संभल जामा मस्जिद की रंगाई-पुताई का पांचवा दिन:80-85 प्रतिशत पूरा हुआ काम, मुख्य द्वार-गुमब्द पर नहीं होगा पेंट; सदर बोले: हजारों सालों से हरा रंग

संभल के विवादित स्थल (जामा मस्जिद बनाम हरिहर मंदिर) की रंगाई-पुताई का गुरुवार को पांचवां दिन रहा। इस दौरान सुनहरी रंग के ऊपर सफेदी कर दी गई। हालांकि, मस्जिद कमेटी ने इस पर कोई विरोध दर्ज नहीं कराया है। वहीं, एलईडी लाइटों की रोशनी से पूरा स्थल चमचमा रहा है। ASI अधिकारियों का कहना है कि सभी संरक्षित इमारतों का रंग सफेद ही रखा जाता है, इसलिए यहां भी सफेद के अलावा कोई और रंग नहीं किया जाएगा। हालांकि, जामा मस्जिद के मुख्य गेट पर सफेदी नहीं होगी। हाईकोर्ट के न्यायाधीश रोहित रंजन अग्रवाल के आदेश के बाद रंगाई-पुताई का काम शुरू हुआ था। ASI की देखरेख में करीब 15 मजदूर काम में लगे हुए हैं। खर्च उठाएगी मस्जिद कमेटी आपको बता दें कि 13 मार्च को दो सदस्यीय टीम ने स्थल का निरीक्षण कर उसकी लंबाई-चौड़ाई नापी थी। इससे पहले, मस्जिद कमेटी ने रंगाई-पुताई को लेकर हाईकोर्ट का रुख किया था। 12 मार्च को जस्टिस रोहित रंजन अग्रवाल ने एक हफ्ते में सफेदी करने के निर्देश दिए और यह भी कहा कि काम पूरा होने के बाद इसका खर्चा इंतजामिया कमेटी ASI को देगी। कोई विवाद नहीं, मस्जिद और खूबसूरत लग रही–सदर जफर अली सदर जफर अली एडवोकेट ने कहा, “हम और ASI मिलकर काम कर रहे हैं। परंपरागत रूप से मस्जिद पर हजारों साल से हरा रंग होता आ रहा था, लेकिन ASI द्वारा इसे सफेद किए जाने पर हमें कोई आपत्ति नहीं है। मस्जिद कमेटी और जनता ने भी इस पर सहमति जता दी है। हमारे लिए सबसे अहम बात यह है कि रंगाई-पुताई हो रही है।” उन्होंने यह भी कहा कि पहले मस्जिद पर सफेद, सुनहरी और हरा रंग था, लेकिन अब ASI से बातचीत के बाद सहमति बन गई है। कुछ बातें उन्होंने मानी, कुछ हमनें मानी और अब कोई विवाद नहीं है। उन्होंने कहा कि "लाइटों की वजह से माशाल्लाह बहुत रौनक आ रही है और मस्जिद बेहद खूबसूरत लग रही है। इसकी टूट-फूट बाद में सही करा लेंगे।" मजदूरों को सिर्फ सफेदी का आदेश रंगाई-पुताई के काम में लगे मजदूरों और ठेकेदारों का कहना है कि उन्हें सिर्फ सफेदी करने का ही आदेश मिला है। उनके मुताबिक, “हम सफेदी के अलावा कोई और रंग नहीं करेंगे।”

संभल जामा मस्जिद की रंगाई-पुताई का पांचवा दिन:80-85 प्रतिशत पूरा हुआ काम, मुख्य द्वार-गुमब्द पर नहीं होगा पेंट; सदर बोले: हजारों सालों से हरा रंग
संभल के विवादित स्थल (जामा मस्जिद बनाम हरिहर मंदिर) की रंगाई-पुताई का गुरुवार को पांचवां दिन रहा। इस दौरान सुनहरी रंग के ऊपर सफेदी कर दी गई। हालांकि, मस्जिद कमेटी ने इस पर कोई विरोध दर्ज नहीं कराया है। वहीं, एलईडी लाइटों की रोशनी से पूरा स्थल चमचमा रहा है। ASI अधिकारियों का कहना है कि सभी संरक्षित इमारतों का रंग सफेद ही रखा जाता है, इसलिए यहां भी सफेद के अलावा कोई और रंग नहीं किया जाएगा। हालांकि, जामा मस्जिद के मुख्य गेट पर सफेदी नहीं होगी। हाईकोर्ट के न्यायाधीश रोहित रंजन अग्रवाल के आदेश के बाद रंगाई-पुताई का काम शुरू हुआ था। ASI की देखरेख में करीब 15 मजदूर काम में लगे हुए हैं। खर्च उठाएगी मस्जिद कमेटी आपको बता दें कि 13 मार्च को दो सदस्यीय टीम ने स्थल का निरीक्षण कर उसकी लंबाई-चौड़ाई नापी थी। इससे पहले, मस्जिद कमेटी ने रंगाई-पुताई को लेकर हाईकोर्ट का रुख किया था। 12 मार्च को जस्टिस रोहित रंजन अग्रवाल ने एक हफ्ते में सफेदी करने के निर्देश दिए और यह भी कहा कि काम पूरा होने के बाद इसका खर्चा इंतजामिया कमेटी ASI को देगी। कोई विवाद नहीं, मस्जिद और खूबसूरत लग रही–सदर जफर अली सदर जफर अली एडवोकेट ने कहा, “हम और ASI मिलकर काम कर रहे हैं। परंपरागत रूप से मस्जिद पर हजारों साल से हरा रंग होता आ रहा था, लेकिन ASI द्वारा इसे सफेद किए जाने पर हमें कोई आपत्ति नहीं है। मस्जिद कमेटी और जनता ने भी इस पर सहमति जता दी है। हमारे लिए सबसे अहम बात यह है कि रंगाई-पुताई हो रही है।” उन्होंने यह भी कहा कि पहले मस्जिद पर सफेद, सुनहरी और हरा रंग था, लेकिन अब ASI से बातचीत के बाद सहमति बन गई है। कुछ बातें उन्होंने मानी, कुछ हमनें मानी और अब कोई विवाद नहीं है। उन्होंने कहा कि "लाइटों की वजह से माशाल्लाह बहुत रौनक आ रही है और मस्जिद बेहद खूबसूरत लग रही है। इसकी टूट-फूट बाद में सही करा लेंगे।" मजदूरों को सिर्फ सफेदी का आदेश रंगाई-पुताई के काम में लगे मजदूरों और ठेकेदारों का कहना है कि उन्हें सिर्फ सफेदी करने का ही आदेश मिला है। उनके मुताबिक, “हम सफेदी के अलावा कोई और रंग नहीं करेंगे।”