पंजाब के बाद असम में विरोध, भूपेश बघेल पर सीएम साय का तंज
पंजाब के बाद असम में विरोध, भूपेश बघेल पर सीएम साय का तंज
रायपुर। असम के नगांव लोकसभा उपचुनाव के प्रचार के दौरान सोमवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल तथा असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई के काफिले पर कथित तौर पर हुए हमले के बाद छत्तीसगढ़ में राजनीति गर्म हो गई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने तंज कसते हुए कहा कि भूपेश बघेल को पहले पंजाब का प्रभारी बनाया गया था, वहां भी उनका कड़ा विरोध देखने को मिला था और अब असम के प्रभारी के रूप में अपनी पहली यात्रा के दौरान भी उनका यही हाल हुआ है।
उल्लेखनीय है कि चुनाव प्रचार के लिए जा रहे बघेल के काफिले पर असामाजिक तत्वों ने पथराव किया था। काफिले में शामिल गाड़ियों पर बोतलें व एसिड फेंके जाने के आरोप भी सामने आए थे। कांग्रेस ने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
बड़े- बड़े वादे, कथनी-करनी में अंतर
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि कांग्रेस हमेशा से जनता से बड़े-बड़े वादे करती है, लेकिन उन्हें कभी पूरा नहीं करती है। उनकी कथनी और करनी में जमीन-आसमान का अंतर होता है, यही कारण है कि छत्तीसगढ़ की जनता ने उन्हें पहले ही पूरी तरह से खारिज कर दिया है और अब यही स्थिति पूरे देश में देखने को मिल रही है।
राजनीतिक सरगर्मी और सुरक्षा पर सवाल
असम में हुई इस हिंसक झड़प और पथराव की घटना के बाद विपक्षी दल लगातार राज्य की कानून-व्यवस्था और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं। कांग्रेस नेताओं ने स्थानीय थाने में इसकी औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कड़ी चिंता व्यक्त की है। बहरहाल, इस घटना के बाद से छत्तीसगढ़ से लेकर असम तक सियासी बयानबाजी और आरोपों-प्रत्यारोपों का दौर तेजी से शुरू हो गया है, जिससे चुनावी माहौल और अधिक गर्मा गया है।








