संजय मिश्रा ने थामी कलम, लिखेंगे अपनी कहानी
संजय मिश्रा ने थामी कलम, लिखेंगे अपनी कहानी
चर्चित अभिनेता संजय मिश्रा ने अपनी अदाकारी से दर्शकों के बीच अच्छी जगह बनाई है। सपोर्टिंग भूमिकाओं के जरिए भी उन्होंने खूब नाम कमाया है। हाल ही में उन्हें ‘भक्षक’ में अपने किरदार के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इस बीच अभिनेता ने अपनी किताब का एलान किया है।
अभिनेता संजय मिश्रा ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपनी किताब को लेकर जानकारी दी है। यह दरअसल, अभिनेता की आत्मकथा होगी। इस आगामी ऑटोबायोग्राफी में वे अपनी जिंदगी और करियर से जुड़ी अनकही कहानियों, संघर्षों, अनुभवों और सीखों को साझा करेंगे। किताब का नाम ‘हम सीखते-सीखते रह गए’ है।
कब लॉन्च होगी किताब?
संजय मिश्रा की यह किताब नई दिल्ली में विश्व पुस्तक मेला में लॉन्च होगी, जिसका आयोजन जनवरी 2027 में होगा। संजय मिश्रा ने यह किताब अपने दिवंगत पिता शंभू नाथ मिश्रा को समर्पित की है।
पिता को समर्पित की आत्मकथा
संजय मिश्रा ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट शेयर किया है। इसके साथ लिखा है, ‘सड़क से उठकर रजत कमल तक के सफर में क्या खोया, क्या पाया, पता नहीं, लेकिन पापाजी, आपके संजयवा को जब संजय शंभूनाथ मिश्रा कहकर मंच पर बुलाया गया, तब आप मेरे साथ थे। मेरी आंखों में आंसू बनकर। सच कहता हूं कि सभी बिछड़े बहुत याद आए। मेरे जीवन की उन्हीं यादों के पल और लम्हों को एक साथ संजोकर आ रही है मेरी एक किताब- ‘हम सीखते-सीखते रह गए’।
संजय मिश्रा की चर्चित फिल्में
बता दें कि संजय मिश्रा को साल 2024 में ‘भक्षक’ के लिए बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का नेशनल फिल्म अवॉर्ड जीता। संजय मिश्रा ने आगे कहा, ‘मैं बहुत पढ़ा-लिखा नहीं हूं। फिर भी, मैं लिखूंगा और आप पढ़ेंगे’। नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD) के पूर्व छात्र मिश्रा ने साल 1995 में ‘ओह डार्लिंग! ये है इंडिया’ फिल्म से एक्टिंग की दुनिया में कदम रखा। उन्होंने ‘आंखों देखी’, ‘वध’, ‘मसान’, ‘ऑल द बेस्ट- फन बिगिन्स’, ‘गोलमाल’ और ‘धमाल’ जैसी फिल्मों में अपने किरदारों के जरिए पहचान बनाई।








