शादी की फायरिंग में मासूम की मौत:पिता बोले- मैं रोते बेटे को चुप कराने के लिए छज्जे पर गया; वो हमेशा के लिए शांत हो गया

'मेरा अंश इस दुनिया में नहीं रहा, उसकी एक साल की छोटी बहन बार-बार अपने भाई को तलाश रही है। वह कभी बेड के नीचे झांकती है तो कभी दरवाजे पर। पत्नी को होश नहीं आ रहा है, वह बदहवास हालत में पथराई आंखों से बस बेटे को याद कर रो पड़ती है। मैं खुद को कोश रहा हूं, कि अपने रोते हुए बेटे को चुप कराने के लिए छज्जे पर ले गया। वो शादी देखकर बहुत खुश हो रहा था। उसकी हंसी देखकर मैं कुछ देर के लिए रुक गया। लेकिन, कुछ देर में ही बेटा हमेशा के लिए शांत हो गया।' ये दर्द उस पिता का है जिसके 3 साल के बेटे की शादी समारोह में हर्ष फायरिंग में गोली चलने से मौत हो गई? ये घटना कैसे हुई? परिवार कहां था..? बच्चा किसकी गोद में खेल रहा था? ये जानने के लिए दैनिक भास्कर की टीम ने पिता से बात की, परिवार का हाल जाना। पढ़िए पूरी रिपोर्ट पहले जानिए पूरा मामला... नोएडा में ढाई साल के बच्चे अंश की मौत हर्ष फायरिंग से हो गई। रविवार शाम को एक बारात की घुड़चढ़ी के दौरान हर्ष फायरिंग की गई थी। इसमें पिता विकास की गोद में छज्जे से शादी को देख रहे ढाई साल के बच्चे की गर्दन में एक गोली लगी। ये गोली बच्चे की गर्दन में घुसकर सिर के ऊपर से निकल गई। बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई। अब पढ़िए पिता दर्द जो छोटे से बच्चे को चुप कराने ले गया था इस घटना के बाद जब दैनिक भास्कर की टीम मौके पर पहुंची तो वहां कोई नहीं मिला। आस पास के लोगों से पूछने पर पता चला कि ये लोग यहां कुछ दिन पहले ही किराए पर रहने आए थे। बेटे की मौत के बाद पत्नी का बहुत बुरा हाल था उसे गांव भेज दिया गया है। बच्चे के पिता और परिवार के अन्य लोग पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचे हैं। घर से निकलने के बाद हम पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचे, यहां हमारी मुलाकात बच्चे के पिता विकास से हुई। गमगीन माहौल में वे बात करने के लिए तैयार हुए। बात शुरू करते ही तपाक से बस यही सवाल किया, मेरे बेटे का क्या दोष था? उसके ही गोली क्यों लगी? हमारी तो दुनिया ही उजड़ गई। हमने कुछ आश्वासन दिया तो संभलते हुए पूरी बात बताने लगे। 15 मिनट तक मुझे पता नहीं चला कि बेटे को गोली लगी है विकास ने बताया-रविवार रात को करीब साढ़े सात बजा होगा। मैं बाहर के कुछ काम निपटाकर घर आया था। मेरा बेटा जोर जोर से रो रहा था। पत्नी संतोषी कहने लगीं इसे बाह घुमा दो। नीचे एक बारात का बैंड बज रहा था। मैंने सोचा थोड़ा शादी का बैंड दिखा दूंगा चुप हो जाएगा। आठ बजे के करीब मैं अपने बेटे को लेकर छज्जे पर खड़ा हो गया। आधे घंटे तक मैं छज्जे पर खड़ा था, मेरा बेटा शादी को देखकर चुप हो गया और वो हंस रहा था। मैं और देर तक खड़ा रहा, इसी बीच दो तीन लोग बग्घी पर चढ़कर फायरिंग करने लगे। तीन चार राउंड गोलियां चली होंगी। हमें कुछ समझ ही नहीं आया, थोड़ी देर बाद मेरे हाथ में खून-खून दिखाई देने लगा। मैं एक दम से चौंका कि ये खून कहां से आ गया। बेटे को दूसरी गोद में किया और हाथ खून पोछने लगा। तब तक मेरा बेटा शून्य हो चुका। करीब 15 मिनट तक तो मुझे पता ही नहीं चला कि मेरे बेटे को गोली लगी है। इसके बाद मेरा बेटा बेहोश हो गया। हमें कुछ समझ नहीं आ रहा था, अब मुझे लगा कि मेरे बेटे को गोली लग गई है। मैं चीखते हुए बेटे को अस्पताल लेकर निकला। मेरी पत्नी भी बदहवास सी पीछे