दल्लीराजहरा सीवरेज हादसा: दो बड़े अधिकारियों पर कानूनी कार्रवाई, बीएसपी तहत अपराध दर्ज
दल्लीराजहरा सीवरेज हादसा: दो बड़े अधिकारियों पर कानूनी कार्रवाई, बीएसपी तहत अपराध दर्ज
दल्लीराजहरा। नगर के फुटबॉल ग्राउंड चौक स्थित दास पान ठेला के पास तीन दिन पूर्व सीवरेज खुदाई के दौरान मिट्टी धंसने से हुई तीन मजदूरों की मौत के मामले में राजहरा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच के बाद पुलिस ने लापरवाही बरतने वाले निर्माणकर्ता ठेकेदार और बीएसपी प्रबंधन राजहरा के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कई धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। वही घटना के दूसरे ही दिन बीएसपी प्रबंधन ने अपने दो अधिकारी डीजीएम नगर प्रशासक मंगेश सेलकर एवं एजीएम रमेश हेडउ को कार्य मे लापरवाही बरतने पर पहले ही निलंबित कर दिया है।
क्या था मामला-12 मई को फुटबॉल ग्राउंड के पास सीवरेज लाइन बिछाने के लिए करीब 10 से 12 फीट गहरी खुदाई चल रही थी। इसी दौरान अचानक मिट्टी धंस गई और काम कर रहे तीन मजदूर बैसाखीन बाई 50 वर्ष निवासी वार्ड क्रमांक 2 , किशुन सोरी 54 वर्ष निवासी वार्ड 7 टीचर कालोनी और राकेश दास मानिकपुरी ग्राम भैसबोड दब गए।
समय पर रेस्क्यू न होने से तीनों की मौके पर ही मौत हो गई थी। लगभग 5 घंटे की रेस्क्यू के बाद रात 11:00 बजे आसपास तीनों शव को बाहर निकाला जा सका। रेस्क्यू के दौरान सांसद भोजराज नाग,एसपी योगेश पटेल सहित फायर ब्रिगेड की टीम, स्थानीय पुलिस, समाजसेवी के लोग जुटे रहे। घटना के बाद परिजनों ने मुआवजा और नौकरी की मांग को लेकर अस्पताल के सामने धरना दिया था।
जांच में मिली बड़ी लापरवाही-
उच्च अधिकारियों के निर्देश पर हुए जांच में सामने आया कि ठेकेदार ने बिना साइड वॉल सपोर्ट और शोरिंग के गहरी खुदाई कराई थी। मौके पर न तो सेफ्टी ऑफिसर था, न मजदूरों को हेलमेट, जैकेट या सेफ्टी बेल्ट दिए गए थे। बीएसपी प्रबंधन पर आरोप है कि काम शुरू कराने से पहले सुरक्षा मानकों की जांच नहीं की गई और ठेकेदार को मनमानी करने दी गई।
इन धाराओं में दर्ज हुआ केस-
राजहरा थाना प्रभारी अविनाश सिंह ने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर निर्माणकर्ता ठेकेदार और बीएसपी प्रबन्धन राजहरा के खिलाफ BNS की धारा 106(1) , धारा 289 एवम 3(5) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज किया गया है।
परिजनों को मिलेगी मदद- मृतकों के परिजनों द्वारा शव को लेने से इनकार करने के बाद प्रशासन ने त्रिपक्षी बैठक आहूत की थी जिसमें ठेकेदार के द्वारा पीड़ितों को साढे पांच पांच लाख रुपये मुआवजा, प्रत्येक परिवार से एक व्यक्ति को ठेका श्रमिक रूप में नौकरी तथा बीएसपी द्वारा पचास पचास हजार रुपये देने का आश्वासन दिया गया था। तब जाकर उनके द्वारा हड़ताल समाप्त किया गया । मजदूरों को बिजनु राम भारद्वाज द्वारा ठेका कार्य में कार्य कराया जा रहा थ।
थाना प्रभारी का कहना- राजहरा थाना के टीआई अविनाश सिंह ने कहा कि अभी आगे जांच जारी है। जरूरत पड़ने पर धारा और बढ़ाई जा सकती है।







