फैक्ट्री धमाका: देवास में तीन लोगों की मौत, शव हवा में उड़े और सड़क तक गिरे
फैक्ट्री धमाका: देवास में तीन लोगों की मौत, शव हवा में उड़े और सड़क तक गिरे
देवास। एबी रोड पर जिला मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर दूर टोंककला के समीप स्थित पटाखा फैक्ट्री में गुरुवार सुबह 10.30 बजे अज्ञात कारणों के चलते आग लग गई। जोरदार धमाकों से आसपास का क्षेत्र गूंज उठा। हादसे में तीन श्रमिकों की मौत हो चुकी है। धमाका इतना भीषण था कि सड़क तक मांस के लोथड़े उड़कर आ गए। वहीं कई शव भी सड़क तक उड़कर आ गए थे।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसे में तीन श्रमिकों के की मौत की पुष्टि हो गई है। वहीं 23 से अधिक लोग गंभीर रूप से झुलसे हैं। मौत का आंकड़ा बढ़ने की आशंका प्रकट की जा रही है। आधा दर्जन से अधिक श्रमिक 80 प्रतिशत से अधिक झुलसे हैं। पटाखा फैक्ट्री के चारों ओर धुआं ही धुआं नजर आ रहा है। आसपास लोगों की भीड़ लगी हुई है। यहां काम कर रहे श्रमिक बिहार के अररिया जिले के बताए जा रहे हैं। जिला अस्पताल से अब तक 15 घायलों को रेफर किया गया है। अमलतास और इंदौर के चोइथराम अस्पताल भी घायल भेजे गए हैं।
गोल्डी, निरंजन, अभिषेक, विशाल, गुड्डू, मनजीत, अजय पासवान, अमित, रोशन, राम सहित 15 को रेफर किया गया है। धीरज, सनी, सुमित की मौत हो गई है। कंपनी में 18 साल से कम उम्र के कई किशोरों के काम करने की जानकारी भी सामने आई है, पुलिस प्रशासन जांच कर रहा है।
धमाके से फैक्ट्री के शेड के टीन हाईवे पर तक उड़कर आ गए। सूचना मिलते ही कलेक्टर, एडीएम और एसडीम सहित तमाम वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं और राहत कार्य को लेकर आवश्यक निर्देश दिए जा रहे हैं। संभागायुक्त, डीआईजी, कलेक्टर, एडीएम सहित बड़ी संख्या में अधिकारी पहुंचे। पूर्व मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सज्जन सिंह वर्मा भी घटनास्थल पर पहुंचे।
फैक्ट्री में अब भी भारी मात्रा में बारूद और बने हुए पटाखे मौजूद है। प्रशासन की टीम आग पर काबू करने के बाद पूरे एरिया को सैनिटाइज करने में जुटी हुई है। संभागायुक्त आशीष सिंह के मौके पर पहुंचने पर भीड़ ने उन्हें घेर लिया और आक्रोश व्यक्त करते हुए जमकर नारेबाजी की। इस दौरान लोगों ने प्रशासन के खिलाफ रोष प्रकट किया।
सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और गंभीर घायलों को देवास के जिला अस्पताल के लिए रवाना किया गया। सुबह 11:25 बजे जिला अस्पताल में एक घायल पहुंचा था। हादसे में कई लोगों की मौत की आशंका जताई जा रही है।
बिहार के अररिया जिले के निवासी विपिन कुमार ने बताया वह मशीन में काम कर रहे थे इसी दौरान करीब 20 मीटर की दूरी पर जोरदार धमाका हुआ। जाकर देखा तो कई लोग झुलस चुके थे। सूचना देने के बाद करीब पौन घंटे तक भी एंबुलेंस नहीं पहुंची थी। यदि समय पर आ जाती तो संभव था कुछ लोगों की जान बच जाती। आग कैसे लगी इसके बारे में हमें भी नहीं पता है।
फैक्ट्री में कई कमरे बने हुए हैं
श्रमिकों के अनुसार फैक्ट्री में कई कमरे बने हुए हैं, इनमें से एक में धमाका हुआ था। 500 से अधिक श्रमिक काम करते हैं जिनमें बिहार के रहने वाले लगभग 200 के आसपास हैं। 12 घंटे काम करवाया जाता था और सैलरी ₹15000 थी। रहने के इंतजाम भी वहीं थे। बिहार के अररिया जिले के छोटू नाम के ठेकेदार के माध्यम से अधिकांश बिहारी श्रमिक यहां आए थे। फैक्ट्री के मालिक दिल्ली निवासी बताए जा रहे हैं हालांकि इसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है।
दो माह पहले भी लगी थी आग
करीब दो माह पूर्व भी इस फैक्ट्री में छोटी आग लगी थी जिसे तुरंत काबू कर लिया गया था उसमें कोई नुकसान अधिक नहीं हुआ था न ही कोई आग की चपेट में आया था। इसके बावजूद सुरक्षा इंतजामों पर ध्यान नहीं दिया गया, यह गंभीर लापरवाही का नतीजा है कि आज इतना बड़ा हादसा हो गया।







