"उम्र को दी मात: 430 किलो भार उठाकर सुरेंद्र सिंह ने जीते चार गोल्ड मेडल"

"उम्र को दी मात: 430 किलो भार उठाकर सुरेंद्र सिंह ने जीते चार गोल्ड मेडल"

"उम्र को दी मात: 430 किलो भार उठाकर सुरेंद्र सिंह ने जीते चार गोल्ड मेडल"

इंदौर। जब हौसले बुलंद हो तो बढ़ती उम्र में एक अंक मात्र रह जाती है। शहर के 77 वर्ष के अशोक दुबे और 62 वर्ष के सुरेंद्र सिंह राठौर अनुशासित जीवनशैली और नियमित अभ्यास से खेलों में भी धमाल मचा रहे हैं। जिस उम्र में शरीर अपना ही वजन नहीं उठा पाता, उस उम्र में इन्होंने सैकड़ों किलो लोहा उठाते हुए राष्ट्रीय स्तर पर मध्य प्रदेश का मान बढ़ाया।

महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजी नगर में राष्ट्रीय मास्टर्स पावर लिफ्टिंग मीट आयोजित की गई। इस स्पर्धा में देशभर से खिलाड़ियों ने हिस्सा लेते हुए विभिन्न वर्गों में चुनौती पेश की। मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हुए इंदौर के सुरेंद्र सिंह राठौर ने चार स्वर्ण पदक जीते। सुरेंद्र सिंह ने मास्टर्स-3 वर्ग की 105 किग्रा वजन वर्ग की स्पर्धा में हिस्सा लेते हुए यह सफलता हासिल की।

तीन वर्गों में व्यक्तिगत स्वर्ण जीता

उन्होंने कुल 430 किग्रा वजन उठाते हुए स्वर्ण पदक जीता। इसके अलावा स्काट स्पर्धा में 150 किग्रा, बेंच प्रेस स्पर्धा में 115 किग्रा और डेड लिफ्ट स्पर्धा में 165 किग्रा वजन उठाया। इन तीनों वर्गों में भी उन्होंने व्यक्तिगत स्वर्ण जीता।

महू जीआरपी में पदस्थ रहे सुरेंद्र सिंह ने बेंच प्रेस में 115 किग्रा वर्ग का राष्ट्रीय रिकार्ड भी बनाया। इंदौर के ही 77 वर्ष के अशोक दुबे ने मास्टर्स-4 वर्ग में स्काट, डेड लिफ्ट और बेंच प्रेस सहित ओवरआल स्पर्धा में सफलता हासिल करते हुए चार कांस्य पदक जीते।