बारिश से कोयला उत्पादन 4,000 से 300 टन पर आया
बारिश से कोयला उत्पादन 4,000 से 300 टन पर आया
अंबिकापुर। लगातार हो रही बारिश ने एसईसीएल विश्रामपुर क्षेत्र की अमेरा कोयला खदान की रफ्तार थाम दी है। सड़कें कीचड़ में तब्दील होने और जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से कोयला उत्पादन और परिवहन दोनों बुरी तरह प्रभावित हैं।
रोजाना 4,000 टन उत्पादन का लक्ष्य रखने वाली खदान से फिलहाल महज 300 से 400 टन कोयला ही निकल पा रहा है। दूसरी ओर, खदान के बाहर पार्किंग के नाम पर कथित वसूली ने ट्रांसपोर्टरों और डीओ होल्डरों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। प्रबंधन ने बारिश के कारण उत्पादन प्रभावित होने की बात स्वीकार की है, लेकिन खदान के बाहर हो रही वसूली से खुद को अलग बताया है।
बारिश ने बिगाड़ी सड़कें, घंटों फंस रहे ट्रक
सरगुजा जिले के लखनपुर ब्लॉक स्थित अमेरा खदान तक पहुंचने वाली सड़क लगातार बारिश के चलते दलदल में बदल गई है। जल निकासी की व्यवस्था नहीं होने से सड़क पर जगह-जगह पानी भर गया है। ट्रक चालक बताते हैं कि कई वाहन घंटों जाम में फंसे रहते हैं, जबकि कुछ कीचड़ में धंसकर खराब भी हो रहे हैं। खदान के बाहर चार किलोमीटर से अधिक लंबी ट्रकों की कतारें लग रही हैं, जिससे परिवहन व्यवस्था लगभग चरमरा गई है।
उत्पादन लक्ष्य से बहुत पीछे पहुंची खदान
खराब मौसम और परिवहन बाधित होने का सीधा असर कोयला उत्पादन पर पड़ा है। जहां सामान्य दिनों में रोजाना करीब 4,000 टन कोयला उत्पादन होता था, वहीं अब यह घटकर सिर्फ 300 से 400 टन प्रतिदिन रह गया है। इससे बिजली संयंत्रों और उद्योगों तक कोयले की आपूर्ति भी प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।
पार्किंग शुल्क के नाम पर वसूली का आरोप
ट्रांसपोर्टरों और वाहन मालिकों का आरोप है कि खदान क्षेत्र के बाहर बैरियर लगाकर प्रत्येक वाहन से 600 रुपये पार्किंग शुल्क के नाम पर वसूले जा रहे हैं। उनका कहना है कि पहले ही सड़क और जाम के कारण आर्थिक नुकसान हो रहा है, ऊपर से यह अतिरिक्त बोझ कारोबार को और मुश्किल बना रहा है। डीओ होल्डरों ने भी इस व्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों की पुरानी आशंकाएं फिर हुईं मजबूत
करीब छह महीने पहले अमेरा कोल माइंस के विस्तार को मंजूरी मिलने के दौरान स्थानीय ग्रामीणों ने सड़क, प्रदूषण और बुनियादी सुविधाओं को लेकर चिंता जताई थी। मौजूदा हालात को देखते हुए उनकी आशंकाएं सही साबित होती नजर आ रही हैं। खराब सड़क और अव्यवस्था ने स्थानीय लोगों के साथ-साथ ट्रांसपोर्टरों की परेशानियां भी बढ़ा दी हैं।
प्रबंधन ने सुधार का दिया भरोसा
अमेरा कोल खदान के सहक्षेत्र प्रबंधक ओमप्रकाश अटल ने बताया कि लगातार बारिश के कारण परिस्थितियां प्रभावित हुई हैं। सड़क और जल निकासी व्यवस्था में सुधार के प्रयास किए जा रहे हैं ताकि जल्द उत्पादन और परिवहन सामान्य हो सके।
खदान के बाहर पार्किंग शुल्क के नाम पर हो रही कथित वसूली को लेकर उन्होंने कहा कि प्रबंधन की जिम्मेदारी केवल खदान परिसर तक सीमित है और बाहर की गतिविधियों की जानकारी उनके पास नहीं है। फिलहाल सभी की नजर मौसम सुधरने और व्यवस्था सामान्य होने पर टिकी है।








