20 सेकंड कट के बाद 'जन नायकन' को मिली मंजूरी
20 सेकंड कट के बाद 'जन नायकन' को मिली मंजूरी
नई दिल्ली। तमिलनाडु के CM और फॉर्मर एक्टर थलापति विजय की फिल्म जन नायकन 23 जुलाई को थिएटर्स में रिलीज हुई है। हालांकि, रिलीज के पहले ही इसमें कई बड़े बदलाव किए गए थे। 7 महीने इंतजार के बाद भी सेंसर बोर्ड (CBFC) ने फिल्म में आखिरी समय पर बदलाव किए हैं। उसके बाद ही थिएट्रिकल वर्जन ऑडियंस तक पहुंचा है। आइए जानते हैं, यह बदलाव कौन-कौन से थे…
TVK की जगह लिखा गया ‘थलापति’
सेंसर बोर्ड के निर्देश के मुताबिक, फिल्म में जहां-जहां TVK का जिक्र था, उसे हटाकर ‘थलापति’ कर दिया गया। विजय के किरदार के हाथ पर बने TVK टैटू को भी बदलकर सिर्फ थलापति कर दिया गया। इसके अलावा फिल्म के कई संवादों से भी TVK का उल्लेख हटाया गया।
अंबेडकर वाले डायलॉग में भी बदलाव
फिल्म के एक अहम संवाद में डॉ. बी.आर. अंबेडकर और TVK का जिक्र किया गया था। सेंसर बोर्ड के निर्देश के बाद इस संवाद में बदलाव किया गया। इसके अलावा अंबेडकर की तस्वीर वाले सीन को भी बदला गया है।
फिल्म के प्रोड्यूसर वेंकट के. नारायण ने पहले भी कहा था कि इस संवाद का उद्देश्य संविधान का अपमान करना नहीं, बल्कि नियमों का पालन न करने के परिणाम को आसान भाषा में समझाना था। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि बोर्ड के आदेश का सम्मान करते हुए सभी बदलाव किए गए।
‘Operation OM’ का नाम भी बदला
फिल्म के एक बड़े एक्शन सीक्वेंस में इस्तेमाल किए गए ‘Operation OM’ का नाम बदलकर ‘Operation MM’ कर दिया गया है। इसके अलावा सेंसर बोर्ड ने भारतीय तिरंगे के जमीन पर गिरने वाला तीन सेकंड का सीन हटाने, कुछ आपत्तिजनक शब्दों को म्यूट करने और भारत-महिलाओं की गरिमा से जुड़े कुछ संवादों में भी बदलाव करने के निर्देश दिए।
बोर्ड ने एक 16 सेकंड का सीन, जिसमें एक बच्चे को जलते हुए दिखाया गया था, हटाकर उसकी जगह नौ सेकंड का वैकल्पिक सीन जोड़ने को भी कहा था।
कुल 20 सेकंड हटाए गए
सेंसर बोर्ड ने फिल्म से 20 सेकंड के दृश्य हटाने और 10 सेकंड का नया फुटेज जोड़ने के बाद ही इसे रिलीज की मंजूरी दी है।
फिल्म में दिखी विजय की राजनीतिक यात्रा दिखाई
रिलीज में हुई देरी के कारण फिल्म में विजय की वास्तविक राजनीतिक यात्रा से जुड़े कुछ नए सीन भी जोड़े गए। थिएटर में दिखाई जा रही फिल्म की शुरुआत अब “Honourable Chief Minister of Tamil Nadu” के टाइटल कार्ड से होती है। पहले यहां एक्टर के रूप में ‘थलापति विजय’ का परिचय दिया जाता था।
फिल्म में विजय का वह चर्चित हैंड-स्लैशिंग जेस्चर भी शामिल किया गया है, जिसे उन्होंने CM बनने के बाद तमिलनाडु विधानसभा में किया था।
‘A’ सर्टिफिकेट मिलने पर निर्माता ने जताई नाराजगी
वेंकट के. नारायण ने फिल्म को U/A की जगह A सर्टिफिकेट मिलने पर भी निराशा जताई है। उनका कहना था कि फिल्म महिला सशक्तिकरण का संदेश देती है। इसलिए वह चाहते थे कि पूरा परिवार इसे साथ बैठकर देख सके। हालांकि, उन्होंने कहा कि फिल्म की टीम ने सेंसर बोर्ड के सभी निर्देशों का पालन किया और कानून का सम्मान किया।
करीब 3 घंटे 3 मिनट लंबी ‘जन नायकन’ में बदलावों के बावजूद विजय की राजनीतिक छवि और फिल्म का राजनीतिक स्वर पूरी तरह खत्म नहीं किया गया है।








