दंगल में महिलाओं ने दिखाया दम:नेपाल समेत कई राज्यों के पहलवानों में हुआ मुकाबला, हरियाणा की माही बनी चैंपियन

श्रावस्ती के जगतजीत इंटर कॉलेज इकौना में दो दिवसीय राष्ट्रीय दंगल प्रतियोगिता का रोमांचक आगाज हुआ। पहले दिन के मुकाबलों में अयोध्या, बिहार, देहरादून, मुरादाबाद और हरियाणा समेत विभिन्न क्षेत्रों के पहलवानों ने अपना दमखम दिखाया। प्रतियोगिता के मुख्य मुकाबलों में मध्य प्रदेश के गौरव पहलवान और देहरादून के कल्लू पहलवान के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। एक अन्य रोमांचक मुकाबले में मुरादाबाद के खलील पहलवान ने देहरादून के टाइगर पहलवान को मात दी। दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से पहलवानों का हौसला बढ़ाया। सभी विजेता पहलवानों को पुरस्कृत किया गया दंगल का सबसे दिलचस्प मुकाबला नेपाल के काठमांडू से आए आशिक अली और मध्य प्रदेश के गौरव के बीच हुआ। जिसमें आशिक अली ने बाजी मारी। महिला वर्ग में हरियाणा की माही और बिहार की पुष्पांजलि के बीच लंबा चला मुकाबला माही के नाम रहा। यह वार्षिक प्रतियोगिता स्थानीय प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने का एक महत्वपूर्ण मंच साबित हो रही है। इससे जिले के युवा खिलाड़ियों में कुश्ती के प्रति रुचि बढ़ रही है। वे इस खेल को अपना करियर बनाने के लिए प्रेरित हो रहे हैं। सभी विजेता पहलवानों को पुरस्कृत किया गया।

दंगल में महिलाओं ने दिखाया दम:नेपाल समेत कई राज्यों के पहलवानों में हुआ मुकाबला, हरियाणा की माही बनी चैंपियन
श्रावस्ती के जगतजीत इंटर कॉलेज इकौना में दो दिवसीय राष्ट्रीय दंगल प्रतियोगिता का रोमांचक आगाज हुआ। पहले दिन के मुकाबलों में अयोध्या, बिहार, देहरादून, मुरादाबाद और हरियाणा समेत विभिन्न क्षेत्रों के पहलवानों ने अपना दमखम दिखाया। प्रतियोगिता के मुख्य मुकाबलों में मध्य प्रदेश के गौरव पहलवान और देहरादून के कल्लू पहलवान के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। एक अन्य रोमांचक मुकाबले में मुरादाबाद के खलील पहलवान ने देहरादून के टाइगर पहलवान को मात दी। दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से पहलवानों का हौसला बढ़ाया। सभी विजेता पहलवानों को पुरस्कृत किया गया दंगल का सबसे दिलचस्प मुकाबला नेपाल के काठमांडू से आए आशिक अली और मध्य प्रदेश के गौरव के बीच हुआ। जिसमें आशिक अली ने बाजी मारी। महिला वर्ग में हरियाणा की माही और बिहार की पुष्पांजलि के बीच लंबा चला मुकाबला माही के नाम रहा। यह वार्षिक प्रतियोगिता स्थानीय प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने का एक महत्वपूर्ण मंच साबित हो रही है। इससे जिले के युवा खिलाड़ियों में कुश्ती के प्रति रुचि बढ़ रही है। वे इस खेल को अपना करियर बनाने के लिए प्रेरित हो रहे हैं। सभी विजेता पहलवानों को पुरस्कृत किया गया।