इंडिगो एयरलाइंस पर 4.50 लाख का जुर्माना:रामपुर के माप विज्ञान विभाग ने की कार्रवाई, कंपनी ने गलती मानी

रामपुर के विधिक माप विज्ञान विभाग ने इंडिगो एयरलाइंस पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 4.50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। एयरलाइंस ने यूट्यूब पर प्रसारित एक विज्ञापन में एयरबस 320 की सीटों के रिक्लाइन एंगल और स्पेस को इंच में दर्शाया था, जो कि भारतीय कानून का उल्लंघन है। विभाग के अधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि भारत में 1956 से मीट्रिक प्रणाली लागू है और विधिक माप विज्ञान अधिनियम 2009 की धारा 4 के अनुसार सभी माप इंटरनेशनल मीट्रिक सिस्टम पर आधारित होने चाहिए। इसी अधिनियम की धारा 11 के तहत किसी भी वस्तु या सेवा के लिए मानक इकाइयों के अलावा अन्य माप का प्रयोग नहीं किया जा सकता। जवाब असंतोष जनक रहा जांच के दौरान कंपनी को शो-कॉज नोटिस जारी किया गया। कंपनी के लीगल सेल और एक प्रतिष्ठित लॉ फर्म द्वारा दिया गया जवाब असंतोषजनक पाया गया। दूसरे नोटिस में विभाग ने स्पष्ट किया कि यह कृत्य विधिक माप विज्ञान अधिनियम 2009 की धारा 29 और जन विश्वास संशोधन अधिनियम 2023 के तहत दंडनीय है। कंपनी को एक सप्ताह के भीतर शमन प्रार्थना पत्र जमा करने का विकल्प दिया गया, जिसे स्वीकार करते हुए इंडिगो ने जुर्माना राशि जमा कर दी। जुर्माना भरने के साथ इश्तेहार को कराया गया ठीक इसपर कम्पनी के द्वारा अपनी गलती को मानते हुए शमन प्रार्थना पत्र पेश किया गया। शमन प्रार्थना पत्र के साथ चार लाख पचास हजार रु० शमन शुल्क कम्पनी ने ऑन लाइन यूपी राजकोष में जमा कराया दिया गया है। साथ ही कथित इश्तेहार को ठीक कर इसकी सूचना ऑफिस को भी भेजी गई है।

इंडिगो एयरलाइंस पर 4.50 लाख का जुर्माना:रामपुर के माप विज्ञान विभाग ने की कार्रवाई, कंपनी ने गलती मानी
रामपुर के विधिक माप विज्ञान विभाग ने इंडिगो एयरलाइंस पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 4.50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। एयरलाइंस ने यूट्यूब पर प्रसारित एक विज्ञापन में एयरबस 320 की सीटों के रिक्लाइन एंगल और स्पेस को इंच में दर्शाया था, जो कि भारतीय कानून का उल्लंघन है। विभाग के अधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि भारत में 1956 से मीट्रिक प्रणाली लागू है और विधिक माप विज्ञान अधिनियम 2009 की धारा 4 के अनुसार सभी माप इंटरनेशनल मीट्रिक सिस्टम पर आधारित होने चाहिए। इसी अधिनियम की धारा 11 के तहत किसी भी वस्तु या सेवा के लिए मानक इकाइयों के अलावा अन्य माप का प्रयोग नहीं किया जा सकता। जवाब असंतोष जनक रहा जांच के दौरान कंपनी को शो-कॉज नोटिस जारी किया गया। कंपनी के लीगल सेल और एक प्रतिष्ठित लॉ फर्म द्वारा दिया गया जवाब असंतोषजनक पाया गया। दूसरे नोटिस में विभाग ने स्पष्ट किया कि यह कृत्य विधिक माप विज्ञान अधिनियम 2009 की धारा 29 और जन विश्वास संशोधन अधिनियम 2023 के तहत दंडनीय है। कंपनी को एक सप्ताह के भीतर शमन प्रार्थना पत्र जमा करने का विकल्प दिया गया, जिसे स्वीकार करते हुए इंडिगो ने जुर्माना राशि जमा कर दी। जुर्माना भरने के साथ इश्तेहार को कराया गया ठीक इसपर कम्पनी के द्वारा अपनी गलती को मानते हुए शमन प्रार्थना पत्र पेश किया गया। शमन प्रार्थना पत्र के साथ चार लाख पचास हजार रु० शमन शुल्क कम्पनी ने ऑन लाइन यूपी राजकोष में जमा कराया दिया गया है। साथ ही कथित इश्तेहार को ठीक कर इसकी सूचना ऑफिस को भी भेजी गई है।