नाबालिग से छेड़छाड़ में पंचायत सहायक को सजा:5 साल की कैद और 20 हजार रुपये जुर्माना, 15 हजार पीड़िता को मिलेंगे

सोनभद्र में एक नाबालिग लड़की के साथ छेड़छाड़ के मामले में पाक्सो कोर्ट ने सोमवार को अहम फैसला सुनाया। विशेष न्यायाधीश अमित वीर सिंह ने पंचायत सहायक धर्मेंद्र कुमार को दोषी पाते हुए 5 साल की कठोर कैद और 20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। घटना 11 जुलाई 2023 की है, जब 15 वर्षीय पीड़िता कोचिंग जा रही थी। पंचायत भवन के पास पहुंचने पर आरोपी धर्मेंद्र कुमार ने उसका हाथ पकड़कर भवन के अंदर ले गया और दरवाजा बंद कर छेड़छाड़ करने लगा। लड़की के चिल्लाने पर उसने दरवाजा खोल दिया और किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। पीड़िता ने घर जाकर परिवार को घटना की जानकारी दी, जिसके बाद उसके चाचा ने 15 जुलाई को विंढमगंज थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की जांच कर पर्याप्त साक्ष्य जुटाए और कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। कोर्ट ने 7 गवाहों के बयान और सभी दस्तावेजों का अवलोकन करने के बाद धर्मेंद्र कुमार को दोषी करार दिया। अर्थदंड न चुकाने की स्थिति में दोषी को एक माह की अतिरिक्त कैद काटनी होगी। कोर्ट ने 20 हजार रुपये के जुर्माने में से 15 हजार रुपये पीड़िता को देने का आदेश दिया है। सरकारी पक्ष की ओर से वकील दिनेश प्रसाद अग्रहरि, सत्य प्रकाश त्रिपाठी और नीरज कुमार सिंह ने पैरवी की।

नाबालिग से छेड़छाड़ में पंचायत सहायक को सजा:5 साल की कैद और 20 हजार रुपये जुर्माना, 15 हजार पीड़िता को मिलेंगे
सोनभद्र में एक नाबालिग लड़की के साथ छेड़छाड़ के मामले में पाक्सो कोर्ट ने सोमवार को अहम फैसला सुनाया। विशेष न्यायाधीश अमित वीर सिंह ने पंचायत सहायक धर्मेंद्र कुमार को दोषी पाते हुए 5 साल की कठोर कैद और 20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। घटना 11 जुलाई 2023 की है, जब 15 वर्षीय पीड़िता कोचिंग जा रही थी। पंचायत भवन के पास पहुंचने पर आरोपी धर्मेंद्र कुमार ने उसका हाथ पकड़कर भवन के अंदर ले गया और दरवाजा बंद कर छेड़छाड़ करने लगा। लड़की के चिल्लाने पर उसने दरवाजा खोल दिया और किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। पीड़िता ने घर जाकर परिवार को घटना की जानकारी दी, जिसके बाद उसके चाचा ने 15 जुलाई को विंढमगंज थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की जांच कर पर्याप्त साक्ष्य जुटाए और कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। कोर्ट ने 7 गवाहों के बयान और सभी दस्तावेजों का अवलोकन करने के बाद धर्मेंद्र कुमार को दोषी करार दिया। अर्थदंड न चुकाने की स्थिति में दोषी को एक माह की अतिरिक्त कैद काटनी होगी। कोर्ट ने 20 हजार रुपये के जुर्माने में से 15 हजार रुपये पीड़िता को देने का आदेश दिया है। सरकारी पक्ष की ओर से वकील दिनेश प्रसाद अग्रहरि, सत्य प्रकाश त्रिपाठी और नीरज कुमार सिंह ने पैरवी की।