कुशीनगर का पर्यटन उद्योग संकट में:चीन से वीजा बंद होने और थाईलैंड की बाढ़ से विदेशी पर्यटकों की संख्या घटी
कुशीनगर का पर्यटन उद्योग संकट में:चीन से वीजा बंद होने और थाईलैंड की बाढ़ से विदेशी पर्यटकों की संख्या घटी
कुशीनगर में पर्यटन सीजन के दौरान विदेशी पर्यटकों की कमी से स्थानीय पर्यटन उद्योग गंभीर रूप से प्रभावित हुआ है। बौद्ध धर्म के चार प्रमुख तीर्थस्थलों में से एक भगवान बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली कुशीनगर में सामान्यत सितंबर से फरवरी तक हजारों विदेशी पर्यटक आते हैं। इस वर्ष चीन द्वारा भारत यात्रा के लिए वीजा जारी न करने और थाईलैंड में आई भीषण बाढ़ के कारण विदेशी पर्यटकों की संख्या में भारी गिरावट आई है। इससे न केवल होटल उद्योग प्रभावित हुआ है। बल्कि स्थानीय छोटे व्यवसायियों की आजीविका भी संकट में है। पर्यटक कुशीनगर की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान करते हैं स्थानीय व्यापारियों के अनुसार, बौद्ध धर्म से संबंधित सामान जैसे चीवर, फूल, माला, फोटो और बुद्ध की मूर्तियों का व्यापार करने वाले छोटे दुकानदारों की आय पूरी तरह से विदेशी पर्यटकों पर निर्भर करती है। हालांकि, प्रयागराज कुंभ मेले में आए विदेशी पर्यटकों के कुशीनगर भ्रमण से व्यवसायियों को कुछ राहत मिली है। पर्यटन सीजन के दौरान विदेशी पर्यटकों की आमद से न केवल होटल उद्योग को लाभ होता है, बल्कि उनकी खरीदारी और भ्रमण से समूचे पर्यटन क्षेत्र को आर्थिक फायदा पहुंचता है। विशेषकर बौद्ध देशों और यूरोप से आने वाले पर्यटक कुशीनगर की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान करते हैं।
कुशीनगर में पर्यटन सीजन के दौरान विदेशी पर्यटकों की कमी से स्थानीय पर्यटन उद्योग गंभीर रूप से प्रभावित हुआ है। बौद्ध धर्म के चार प्रमुख तीर्थस्थलों में से एक भगवान बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली कुशीनगर में सामान्यत सितंबर से फरवरी तक हजारों विदेशी पर्यटक आते हैं। इस वर्ष चीन द्वारा भारत यात्रा के लिए वीजा जारी न करने और थाईलैंड में आई भीषण बाढ़ के कारण विदेशी पर्यटकों की संख्या में भारी गिरावट आई है। इससे न केवल होटल उद्योग प्रभावित हुआ है। बल्कि स्थानीय छोटे व्यवसायियों की आजीविका भी संकट में है। पर्यटक कुशीनगर की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान करते हैं स्थानीय व्यापारियों के अनुसार, बौद्ध धर्म से संबंधित सामान जैसे चीवर, फूल, माला, फोटो और बुद्ध की मूर्तियों का व्यापार करने वाले छोटे दुकानदारों की आय पूरी तरह से विदेशी पर्यटकों पर निर्भर करती है। हालांकि, प्रयागराज कुंभ मेले में आए विदेशी पर्यटकों के कुशीनगर भ्रमण से व्यवसायियों को कुछ राहत मिली है। पर्यटन सीजन के दौरान विदेशी पर्यटकों की आमद से न केवल होटल उद्योग को लाभ होता है, बल्कि उनकी खरीदारी और भ्रमण से समूचे पर्यटन क्षेत्र को आर्थिक फायदा पहुंचता है। विशेषकर बौद्ध देशों और यूरोप से आने वाले पर्यटक कुशीनगर की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान करते हैं।