कानपुर में 6 महीने से लापता लड़की,:माता-पिता ने दबंग परिवार पर लगाया आरोप, कहा- पुलिस मिली हुई है
कानपुर में 6 महीने से लापता लड़की,:माता-पिता ने दबंग परिवार पर लगाया आरोप, कहा- पुलिस मिली हुई है
कानपुर के बिल्हौर क्षेत्र में एक वृद्ध दंपति अपनी लापता बेटी की तलाश में दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं। मान निवादा गांव निवासी राकेश दुबे की 26 वर्षीय बेटी आकांक्षा पिछले साल 31 अगस्त से लापता है। वह खेरेश्वर मंदिर के सरैया घाट पर दीपदान करने गई थी, लेकिन वापस घर नहीं लौटी। सीसीटीवी फुटेज में आकांक्षा को मंदिर से ई-रिक्शा में जाते हुए देखा गया, जिसके पीछे एक काली स्कॉर्पियो कार भी दिखाई दी। परिजनों का आरोप है कि शिवराजपुर के एक दबंग परिवार ने उनकी बेटी का अपहरण किया है। हालांकि, पुलिस ने कुछ लोगों से पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया, जिस पर पीड़ित परिवार ने पुलिस पर आरोपियों से सांठगांठ का आरोप लगाया। मंगलवार को दुखी माता-पिता गले में बेटी की फोटो लटकाकर कलेक्ट्रेट पहुंचे और रोते हुए सड़क पर लेट गए। लोगों का कहना था कि किसी नेता का कुत्ता खो जाए तो एक दिन में मिल जाता है, लेकिन 6 महीने बीत जाने के बाद भी बेटी का कोई पता नहीं चला। पिछले 6 महीनों में दंपति ने बिल्हौर से लेकर कानपुर तक के सभी अधिकारियों से गुहार लगाई, लेकिन सिर्फ आश्वासन ही मिले। निराश होकर उन्होंने दिसंबर में पुलिस कमिश्नर कार्यालय के बाहर आत्महत्या का प्रयास किया, जिसे पुलिस ने नाकाम कर दिया। 2 जनवरी को वे बिल्हौर कोतवाली के सामने धरने पर भी बैठे थे। पुलिस अब भी कार्रवाई का आश्वासन दे रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया है। इसी बीच जांच कर रही पुलिस ने कोई सुराग हाथ न लगते देख मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी थी लेकिन क्राइम ब्रांच के हाथ भी अभी तक कोई सबूत हाथ नहीं लग सका। रो रो कर दिन काट रहे वृद्ध दंपति का सब्र एक बार फिर टूट गया और दोनों पति-पत्नी गले में बेटी फोटो और दिल में मिलने की उम्मीद लिए मंगलवार को एक बार फिर कलेक्ट्रेट के बाहर पहुंच गए और रोड पर बैठकर रोने लगे। देखते ही देखते वहां भीड़ जमा हो गई और उनका दर्द सुनकर सहम गए। डीसीपी राजेश कुमार ने जल्द ही युवती को तलाशने की बात कही।
कानपुर के बिल्हौर क्षेत्र में एक वृद्ध दंपति अपनी लापता बेटी की तलाश में दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं। मान निवादा गांव निवासी राकेश दुबे की 26 वर्षीय बेटी आकांक्षा पिछले साल 31 अगस्त से लापता है। वह खेरेश्वर मंदिर के सरैया घाट पर दीपदान करने गई थी, लेकिन वापस घर नहीं लौटी। सीसीटीवी फुटेज में आकांक्षा को मंदिर से ई-रिक्शा में जाते हुए देखा गया, जिसके पीछे एक काली स्कॉर्पियो कार भी दिखाई दी। परिजनों का आरोप है कि शिवराजपुर के एक दबंग परिवार ने उनकी बेटी का अपहरण किया है। हालांकि, पुलिस ने कुछ लोगों से पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया, जिस पर पीड़ित परिवार ने पुलिस पर आरोपियों से सांठगांठ का आरोप लगाया। मंगलवार को दुखी माता-पिता गले में बेटी की फोटो लटकाकर कलेक्ट्रेट पहुंचे और रोते हुए सड़क पर लेट गए। लोगों का कहना था कि किसी नेता का कुत्ता खो जाए तो एक दिन में मिल जाता है, लेकिन 6 महीने बीत जाने के बाद भी बेटी का कोई पता नहीं चला। पिछले 6 महीनों में दंपति ने बिल्हौर से लेकर कानपुर तक के सभी अधिकारियों से गुहार लगाई, लेकिन सिर्फ आश्वासन ही मिले। निराश होकर उन्होंने दिसंबर में पुलिस कमिश्नर कार्यालय के बाहर आत्महत्या का प्रयास किया, जिसे पुलिस ने नाकाम कर दिया। 2 जनवरी को वे बिल्हौर कोतवाली के सामने धरने पर भी बैठे थे। पुलिस अब भी कार्रवाई का आश्वासन दे रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया है। इसी बीच जांच कर रही पुलिस ने कोई सुराग हाथ न लगते देख मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी थी लेकिन क्राइम ब्रांच के हाथ भी अभी तक कोई सबूत हाथ नहीं लग सका। रो रो कर दिन काट रहे वृद्ध दंपति का सब्र एक बार फिर टूट गया और दोनों पति-पत्नी गले में बेटी फोटो और दिल में मिलने की उम्मीद लिए मंगलवार को एक बार फिर कलेक्ट्रेट के बाहर पहुंच गए और रोड पर बैठकर रोने लगे। देखते ही देखते वहां भीड़ जमा हो गई और उनका दर्द सुनकर सहम गए। डीसीपी राजेश कुमार ने जल्द ही युवती को तलाशने की बात कही।