शहरगढ़ में 15 जंगली हाथियों का डेरा:गांवों में हो रही बिजली कटौती; वन विभाग, रेलवे और बिजली कंपनी मिलकर कर रहे सुरक्षा
शहरगढ़ में 15 जंगली हाथियों का डेरा:गांवों में हो रही बिजली कटौती; वन विभाग, रेलवे और बिजली कंपनी मिलकर कर रहे सुरक्षा
शहडोल जिले के ब्यौहारी क्षेत्र में एक बार फिर जंगली हाथियों का झुंड पहुंच गया है। संजय गांधी टाइगर रिजर्व से आए लगभग 15 हाथियों का झुंड शहरगढ़ गांव के आसपास विचरण कर रहा है। वन विभाग ने हाथियों की सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्था की है। विभाग ने एक वॉट्सएप ग्रुप बनाया है, जिसमें वन विभाग, बिजली कंपनी और रेलवे के अधिकारी शामिल हैं। हाथियों के मूवमेंट वाले क्षेत्रों में बिजली कंपनी फीडर की लाइन बंद कर देता है। इससे हाथियों को बिजली से होने वाले खतरे से बचाया जा सकता है। क्षेत्र से होकर रेलवे लाइन भी गुजरती है। वन विभाग के अधिकारी स्टेशन मास्टर के संपर्क में रहते हैं। जरूरत पड़ने पर ट्रेनों की रफ्तार धीमी कराई जाती है। उत्तर वन मंडल ब्यौहारी के एसडीओ रेशम सिंह धुर्वे ने बताया कि वन विभाग की टीम लगातार हाथियों पर नजर बनाए हुए है। हालांकि, बिजली कटौती से ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई बार उन्हें पूरी रात अंधेरे में बिताना पड़ता है। ये हाथी पिछले साल संजय गांधी टाइगर रिजर्व से भटककर यहां आए थे। कुछ समय बाद बांधवगढ़ की ओर चले गए थे। अब मार्च की शुरुआत में वे फिर से ब्यौहारी के आसपास के गांवों में लौट आए हैं। हाथी खेतों को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं।
शहडोल जिले के ब्यौहारी क्षेत्र में एक बार फिर जंगली हाथियों का झुंड पहुंच गया है। संजय गांधी टाइगर रिजर्व से आए लगभग 15 हाथियों का झुंड शहरगढ़ गांव के आसपास विचरण कर रहा है। वन विभाग ने हाथियों की सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्था की है। विभाग ने एक वॉट्सएप ग्रुप बनाया है, जिसमें वन विभाग, बिजली कंपनी और रेलवे के अधिकारी शामिल हैं। हाथियों के मूवमेंट वाले क्षेत्रों में बिजली कंपनी फीडर की लाइन बंद कर देता है। इससे हाथियों को बिजली से होने वाले खतरे से बचाया जा सकता है। क्षेत्र से होकर रेलवे लाइन भी गुजरती है। वन विभाग के अधिकारी स्टेशन मास्टर के संपर्क में रहते हैं। जरूरत पड़ने पर ट्रेनों की रफ्तार धीमी कराई जाती है। उत्तर वन मंडल ब्यौहारी के एसडीओ रेशम सिंह धुर्वे ने बताया कि वन विभाग की टीम लगातार हाथियों पर नजर बनाए हुए है। हालांकि, बिजली कटौती से ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई बार उन्हें पूरी रात अंधेरे में बिताना पड़ता है। ये हाथी पिछले साल संजय गांधी टाइगर रिजर्व से भटककर यहां आए थे। कुछ समय बाद बांधवगढ़ की ओर चले गए थे। अब मार्च की शुरुआत में वे फिर से ब्यौहारी के आसपास के गांवों में लौट आए हैं। हाथी खेतों को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं।