प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री को सीएम ने दी श्रद्धांजलि:पं. गोविन्द वल्लभ पंत की पुण्य तिथि पर गोरखपुर पुष्पांजलि अर्पित कर किया नमन
प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री को सीएम ने दी श्रद्धांजलि:पं. गोविन्द वल्लभ पंत की पुण्य तिथि पर गोरखपुर पुष्पांजलि अर्पित कर किया नमन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार की सुबह प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री पं. गोविंद वल्लभ पंत की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। गोरखपुर विश्वविद्यालय के सामने स्थित पंत पार्क में मुख्यमंत्री ने उनकी आदमकद प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि पं. गोविन्द वल्लभ पंत की स्मृतियों को नमन करते हुए प्रदेश वासियों की ओर से विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।
उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पं. गोविन्द वल्लभ पंत देश के महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे। एक उत्कृष्ट अधिवक्ता के रूप में भी देशवासी उनका स्मरण करते हैं। देश की आजादी के बाद उन्हें प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री के रूप में यहां की व्यवस्था को आगे बढ़ाने का अवसर मिला। सीएम ने कहा कि 1954 तक वह मुख्यमंत्री रहे। उसके बाद देश के गृहमंत्री बने।
हिन्दी को राजभाषा के रूप में स्थापित करने का श्रेय मुख्यमंत्री ने कहा कि हिन्दी को राजभाषा के रूप में स्थापित करने का श्रेय पं. गोविन्द वल्लभ पंत को जाता है। उनकी सेवाओं के लिए 1957 में उन्हें देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न देकर सम्मानित किया गया। उन्होंने कहा कि गोरखपुर विश्वविद्यालय की आधारशिला उन्होंने ही रखी थी।
आज है पं. गोविन्द वल्लभ पंत की 64वीं पुण्यतिथि उत्तर प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री एवं भारत सरकार के गृह मंत्री रहे पं. पंत का निधन 7 मार्च 1961 को हुआ था। आज उनकी 64वीं पुण्य तिथि है। गोरखपुर विश्वविद्यालय के सामने स्थित पंत पार्क में स्थापित उनकी आदमकद प्रतिमा पर महापौर डा. मंगलेश श्रीवास्तव, गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन, सांसद रविकिशन शुक्ल, विधायक विपिन सिंह, प्रदीप शुक्ल, महेंद्र पाल सिंह ने भी पुष्पांजलि अर्पित की। पूर्व मुख्यमंत्री वीर बहादुर सिंह ने कराई थी पार्क की स्थापना
गोरखपुर विश्वविद्यालय के सामने स्थापित इस पार्क की स्थापना पूर्व मुख्यमंत्री वीर बहादुर सिंह ने कराई थी। यहां पं. पंत की आदमकद प्रतिमा भी लगाई गई है। इस पार्क का संचालन अब जीडीए द्वारा किया जाता है।
जानिए पं. गोविंद वल्लभ पंत का गोरखपुर से क्या है रिश्ता
पं. गोविंद वल्लभ पंत उत्तर प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री थे। वह 1950 में गोरखपुर विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए नींव की ईंट रखने के लिए वह गोरखपुर आए थे। गोरखपुर विश्वविद्यालय से नाम जुड़ा होने के कारण विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार के सामने स्थापित पार्क का नाम भी उनके नाम पर रख दिया गया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार की सुबह प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री पं. गोविंद वल्लभ पंत की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। गोरखपुर विश्वविद्यालय के सामने स्थित पंत पार्क में मुख्यमंत्री ने उनकी आदमकद प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि पं. गोविन्द वल्लभ पंत की स्मृतियों को नमन करते हुए प्रदेश वासियों की ओर से विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।
उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पं. गोविन्द वल्लभ पंत देश के महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे। एक उत्कृष्ट अधिवक्ता के रूप में भी देशवासी उनका स्मरण करते हैं। देश की आजादी के बाद उन्हें प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री के रूप में यहां की व्यवस्था को आगे बढ़ाने का अवसर मिला। सीएम ने कहा कि 1954 तक वह मुख्यमंत्री रहे। उसके बाद देश के गृहमंत्री बने।
हिन्दी को राजभाषा के रूप में स्थापित करने का श्रेय मुख्यमंत्री ने कहा कि हिन्दी को राजभाषा के रूप में स्थापित करने का श्रेय पं. गोविन्द वल्लभ पंत को जाता है। उनकी सेवाओं के लिए 1957 में उन्हें देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न देकर सम्मानित किया गया। उन्होंने कहा कि गोरखपुर विश्वविद्यालय की आधारशिला उन्होंने ही रखी थी।
आज है पं. गोविन्द वल्लभ पंत की 64वीं पुण्यतिथि उत्तर प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री एवं भारत सरकार के गृह मंत्री रहे पं. पंत का निधन 7 मार्च 1961 को हुआ था। आज उनकी 64वीं पुण्य तिथि है। गोरखपुर विश्वविद्यालय के सामने स्थित पंत पार्क में स्थापित उनकी आदमकद प्रतिमा पर महापौर डा. मंगलेश श्रीवास्तव, गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन, सांसद रविकिशन शुक्ल, विधायक विपिन सिंह, प्रदीप शुक्ल, महेंद्र पाल सिंह ने भी पुष्पांजलि अर्पित की। पूर्व मुख्यमंत्री वीर बहादुर सिंह ने कराई थी पार्क की स्थापना
गोरखपुर विश्वविद्यालय के सामने स्थापित इस पार्क की स्थापना पूर्व मुख्यमंत्री वीर बहादुर सिंह ने कराई थी। यहां पं. पंत की आदमकद प्रतिमा भी लगाई गई है। इस पार्क का संचालन अब जीडीए द्वारा किया जाता है।
जानिए पं. गोविंद वल्लभ पंत का गोरखपुर से क्या है रिश्ता
पं. गोविंद वल्लभ पंत उत्तर प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री थे। वह 1950 में गोरखपुर विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए नींव की ईंट रखने के लिए वह गोरखपुर आए थे। गोरखपुर विश्वविद्यालय से नाम जुड़ा होने के कारण विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार के सामने स्थापित पार्क का नाम भी उनके नाम पर रख दिया गया।