पोंजी स्कीम से परेशान जमाकर्ताओं का फूटा गुस्सा:देशव्यापी अनशन की चेतावनी, कई एजेंट कर चुके सुसाइड

पोंजी स्कीम से पीड़ित जमाकर्ताओं ने अपनी जमा राशि की वापसी के लिए डीएम को ज्ञापन सौंपकर 1 फरवरी 2025 से देशव्यापी अनिश्चितकालीन क्रमिक अनशन की घोषणा की है। यह मामला अनियमित जमा योजनाएं पाबंदी अधिनियम 2019 और राज्य के जमाकर्ता हित संरक्षण अधिनियम से जुड़ा हुआ है। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि सरकार द्वारा स्थापित ऑनलाइन पोर्टल अधिकतर समय बंद रहता है और BUDS एक्ट 2019 और PID एक्ट के तहत स्थापित सभी पटल भी बंद कर दिए गए हैं। इससे शिकायतें दर्ज नहीं हो पा रही हैं और निवेशकों व एजेंटों के बीच तनाव बढ़ गया है। पुलिसकर्मी जबरन वसूली कर रहे विशेष चिंता का विषय यह है कि भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 111 का दुरुपयोग एजेंटों के खिलाफ किया जा रहा है। इससे राज्य के लाखों एजेंट भयभीत हैं और कुछ मामलों में आत्महत्या तक की घटनाएं सामने आई हैं। कुछ पुलिसकर्मी एजेंटों से जबरन वसूली कर रहे हैं और उन्हें निवेशकों की जमाराशि के भुगतान का जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। गोलीबारी तक की घटनाएं हुईं सभी संबंधित कंपनियां और सोसाइटियां बंद हो चुकी हैं, उनके प्रबंधक या तो जेल में हैं या फरार हैं। स्थिति इतनी बिगड़ चुकी है कि एजेंटों और निवेशकों के बीच गोलीबारी तक की घटनाएं हो चुकी हैं। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग है कि सरकार थाना स्तर पर ठगी पीड़ितों के आवेदन लेने के लिए शिविरों का आयोजन करे और BUDS एक्ट 2019 के तहत 180 दिन में ट्रायल पूरा कर जमाराशि का दो से तीन गुना भुगतान सुनिश्चित करे।

पोंजी स्कीम से परेशान जमाकर्ताओं का फूटा गुस्सा:देशव्यापी अनशन की चेतावनी, कई एजेंट कर चुके सुसाइड
पोंजी स्कीम से पीड़ित जमाकर्ताओं ने अपनी जमा राशि की वापसी के लिए डीएम को ज्ञापन सौंपकर 1 फरवरी 2025 से देशव्यापी अनिश्चितकालीन क्रमिक अनशन की घोषणा की है। यह मामला अनियमित जमा योजनाएं पाबंदी अधिनियम 2019 और राज्य के जमाकर्ता हित संरक्षण अधिनियम से जुड़ा हुआ है। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि सरकार द्वारा स्थापित ऑनलाइन पोर्टल अधिकतर समय बंद रहता है और BUDS एक्ट 2019 और PID एक्ट के तहत स्थापित सभी पटल भी बंद कर दिए गए हैं। इससे शिकायतें दर्ज नहीं हो पा रही हैं और निवेशकों व एजेंटों के बीच तनाव बढ़ गया है। पुलिसकर्मी जबरन वसूली कर रहे विशेष चिंता का विषय यह है कि भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 111 का दुरुपयोग एजेंटों के खिलाफ किया जा रहा है। इससे राज्य के लाखों एजेंट भयभीत हैं और कुछ मामलों में आत्महत्या तक की घटनाएं सामने आई हैं। कुछ पुलिसकर्मी एजेंटों से जबरन वसूली कर रहे हैं और उन्हें निवेशकों की जमाराशि के भुगतान का जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। गोलीबारी तक की घटनाएं हुईं सभी संबंधित कंपनियां और सोसाइटियां बंद हो चुकी हैं, उनके प्रबंधक या तो जेल में हैं या फरार हैं। स्थिति इतनी बिगड़ चुकी है कि एजेंटों और निवेशकों के बीच गोलीबारी तक की घटनाएं हो चुकी हैं। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग है कि सरकार थाना स्तर पर ठगी पीड़ितों के आवेदन लेने के लिए शिविरों का आयोजन करे और BUDS एक्ट 2019 के तहत 180 दिन में ट्रायल पूरा कर जमाराशि का दो से तीन गुना भुगतान सुनिश्चित करे।