नागरिकों का डेटा उपलब्ध कराते थे। कॉल सेंटर में काम करने वाले लड़के-लड़कियां अंग्रेजी नामों (जॉन, जॉर्ज, लेविस, क्लार्क आदि) से खुद को विदेशी बताकर हेल्थ इंश्योरेंस और सब्सिडी देने की बात करते थे। जब कोई विदेशी ग्राहक इस ऑफर में रुचि दिखाता, तो उसकी कॉल विदेश में बैठे एजेंटों को फॉरवर्ड कर दी जाती थी। अवैध तरीके से चलता था पूरा नेटवर्क रूपेश सिंह के मुताबिक, यह कॉल सेंटर किसी भी सरकारी विभाग में रजिस्टर्ड नहीं था। सारा ठगी का पैसा अभिषेक पांडेय के बैंक खाते में जाता था, जो अपने नेटवर्क के लोगों को उनके काम के हिसाब से भुगतान करता था। एसटीएफ ने कैसे पकड़ा फर्जी कॉल सेंटर? कुछ समय से एसटीएफ को लखनऊ में ऑनलाइन ठगी करने वाले कॉल सेंटर्स की जानकारी मिल रही थी। 15 फरवरी को सूचना मिली कि गोमती नगर रेलवे स्टेशन के पास एक इमारत में ऐसा ही एक फर्जी कॉल सेंटर चल रहा है। इसके बाद पुलिस ने छापेमारी कर कंचन टावर के दूसरे और तीसरे तल पर संचालित इस फर्जी कॉल सेंटर को पकड़ा और इसके संचालक रूपेश सिंह को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पर लखनऊ में केस दर्ज रूपेश सिंह के खिलाफ विभूतिखंड थाने में आईटी एक्ट और साइबर फ्रॉड की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। अब पुलिस अभिषेक पांडेय और रौनक त्रिपाठी की तलाश कर रही है, जो इस ठगी नेटवर्क के मुख्य सरगना बताए जा रहे हैं।
एसटीएफ उत्तर प्रदेश ने लखनऊ के गोमती नगर रेलवे स्टेशन के पास चल रहे एक फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है। यह कॉल सेंटर विदेशी नागरिकों को हेल्थ इंश्योरेंस और सब्सिडी का लालच देकर ठगी कर रहा था। पुलिस ने कॉल सेंटर के संचालक रूपेश सिंह को गिरफ्तार कर लिया है और मौके से 12 सीपीयू, 15 लैपटॉप, 8 डेबिट/क्रेडिट कार्ड और 3 मोबाइल फोन समेत कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं। कैसे करता था ठगी का खेल? पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी रूपेश सिंह ने बताया कि वह यह कॉल सेंटर अभिषेक पांडेय और रौनक त्रिपाठी के इशारे पर चला रहा था। दोनों उसे विदेशी नागरिकों का डेटा उपलब्ध कराते थे। कॉल सेंटर में काम करने वाले लड़के-लड़कियां अंग्रेजी नामों (जॉन, जॉर्ज, लेविस, क्लार्क आदि) से खुद को विदेशी बताकर हेल्थ इंश्योरेंस और सब्सिडी देने की बात करते थे। जब कोई विदेशी ग्राहक इस ऑफर में रुचि दिखाता, तो उसकी कॉल विदेश में बैठे एजेंटों को फॉरवर्ड कर दी जाती थी। अवैध तरीके से चलता था पूरा नेटवर्क रूपेश सिंह के मुताबिक, यह कॉल सेंटर किसी भी सरकारी विभाग में रजिस्टर्ड नहीं था। सारा ठगी का पैसा अभिषेक पांडेय के बैंक खाते में जाता था, जो अपने नेटवर्क के लोगों को उनके काम के हिसाब से भुगतान करता था। एसटीएफ ने कैसे पकड़ा फर्जी कॉल सेंटर? कुछ समय से एसटीएफ को लखनऊ में ऑनलाइन ठगी करने वाले कॉल सेंटर्स की जानकारी मिल रही थी। 15 फरवरी को सूचना मिली कि गोमती नगर रेलवे स्टेशन के पास एक इमारत में ऐसा ही एक फर्जी कॉल सेंटर चल रहा है। इसके बाद पुलिस ने छापेमारी कर कंचन टावर के दूसरे और तीसरे तल पर संचालित इस फर्जी कॉल सेंटर को पकड़ा और इसके संचालक रूपेश सिंह को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पर लखनऊ में केस दर्ज रूपेश सिंह के खिलाफ विभूतिखंड थाने में आईटी एक्ट और साइबर फ्रॉड की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। अब पुलिस अभिषेक पांडेय और रौनक त्रिपाठी की तलाश कर रही है, जो इस ठगी नेटवर्क के मुख्य सरगना बताए जा रहे हैं।