भागी। हम लोग बेटे को सबसे पास में स्थित प्रयाग हॉस्पिटल लेकर गए। यहां डॉक्टरों ने चेक करते बता दिया की बेटे की डेथ हो गई है। ये सुनकर हमारे पैरों तले जमीन खिसक गई। मैं अपनी पत्नी को कुछ बता भी नहीं पा रहा था। रात भर रोते रोते उसकी आंखें पथरा गईं। हम लोग यहां अकेले ही रह रहे थे इसलिए सुबह पत्नी को संभल स्थित अपने गांव भेज दिया ताकि परिवार के लोग उसकी हिम्मत बंधा सकें। मेरी गोद में बेटे ने दम तोड़ दिया मैं कुछ न कर सका विकास ने बताया-मेरी दो महीने पहले नोएडा की एक फर्म में नौकरी लगी थी। कुछ दिन काम करने के बाद पत्नी और बच्चों को भी साथ ले आया था। यहां चौथी मंजिल पर मकान मिल गया था। सोचा था अब पत्नी और बच्चों को यहीं पर रखूंगा। उनकी यहां पढ़ाई लिखाई भी हो जाएगी। इसी बार बेटे का एडमिशन भी करवाना था। अब वह पूरे घर में कॉपी लिए लिए घूमता था। मुझे क्या पता था एक घटना पूरा परिवार बर्बाद कर देगी। मेरी गोद में बेटे ने दम तोड़ दिया। मैं कुछ न कर सका। मेरी एक साल की बेटी बस एक दूसरे को देखकर रो रही है। उसे तो यह भी नहीं पता कि उसका भाइ चला गया। अब हम इस शहर में कभी नहीं आएंगे। 4 साल पहले हुई थी शादी, जुलाई 22 में हुआ था बेटा विकास ने बताया-हमारी 4 साल पहले हुई थी। 11 जुलाई 2022 को अंश पैदा हुआ था। हम सभी ने खूब खुशियां बांटी। इस बार भी प्लान था कि जुलाई में अंश का जन्म दिन धूमधाम से मनाएंगे। बहुत सपने संजोया थे। इसकी एक बहन भी है। एक साल की है उसने अपने भाई को खो दिया है। हमने अपना सब कुछ खो दिया। हमारा बस इतना कसूर था कि बच्चे को लेकर छज्जे पर खड़े हो गए। ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए जो शादी जैसी खुशियों को मातम में बदल देते हैं। पता नहीं पुलिस इन लोगों पर क्या कार्रवाई करेगी अब कुछ भी पर मेरी दुनिया उजड़ चुकी है। अब बताते है FIR में क्या है अगाहपुर गांव में बलवीर की बेटी बारात हमारे घर के सामने से रात करीब साढ़े आठ बजे जा रही थी। इसी समय मैं (विकास) अपने ढाई साल के बेटे को गोद में लेकर छज्जे पर खडे़ होकर बारात देख रहा था। तभी दो व्यक्तियों ने बग्गी पर चढ़कर हर्ष फायरिंग चालू की दी। जिससे मेरी गोद में बैठे बेटे के सिर में गोली लग गई। जिसको तुरंत प्रयाग अस्पताल इलाज के लिए दाखिल कराया। जहां इलाज के दौरान अंश की मौत हो गई। बाद में लोगों से बातचीत की। जिसमें पता चला कि बलवीर के यहां जो गुरुग्राम से बारात आई है। जिन लड़कों ने हर्ष फायरिंग की जिसमें एक हैप्पी दूसरा दीपांशू है। परिजन बोले- जब हर्ष फायरिंग पर प्रतिबंध तो कैसे हो रही पोस्टमॉर्टम हाउस में अंश के पिता विकास, मामा, बाबा समेत परिवार के और लोग भी मौजूद थे। पोस्टमॉर्टम अंदर चल रहा था वो बाहर

शादी की फायरिंग में मासूम की मौत:पिता बोले- मैं रोते बेटे को चुप कराने के लिए छज्जे पर गया; वो हमेशा के लिए शांत हो गया
'मेरा अंश इस दुनिया में नहीं रहा, उसकी एक साल की छोटी बहन बार-बार अपने भाई को तलाश रही है। वह कभी बेड के नीचे झांकती है तो कभी दरवाजे पर। पत्नी को होश नहीं आ रहा है, वह बदहवास हालत में पथराई आंखों से बस बेटे को याद कर रो पड़ती है। मैं खुद को कोश रहा हूं, कि अपने रोते हुए बेटे को चुप कराने के लिए छज्जे पर ले गया। वो शादी देखकर बहुत खुश हो रहा था। उसकी हंसी देखकर मैं कुछ देर के लिए रुक गया। लेकिन, कुछ देर में ही बेटा हमेशा के लिए शांत हो गया।' ये दर्द उस पिता का है जिसके 3 साल के बेटे की शादी समारोह में हर्ष फायरिंग में गोली