कानपुर की छात्रा का अनूठा प्रयास:वेस्ट प्लास्टिक से बना रही सजावटी और घरेलू सामान, महिलाओं को भी दे रही ट्रेनिंग
कानपुर की छात्रा का अनूठा प्रयास:वेस्ट प्लास्टिक से बना रही सजावटी और घरेलू सामान, महिलाओं को भी दे रही ट्रेनिंग
कानपुर के गांधी ग्राम की वैष्णवी दीक्षित पर्यावरण संरक्षण के लिए एक अनोखी पहल कर रही हैं। क्राइस्ट चर्च कॉलेज की परास्नातक छात्रा वैष्णवी वेस्ट प्लास्टिक से आकर्षक सजावटी सामान बना रही हैं। बचपन से ही पेड़-पौधे लगाने का शौक रखने वाली वैष्णवी हर जन्मदिन पर पेड़ लगाती हैं। एक दिन वह मोहल्ले से प्लास्टिक की बोतलें बीन कर लाईं। शुरुआत में उनकी मां लक्ष्मी दीक्षित ने इसका विरोध किया। लेकिन जब वैष्णवी ने इन बोतलों से सुतली की मदद से बैलगाड़ी, साइकिल और सुराही जैसी आकर्षक चीजें बनाईं, तो मां भी हैरान रह गईं। इसके बाद वैष्णवी ने स्कूल से रद्दी, अखबार, प्लास्टिक फाइल और बोतलों से विभिन्न घरेलू सामान बनाने शुरू कर दिए। अब वह डायनमिक किसान फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के साथ जुड़कर गंगा किनारे के गांवों में महिलाओं को प्रशिक्षण भी दे रही हैं। वैष्णवी की यह पहल स्वच्छ भारत अभियान, वोकल फॉर लोकल और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्यों को साकार करने में योगदान दे रही है। वह वेस्ट प्लास्टिक से घरेलू सजावट, जल संरक्षण के लिए उत्पाद और पक्षी-जीवों के लिए उपयोगी सामग्री बनाना सिखा रही हैं। उनके काम को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग आते हैं। वैष्णवी शहर और गांवों में जाकर लोगों को प्लास्टिक के पुनर्उपयोग के प्रति जागरूक कर रही हैं।
कानपुर के गांधी ग्राम की वैष्णवी दीक्षित पर्यावरण संरक्षण के लिए एक अनोखी पहल कर रही हैं। क्राइस्ट चर्च कॉलेज की परास्नातक छात्रा वैष्णवी वेस्ट प्लास्टिक से आकर्षक सजावटी सामान बना रही हैं। बचपन से ही पेड़-पौधे लगाने का शौक रखने वाली वैष्णवी हर जन्मदिन पर पेड़ लगाती हैं। एक दिन वह मोहल्ले से प्लास्टिक की बोतलें बीन कर लाईं। शुरुआत में उनकी मां लक्ष्मी दीक्षित ने इसका विरोध किया। लेकिन जब वैष्णवी ने इन बोतलों से सुतली की मदद से बैलगाड़ी, साइकिल और सुराही जैसी आकर्षक चीजें बनाईं, तो मां भी हैरान रह गईं। इसके बाद वैष्णवी ने स्कूल से रद्दी, अखबार, प्लास्टिक फाइल और बोतलों से विभिन्न घरेलू सामान बनाने शुरू कर दिए। अब वह डायनमिक किसान फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के साथ जुड़कर गंगा किनारे के गांवों में महिलाओं को प्रशिक्षण भी दे रही हैं। वैष्णवी की यह पहल स्वच्छ भारत अभियान, वोकल फॉर लोकल और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्यों को साकार करने में योगदान दे रही है। वह वेस्ट प्लास्टिक से घरेलू सजावट, जल संरक्षण के लिए उत्पाद और पक्षी-जीवों के लिए उपयोगी सामग्री बनाना सिखा रही हैं। उनके काम को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग आते हैं। वैष्णवी शहर और गांवों में जाकर लोगों को प्लास्टिक के पुनर्उपयोग के प्रति जागरूक कर रही हैं।