आत्महत्या मामले में पुलिस की लापरवाही:प्रेम प्रसंग में युवक की मौत, 15 दिन बाद भी प्रेमिका के परिजनों पर कार्रवाई नहीं

रायबरेली में एक प्रेम प्रसंग ने गंभीर मोड़ ले लिया, जब 24 वर्षीय युवक बलवंत ने संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। डलमऊ कोतवाली क्षेत्र के नगरूमऊ गांव में हुई इस घटना ने स्थानीय पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मृतक के परिजनों ने प्रेमिका आरती और उसके माता-पिता के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की, लेकिन पुलिस की निष्क्रियता के विरोध में दो दिनों तक शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। पुलिस के आश्वासन के बाद ही अंतिम संस्कार संपन्न हुआ। डलमऊ थाना अध्यक्ष पवन सोनकर के अनुसार, प्रेमिका आरती, उसकी माता और पिता राम सजीवन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। हालांकि, एफआईआर दर्ज होने के पंद्रह दिन बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। मृतक की मां ने न्याय की गुहार लगाते हुए रायबरेली के पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र सौंपा है। परिजनों का आरोप है कि पुलिस जानबूझकर मामले में देरी कर रही है, जिससे आरोपी पक्ष को बचने का मौका मिल रहा है।

आत्महत्या मामले में पुलिस की लापरवाही:प्रेम प्रसंग में युवक की मौत, 15 दिन बाद भी प्रेमिका के परिजनों पर कार्रवाई नहीं
रायबरेली में एक प्रेम प्रसंग ने गंभीर मोड़ ले लिया, जब 24 वर्षीय युवक बलवंत ने संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। डलमऊ कोतवाली क्षेत्र के नगरूमऊ गांव में हुई इस घटना ने स्थानीय पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मृतक के परिजनों ने प्रेमिका आरती और उसके माता-पिता के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की, लेकिन पुलिस की निष्क्रियता के विरोध में दो दिनों तक शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। पुलिस के आश्वासन के बाद ही अंतिम संस्कार संपन्न हुआ। डलमऊ थाना अध्यक्ष पवन सोनकर के अनुसार, प्रेमिका आरती, उसकी माता और पिता राम सजीवन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। हालांकि, एफआईआर दर्ज होने के पंद्रह दिन बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। मृतक की मां ने न्याय की गुहार लगाते हुए रायबरेली के पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र सौंपा है। परिजनों का आरोप है कि पुलिस जानबूझकर मामले में देरी कर रही है, जिससे आरोपी पक्ष को बचने का मौका मिल रहा है।