विदेशी धरती पर भारतीय संस्कृति का अपमान
विदेशी धरती पर भारतीय संस्कृति का अपमान
नई दिल्ली । अमेरिका के टेक्सस में एक महिला की नस्लीय और भारत-विरोधी टिप्पणियों ने सोशल मीडिया पर भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। खुद को गवर्नर पद का प्रत्याशी बताने वाली केली स्मिथ नाम की इस महिला ने न केवल भारतीय संस्कृति का मजाक उड़ाया, बल्कि मंदिरों को लेकर भी बेहद आपत्तिजनक बातें कहीं।
'प्रिया' नाम रख उड़ाया आस्था का मजाक
विवाद की शुरुआत तब हुई जब केली ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर अपनी एक AI जनित फोटो शेयर की। इस तस्वीर में वह भारतीय वेशभूषा (साड़ी) पहने एक मंदिर के सामने खड़ी नजर आ रही है। फोटो के साथ केली ने व्यंग्यात्मक लहजे में लिखा कि उसका नया नाम 'प्रिया' है।
केली ने अपनी पोस्ट में कहा, "चूंकि भारत से आए लोग दावा करते हैं कि वे भी मेरी तरह अमेरिकन हैं, इसलिए मैंने भी इंडियन बनने का फैसला किया है। मेरा नया नाम प्रिया है, लेकिन मैं मंदिर के भीतर भी जूते पहनूंगी और हैमबर्गर खाऊंगी, क्योंकि मैं अपनी टेक्सस की संस्कृति नहीं छोड़ सकती।"
मंदिर में 'बीफ' बनाने की दी सलाह
भारतीय समुदाय द्वारा विरोध किए जाने पर केली स्मिथ का रवैया और भी हमलावर हो गया। उसने एक अन्य पोस्ट में हिंदुओं की आस्था पर चोट करते हुए लिखा कि हम सबको इंडियन बन जाना चाहिए और "मंदिरों में स्टेक (बीफ) ग्रिल करके खाना चाहिए।" जब लोगों ने इसे धार्मिक भावनाओं का अपमान बताया, तो केली ने इसे टेक्सस की संस्कृति बताते हुए जायज ठहराया। उसने उल्टा भारतीयों पर ही निशाना साधते हुए कहा:
सोचिए टेक्सस के लोगों को कैसा लगता होगा जब आप हमारी संस्कृति का सम्मान नहीं करते? हमारी झीलों में दूध, मूर्तियां और फल डालना किसी AI तस्वीर से कहीं ज्यादा अपमानजनक है।
नस्लीय टिप्पणी
केली का गुस्सा केवल धार्मिक प्रतीकों तक सीमित नहीं रहा, उसने टेक्सस में बढ़ती भारतीय आबादी और व्यापार पर भी नस्लीय टिप्पणी की। उसने लिखा कि टेक्सस के लोग हर कोने पर खुल रही भारतीय दुकानों और शॉपिंग सेंटरों को देख-देखकर थक चुके हैं। उसने साफ शब्दों में कहा, "यह भारत नहीं है! यह हमारे लिए अपमानजनक है।"
गवर्नर चुनाव के लिए चुनावी पैंतरा?
हैरानी की बात यह है कि केली स्मिथ इन विवादित बयानों के जरिए राजनीतिक समर्थन जुटाने की कोशिश कर रही है। उसने खुद को आगामी नवंबर में होने वाले गवर्नर चुनाव के लिए 'राइट-इन कैंडिडेट' (वह प्रत्याशी जिसका नाम बैलट पेपर पर नहीं होता, वोटर को खुद लिखना पड़ता है) घोषित किया है।
केली ने चंदा जुटाने (Fundraising) का अभियान भी शुरू किया है, हालांकि अब तक उसे केवल 14 लोगों का ही समर्थन मिला है। उसने अपने अभियान में 'टेक्सस सिर्फ टेक्सस के लोगों का है' जैसे नारे दिए हैं।
केली स्मिथ की इन हरकतों को सोशल मीडिया पर 'हेट स्पीच' और नस्लीय नफरत फैलाने वाला बताया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि चुनाव में ध्यान खींचने के लिए उसने जानबूझकर भारतीय समुदाय को निशाना बनाया है। भारतीय मूल के अमेरिकियों ने टेक्सस प्रशासन से इस मामले में संज्ञान लेने की मांग की है।







