अम्बेडकर अस्पताल के कैंसर सर्जरी विभाग की बड़ी उपलब्धि, हृदय और फेफड़े की प्रमुख संरचनाओं से चिपकी कैंसर की जटिल गांठ को सफलतापूर्वक निकाला
अम्बेडकर अस्पताल के कैंसर सर्जरी विभाग की बड़ी उपलब्धि, हृदय और फेफड़े की प्रमुख संरचनाओं से चिपकी कैंसर की जटिल गांठ को सफलतापूर्वक निकाला
कैंसर सर्जरी एवं हार्ट, चेस्ट एंड वैस्कुलर सर्जरी विभाग के डॉक्टरों की संयुक्त टीम ने चार घंटे तक चले ऑपरेशन में 60 वर्षीय मरीज को दी राहत
रायपुर। डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय, रायपुर के कैंसर सर्जरी विभाग के चिकित्सकों ने एक जटिल ऑपरेशन में 60 वर्षीय मरीज की छाती में हृदय के पास स्थित कैंसरयुक्त गांठ को सफलतापूर्वक निकालने में कामयाबी हासिल की है। गांठ हृदय की प्रमुख रक्त वाहिकाओं, बाएं फेफड़े और हृदय की झिल्ली से चिपकी हुई थी। कैंसर सर्जरी एवं हार्ट, चेस्ट एंड वैस्कुलर सर्जरी विभाग की संयुक्त टीम ने करीब चार घंटे तक चली सर्जरी में गांठ को निकाल दिया। ऑपरेशन के बाद मरीज की स्थिति स्थिर रही और उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। कैंसर सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. आशुतोष गुप्ता के अनुसार हमने केस की जटिलता और मरीज की उम्र को देखते हुए लम्बे समय तक मरीज को नियमित फॉलोअप में रखा। उसके बाद आज दिनांक तक मरीज पूरी तरह ठीक है और अपना जीवन सामान्य लोगों की तरह जी रहा है।
छाती में दर्द और भारीपन की शिकायत लेकर पहुंचा था मरीज
डॉ. आशुतोष गुप्ता के अनुसार, रायपुर निवासी 60 वर्षीय मरीज छाती में दर्द और भारीपन की शिकायत के साथ मेकाहारा के कैंसर सर्जरी विभाग की ओपीडी में पहुंचा था। इससे पहले मरीज एक निजी अस्पताल में बायोप्सी करवा चुका था, जिसमें इनवेसिव थाइमोमा (Invasive Thymoma) की पुष्टि हुई थी। मरीज कैंसर सर्जरी विभाग में पहुंचने से पहले कीमोथेरेपी और रेडिएशन थेरेपी भी करवा चुका था।
मरीज की स्थिति का विस्तृत आकलन करने के लिए छाती का कॉन्ट्रास्ट सीटी स्कैन कराया गया। जांच में छाती के अगले हिस्से यानी एंटीरियर मीडियास्टिनम (Anterior Mediastinum) में लगभग 5 × 4.3 × 2.5 सेंटीमीटर आकार की गांठ पाई गई। यह गांठ महाधमनी (।वतजं) और पल्मोनरी आर्टरी (Pulmonary Artery) जैसी हृदय से जुड़ी प्रमुख रक्त वाहिकाओं के निकट स्थित थी और उनसे चिपकी हुई थी।
दो विभागों ने मिलकर बनाई सर्जरी की योजना
गांठ की स्थिति और हृदय की प्रमुख रक्त वाहिकाओं से उसके गहरे जुड़ाव को देखते हुए कैंसर सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. आशुतोष गुप्ता ने हार्ट, चेस्ट एंड वैस्कुलर सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. के. के. साहू से परामर्श किया। मरीज की स्थिति का आकलन करने के बाद दोनों विभागों की टीम ने संयुक्त रूप से ऑपरेशन करने का निर्णय लिया।
सर्जरी के दौरान छाती के मध्य भाग में चीरा लगाकर मीडियन स्टर्नाेटॉमी (Median Sternotomy) तकनीक से गांठ तक पहुंच बनाई गई। ऑपरेशन के दौरान लगभग 5 × 4 सेंटीमीटर आकार की गांठ एसेन्डिंग एओर्टा (Ascending Aorta), पल्मोनरी आर्टरी (Pulmonary Artery), बाएं फेफड़े (स्मजि स्नदह) और हृदय की बाहरी झिल्ली यानी पेरीकार्डियम (Pericardium) से चिपकी हुई पाई गई।
गांठ की संवेदनशील स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने अत्यंत सावधानी और कुशलता के साथ सर्जरी की। गांठ को हृदय की झिल्ली के एक हिस्से और बाएं फेफड़े के कुछ हिस्से के साथ सफलतापूर्वक निकाल दिया गया। लगभग चार घंटे तक चले इस ऑपरेशन के दौरान मरीज को दो यूनिट रक्त चढ़ाया गया। सर्जरी के दौरान कोई बड़ी समस्या नहीं आई और ऑपरेशन निर्धारित योजना के अनुसार सफलतापूर्वक पूरा हुआ। ऑपरेशन के बाद मरीज की स्थिति में सुधार के बाद उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
इन चिकित्सकों की रही महत्वपूर्ण भूमिका
इस जटिल सर्जरी में कैंसर सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. आशुतोष गुप्ता एवं हार्ट, चेस्ट एंड वैस्कुलर सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. के. के. साहू के नेतृत्व में डॉ. किशन सोनी, डॉ. गुंजन अग्रवाल, डॉ. सोनम, डॉ. समृद्ध, डॉ. लावण्या, डॉ. आशीष मालव, डॉ. गौरव और डॉ. अक्षय ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ऑपरेशन के दौरान निश्चेतना विशेषज्ञ डॉ. संकल्प भी टीम में शामिल रहे।








