72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित हुई 'राम-नामी'
72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित हुई 'राम-नामी'
रायपुर। प्रदेश की अद्वितीय सांस्कृतिक विरासत और रामभक्ति की अनूठी परंपरा को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। रामनामी समुदाय के जीवन, आस्था और सांस्कृतिक विरासत पर आधारित डाक्यूमेंट्री फिल्म 'राम-नामी' को 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ डाक्यूमेंट्री का सम्मान मिला है। इस फिल्म का निर्देशन प्रसिद्ध फिल्मकार भरतबाला गणपति ने किया है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जताया खुशी
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस पर हर्ष जताया है। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश के लिए गौरव की बात है। रामनामी समाज की अनूठी परंपरा हमारी लोक संस्कृति का गौरवशाली प्रतीक है। यह सम्मान प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय पटल पर नई पहचान दिलाएगा। डाक्यूमेंट्री में प्रदेश के रामनामी समुदाय की अनकही कहानी को संवेदनशील ढंग से प्रस्तुत किया गया है।
अटूट रामभक्ति और सामाजिक मूल्यों का चित्रण
फिल्म में समुदाय की जीवनशैली, उनकी अटूट रामभक्ति, सामाजिक मूल्यों और पारंपरिक भजनों को प्रमुखता से स्थान दिया गया है। रामनामी समाज की सबसे बड़ी पहचान यह है कि इसके अनुयायी अपने शरीर पर 'राम' नाम गुदवाते हैं और सादगी, अहिंसा, समानता और प्रकृति के प्रति सम्मान का संदेश देते हैं।
पीढ़ियों से जीवंत परंपराओं का संरक्षण
फिल्म में यह भी दिखाया गया है कि किस प्रकार रामनामी समुदाय पीढ़ियों से अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को जीवंत बनाए हुए है। पारंपरिक भजन, सामुदायिक आयोजन और आध्यात्मिक जीवनशैली इस डाक्यूमेंट्री को विशेष बनाते हैं। संस्कृति और लोक परंपराओं से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि इस सम्मान से रामनामी समुदाय की विशिष्ट पहचान और उनकी अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण को भी नई ऊर्जा मिलेगी।