चलने से मौत हो गई? ये घटना कैसे हुई? परिवार कहां था..? बच्चा किसकी गोद में खेल रहा था? ये जानने के लिए दैनिक भास्कर की टीम ने पिता से बात की, परिवार का हाल जाना। पढ़िए पूरी रिपोर्ट पहले जानिए पूरा मामला... नोएडा में ढाई साल के बच्चे अंश की मौत हर्ष फायरिंग से हो गई। रविवार शाम को एक बारात की घुड़चढ़ी के दौरान हर्ष फायरिंग की गई थी। इसमें पिता विकास की गोद में छज्जे से शादी को देख रहे ढाई साल के बच्चे की गर्दन में एक गोली लगी। ये गोली बच्चे की गर्दन में घुसकर सिर के ऊपर से निकल गई। बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई। अब पढ़िए पिता दर्द जो छोटे से बच्चे को चुप कराने ले गया था इस घटना के बाद जब दैनिक भास्कर की टीम मौके पर पहुंची तो वहां कोई नहीं मिला। आस पास के लोगों से पूछने पर पता चला कि ये लोग यहां कुछ दिन पहले ही किराए पर रहने आए थे। बेटे की मौत के बाद पत्नी का बहुत बुरा हाल था उसे गांव भेज दिया गया है। बच्चे के पिता और परिवार के अन्य लोग पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचे हैं। घर से निकलने के बाद हम पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचे, यहां हमारी मुलाकात बच्चे के पिता विकास से हुई। गमगीन माहौल में वे बात करने के लिए तैयार हुए। बात शुरू करते ही तपाक से बस यही सवाल किया, मेरे बेटे का क्या दोष था? उसके ही गोली क्यों लगी? हमारी तो दुनिया ही उजड़ गई। हमने कुछ आश्वासन दिया तो संभलते हुए पूरी बात बताने लगे। 15 मिनट तक मुझे पता नहीं चला कि बेटे को गोली लगी है विकास ने बताया-रविवार रात को करीब साढ़े सात बजा होगा। मैं बाहर के कुछ काम निपटाकर घर आया था। मेरा बेटा जोर जोर से रो रहा था। पत्नी संतोषी कहने लगीं इसे बाह घुमा दो। नीचे एक बारात का बैंड बज रहा था। मैंने सोचा थोड़ा शादी का बैंड दिखा दूंगा चुप हो जाएगा। आठ बजे के करीब मैं अपने बेटे को लेकर छज्जे पर खड़ा हो गया। आधे घंटे तक मैं छज्जे पर खड़ा था, मेरा बेटा शादी को देखकर चुप हो गया और वो हंस रहा था। मैं और देर तक खड़ा रहा, इसी बीच दो तीन लोग बग्घी पर चढ़कर फायरिंग करने लगे। तीन चार राउंड गोलियां चली होंगी। हमें कुछ समझ ही नहीं आया, थोड़ी देर बाद मेरे हाथ में खून-खून दिखाई देने लगा। मैं एक दम से चौंका कि ये खून कहां से आ गया। बेटे को दूसरी गोद में किया और हाथ खून पोछने लगा। तब तक मेरा बेटा शून्य हो चुका। करीब 15 मिनट तक तो मुझे पता ही नहीं चला कि मेरे बेटे को गोली लगी है। इसके बाद मेरा बेटा बेहोश हो गया। हमें कुछ समझ नहीं आ रहा था, अब मुझे लगा कि मेरे बेटे को गोली लग गई है। मैं चीखते हुए बेटे को अस्पताल लेकर निकला। मेरी पत्नी भी बदहवास सी पीछे भागी। हम लोग बेटे को सबसे पास में स्थित प्रयाग हॉस्पिटल लेकर गए। यहां डॉक्टरों ने चेक करते बता दिया की बेटे की डेथ हो गई है। ये सुनकर हमारे पैरों तले जमीन खिसक गई। मैं अपनी पत्नी को कुछ बता भी नहीं पा रहा था। रात भर रोते रोते उसकी आंखें पथरा गईं। हम लोग यहां अकेले ही रह रहे थे इसलिए सुबह पत्नी को संभल स्थित अपने गांव भेज दिया ताकि परिवार के लोग उसकी हिम्मत बंधा सकें। मेरी गोद में बेटे ने दम तोड़ दिया मैं कुछ न कर सका विकास ने बताया-मेरी दो महीने पहले नोएडा की एक फर्म में नौकरी लगी थी। कुछ दिन काम करने के बाद पत्नी और बच्चों को भी साथ ले आया था। यहां चौथी मंजिल पर मकान मिल गया था। सोचा था अब पत्नी और बच्चों को यहीं पर रखूंगा। उनकी यहां पढ़ाई लिखाई भी हो जाएगी। इसी बार बेटे का एडमिशन भी करवाना था। अब वह पूरे घर में कॉपी लिए लिए घूमता था। मुझे क्या पता था एक घटना पूरा परिवार बर्बाद कर देगी। मेरी गोद में बेटे ने दम तोड़ दिया। मैं कुछ न कर सका। मेरी एक साल की बेटी बस एक दूसरे को देखकर रो रही है। उसे तो यह भी नहीं पता कि उसका भाइ चला गया। अब हम इस शहर में कभी नहीं आएंगे। 