राधाबल्लभ मंदिर में रंगीली होली का उत्सव:ठाकुर जी के साथ खेली फूलों और गुलाल की होली, 5 क्विंटल फूल से सजा बंगला
राधाबल्लभ मंदिर में रंगीली होली का उत्सव:ठाकुर जी के साथ खेली फूलों और गुलाल की होली, 5 क्विंटल फूल से सजा बंगला
इटावा के पुराना शहर छैराहा स्थित श्री राधा वल्लभ मंदिर में रंगभरनी एकादशी पर रंगीली होली का उत्सव धूमधाम से मनाया गया। मंदिर में पांच क्विंटल फूलों से भव्य फूल बंगला सजाया गया। ठाकुर जी का विशेष श्रृंगार ग्वाला भेष में किया गया। मंदिर में वृंदावन धाम की परंपरा का पालन किया जाता है। बसंत पंचमी से ही होली की शुरुआत हो गई थी। इस उत्सव में जिले से बाहर के श्रद्धालु भी शामिल हुए। मंदिर के पट खुलते ही श्रद्धालुओं ने ठाकुर जी पर पुष्प वर्षा की और गुलाल उड़ाया। मंदिर परिसर अबीर गुलाल की सतरंगी छटाओं से सराबोर हो गया। फूलों की सुगंध से पूरा क्षेत्र महक उठा। श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे पर गुलाल डाला और होली गीतों पर जमकर नृत्य किया। ठाकुर जी को धवल पोशाक पहनाई गई और उनका मनमोहक श्रृंगार किया गया। ब्रज जैसा दिखा नजारा
श्रद्धालुओं ने ठाकुर जी, राधा रानी और श्री लाल जू के साथ पहले फूलों की होली खेली। फिर अबीर गुलाल की होली मनाई गई। जो भक्त ब्रज नहीं जा पाए, उन्होंने यहीं पर ब्रज जैसा आनंद लिया। मंदिर में 'जय श्री राधे' और 'राधावल्लभ लाल की जय' के जयघोष गूंजते रहे। वृंदावन से आया था अबीर-गुलाल
भक्तों पर उड़ाने के लिए अबीर गुलाल श्री वृंदावन धाम व बरसाना धाम से आया था। सभी भक्तो को गोपाल प्रकाश चन्द्र गोस्वामी व प्रथम शर्मा ने प्रसाद व गुलाल वितरित किया। पूरे मंदिर परिसर में की गयी फूलो व बिजली की रंग बिरंगी सजाबट श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का केन्द्र रही ।
इटावा के पुराना शहर छैराहा स्थित श्री राधा वल्लभ मंदिर में रंगभरनी एकादशी पर रंगीली होली का उत्सव धूमधाम से मनाया गया। मंदिर में पांच क्विंटल फूलों से भव्य फूल बंगला सजाया गया। ठाकुर जी का विशेष श्रृंगार ग्वाला भेष में किया गया। मंदिर में वृंदावन धाम की परंपरा का पालन किया जाता है। बसंत पंचमी से ही होली की शुरुआत हो गई थी। इस उत्सव में जिले से बाहर के श्रद्धालु भी शामिल हुए। मंदिर के पट खुलते ही श्रद्धालुओं ने ठाकुर जी पर पुष्प वर्षा की और गुलाल उड़ाया। मंदिर परिसर अबीर गुलाल की सतरंगी छटाओं से सराबोर हो गया। फूलों की सुगंध से पूरा क्षेत्र महक उठा। श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे पर गुलाल डाला और होली गीतों पर जमकर नृत्य किया। ठाकुर जी को धवल पोशाक पहनाई गई और उनका मनमोहक श्रृंगार किया गया। ब्रज जैसा दिखा नजारा
श्रद्धालुओं ने ठाकुर जी, राधा रानी और श्री लाल जू के साथ पहले फूलों की होली खेली। फिर अबीर गुलाल की होली मनाई गई। जो भक्त ब्रज नहीं जा पाए, उन्होंने यहीं पर ब्रज जैसा आनंद लिया। मंदिर में 'जय श्री राधे' और 'राधावल्लभ लाल की जय' के जयघोष गूंजते रहे। वृंदावन से आया था अबीर-गुलाल
भक्तों पर उड़ाने के लिए अबीर गुलाल श्री वृंदावन धाम व बरसाना धाम से आया था। सभी भक्तो को गोपाल प्रकाश चन्द्र गोस्वामी व प्रथम शर्मा ने प्रसाद व गुलाल वितरित किया। पूरे मंदिर परिसर में की गयी फूलो व बिजली की रंग बिरंगी सजाबट श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का केन्द्र रही ।