आशीष श्रीवास्तव निलंबित, 14 अक्टूबर से आदेश लागू

आशीष श्रीवास्तव निलंबित, 14 अक्टूबर से आदेश लागू

आशीष श्रीवास्तव निलंबित, 14 अक्टूबर से आदेश लागू

रायपुर। छत्तीसगढ़ के शराब घोटाले से जुड़े मामले में आबकारी विभाग के अपर आयुक्त आशीष श्रीवास्तव को राज्य शासन ने निलंबित कर दिया है। राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण एवं एंटी करप्शन ब्यूरो की जांच के बाद उनके खिलाफ पूरक अभियोग पत्र विशेष न्यायालय, रायपुर में पेश किया गया है।

इसके बाद आबकारी विभाग ने शनिवार को को निलंबन आदेश जारी किया। निलंबन 14 अक्टूबर 2026 से प्रभावी माना जाएगा। निलंबन अवधि में आशीष श्रीवास्तव का मुख्यालय कार्यालय आबकारी आयुक्त, छत्तीसगढ़, नवा रायपुर निर्धारित किया गया है। इस दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा।

जांच के बाद कोर्ट में पेश किया पूरक चालान

विभागीय आदेश के मुताबिक, EOW-ACB में अपराध क्रमांक 04/2024 दर्ज है। इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7, 7-क, 8, 12 और 13 के साथ भारतीय दंड विधान (IPC) की धारा 420, 467, 468, 471, 120बी, 201 और 109 के तहत जांच की गई है। विवेचना के बाद तत्कालीन उपायुक्त आबकारी आशीष श्रीवास्तव के खिलाफ प्रथम दृष्टया आरोप सिद्ध पाए जाने का उल्लेख आदेश में किया गया है।

आदेश के अनुसार, पूरक अभियोग पत्र 13 अक्टूबर 2026 को तैयार किया गया और 14 अक्टूबर को विशेष न्यायालय रायपुर में पेश किया गया। इसके बाद छत्तीसगढ़ सिविल सेवा के नियम के तहत उन्हें निलंबित किया गया।

ED के प्रतिवेदन के बाद ACB-EOW ने दर्ज किया था केस

छत्तीसगढ़ के शराब घोटाले में ACB-EOW ने 17 जनवरी 2024 को FIR दर्ज की थी। इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) से मिले प्रतिवेदन और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर मामले में कार्रवाई आगे बढ़ाई गई। इस केस में करीब 50 लोगों को आरोपी बनाया गया था, जिनमें आबकारी विभाग के अधिकारी भी शामिल थे।

ED ने 11 जुलाई 2024 को ACB-EOW को भेजे गोपनीय प्रतिवेदन में तत्कालीन IAS अधिकारी अनिल टुटेजा और आबकारी अधिकारी अरुणपति त्रिपाठी समेत अन्य लोगों की कथित भूमिका का उल्लेख किया था। प्रतिवेदन में शराब कारोबार में अवैध कमीशन वसूली, सरकारी दुकानों से बिना हिसाब की देशी शराब बेचने और डिस्टिलरी के बीच कार्टेल बनाकर बाजार में हिस्सेदारी तय करने के आरोपों का जिक्र था।

FIR में अरुणपति त्रिपाठी पर छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CSMCL) के प्रबंध संचालक रहते हुए कथित अनियमितताओं और अवैध शराब की बिक्री से जुड़े नेटवर्क में भूमिका निभाने के आरोप भी लगाए गए थे।