4 साल पहले हुई थी शादी, जुलाई 22 में हुआ था बेटा विकास ने बताया-हमारी 4 साल पहले हुई थी। 11 जुलाई 2022 को अंश पैदा हुआ था। हम सभी ने खूब खुशियां बांटी। इस बार भी प्लान था कि जुलाई में अंश का जन्म दिन धूमधाम से मनाएंगे। बहुत सपने संजोया थे। इसकी एक बहन भी है। एक साल की है उसने अपने भाई को खो दिया है। हमने अपना सब कुछ खो दिया। हमारा बस इतना कसूर था कि बच्चे को लेकर छज्जे पर खड़े हो गए। ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए जो शादी जैसी खुशियों को मातम में बदल देते हैं। पता नहीं पुलिस इन लोगों पर क्या कार्रवाई करेगी अब कुछ भी पर मेरी दुनिया उजड़ चुकी है। अब बताते है FIR में क्या है अगाहपुर गांव में बलवीर की बेटी बारात हमारे घर के सामने से रात करीब साढ़े आठ बजे जा रही थी। इसी समय मैं (विकास) अपने ढाई साल के बेटे को गोद में लेकर छज्जे पर खडे़ होकर बारात देख रहा था। तभी दो व्यक्तियों ने बग्गी पर चढ़कर हर्ष फायरिंग चालू की दी। जिससे मेरी गोद में बैठे बेटे के सिर में गोली लग गई। जिसको तुरंत प्रयाग अस्पताल इलाज के लिए दाखिल कराया। जहां इलाज के दौरान अंश की मौत हो गई। बाद में लोगों से बातचीत की। जिसमें पता चला कि बलवीर के यहां जो गुरुग्राम से बारात आई है। जिन लड़कों ने हर्ष फायरिंग की जिसमें एक हैप्पी दूसरा दीपांशू है। परिजन बोले- जब हर्ष फायरिंग पर प्रतिबंध तो कैसे हो रही पोस्टमॉर्टम हाउस में अंश के पिता विकास, मामा, बाबा समेत परिवार के और लोग भी मौजूद थे। पोस्टमॉर्टम अंदर चल रहा था वो बाहर खड़े थे, आंखों में आंसू थे बोल रहे थे हमे इंसाफ कब मिलेगा। बाबा गुस्से में बोले जब हर्ष फायरिंग में प्रतिबंध है तो यहां कैसी हो गई। ये पुलिस वाले सिर्फ दिखावा करते हैं। गांव का मामला बताकर कैमरे पर नहीं आए लोग जिस गांव में ये घटना हुई वो अगाहपुर है। दैनिक भास्कर जब गांव गया तो कोई भी कैमरे पर आने को तैयार नहीं हुआ। हालांकि उन्होंने घटना की जानकारी दी और बताया कि ऐसा नहीं होना चाहिए। गांव में तमाम शादियां होती है लेकिन कभी हर्ष फायरिंग नहीं होती। ऐसा पहली बार हुआ ये लोग बाहर के थे। रात भर सिर्फ चहलकदमी ही चलती रही। जल्द भेजेंगे जेल DCP राम बदन सिंह ने बताया कि आरोपियों की पहचान की जा चुकी है। तीन टीम गठित की गई हे। जो आरोपियों की तलाश कर रही हैं। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा। ---------------------------------- दूल्हे के दोस्त ने गोली चलाई...बच्चे के सिर के आर-पार:नोएडा में बग्घी से फायरिंग कर रहा था, छज्जे पर खड़ा था मासूम नोएडा में हर्ष फायरिंग में गोली लगने से ढाई साल के बच्चे की मौत हो गई। घुड़चढ़ी की रस्म के दौरान दूल्हे का दोस्त बग्घी पर खड़े होकर फायरिंग कर रहा था। बच्चा छज्जे पर बारात देख रहा था। परिवार के लोग वीडियो बना रहे थे, तभी गोली बच्चे के सिर में आकर लग गई। बच्चा फर्श पर गिर पड़ा। घरवाले उसे अस्पताल लेकर गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पूरी घटना सेक्टर-41 में करीब साढ़े 10 बजे हुई। फिलहाल, आरोपी फरार है। पढ़ें पूरी खबर