तबादले के बावजूद नहीं हटे CEO, कामकाज ठप

तबादले के बावजूद नहीं हटे CEO, कामकाज ठप

तबादले के बावजूद नहीं हटे CEO, कामकाज ठप

जांजगीर-चांपा : जनपद पंचायत डभरा में प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी के स्थानांतरण के करीब दो माह बाद भी नए अधिकारी को पदभार नहीं मिलने से प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है। पंचायतों के विकास कार्यों के साथ-साथ कर्मचारियों के वेतन भुगतान और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाएं भी प्रभावित होने की बात सामने आ रही है। इस मामले को लेकर जनपद पंचायत अध्यक्ष ने नाराजगी जताते हुए दो दिनों के भीतर समाधान नहीं होने पर धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी है।

जानकारी के अनुसार, जनपद पंचायत डभरा के प्रभारी सीईओ सीके आदिले का 16 जून 2026 को सहायक परियोजना अधिकारी, जिला पंचायत सक्ती के पद पर स्थानांतरण किया गया था। वहीं, जनपद पंचायत गुरूर में पदस्थ उमेश कुमार रात्रे का स्थानांतरण डभरा के नए सीईओ के रूप में किया गया। हालांकि स्थानांतरण आदेश जारी होने के लगभग दो माह बाद भी सीके आदिले को विधिवत कार्यमुक्त नहीं किया गया है।

बताया जा रहा है कि स्थानांतरण के एक माह बाद मंत्रालय द्वारा एकतरफा रिलीव आदेश भी जारी किया गया। इसके बाद 22 जुलाई को उमेश कुमार रात्रे ने जिला पंचायत स्तर पर एलपीसी के आधार पर चार्ज ग्रहण कर लिया, लेकिन उन्हें अब तक जनपद पंचायत डभरा का प्रभार नहीं सौंपा गया है। इससे जनपद कार्यालय के नियमित कार्यों पर असर पड़ रहा है। कर्मचारियों का वेतन तैयार नहीं हो पा रहा है, वहीं पंचायतों से जुड़े कई प्रशासनिक और विकास कार्य लंबित बताए जा रहे हैं।

पंचायतों और आम नागरिकों को हो रही परेशानी

इस संबंध में जनपद पंचायत अध्यक्ष अरुणा सिदार ने कहा कि यदि दो दिनों के भीतर नए सीईओ को विधिवत पदस्थापित कर कार्यभार नहीं सौंपा गया, तो वे सभी जनपद सदस्यों के साथ जनपद पंचायत कार्यालय के सामने धरना-प्रदर्शन करेंगी। उन्होंने बताया कि इस निर्णय को सभी जनपद सदस्यों का समर्थन प्राप्त है।

जनप्रतिनिधियों का कहना है कि प्रशासनिक विलंब का खामियाजा पंचायतों और आम नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है, इसलिए शासन-प्रशासन को जल्द से जल्द इस मामले का समाधान करना चाहिए। जब मेरे स्थान पर चार्ज अधिकारी आ जाएंगे उसके बाद मैं रिलीव हो जाऊंगा। सीके आदिले सीईओ, जनपद पंचायत डभरा