वायरल वीडियो पर मंत्री राजवाड़े ने दी सफाई

वायरल वीडियो पर मंत्री राजवाड़े ने दी सफाई

वायरल वीडियो पर मंत्री राजवाड़े ने दी सफाई

अंबिकापुर। अंबिकापुर-बिलासपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित लहपटरा टोल प्लाजा के कर्मचारी के साथ मारपीट प्रकरण में मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े का बयान आया है। मंत्री ने कहा है कि उनके स्टाफ का आचरण अनुचित है। दोषी चालक को कड़ी चेतावनी दी गई है। टोल कर्मचारी के साथ हुए दुर्व्यवहार से आहत हूं। उन्होंने कहा कि जल्द टोल कर्मचारी से मिलकर हालचाल जानूंगी।

वायरल वीडियो को लेकर मंत्री ने कहा है कि घटना में पीए लिप्त नहीं है। वाहन चालक वीडियो में नजर आया है। मंत्री ने कहा है कि जनता का सम्मान सर्वोपरि है। अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने कहा है कि टोल कर्मचारी की त्रुटि मानवीय हो सकती है लेकिन वाहन चालक का दुर्व्यवहार अशोभनीय है।

जानकारी के अनुसार दो सितंबर की रात करीब साढ़े 12 बजे मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े बिलासपुर से अंबिकापुर लौट रही थीं। उनके काफिले में दो गाड़ियां थीं। लहपटरा टोल प्लाजा पर काफिले की आगे चल रही गाड़ी ने टोल पार कर लिया, लेकिन ठीक पीछे चल रही मंत्री की गाड़ी के ऊपर टोल का बूम अचानक गिर गया। इससे गाड़ी हल्की क्षतिग्रस्त हो गई और काफिला आगे जाकर रुक गया था। बूम गिरते ही मंत्री के साथ चल रहे कर्मचारी, सुरक्षाकर्मियों के साथ वाहन से उतरे और सीधे टोल बूथ पर पहुंच गए।

वहां उन्होंने टोलकर्मी के साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टोलकर्मी हाथ जोड़कर माफी मांग रहा था लेकिन कर्मचारी ने उसे कई थप्पड़ जड़ दिए थे। इस घटना के बाद गुरुवार को पीड़ित टोलकर्मी अन्य टोलकर्मियों ने लखनपुर थाने पहुंच लिखित शिकायत दी थी। मारपीट का वीडियो प्रसारित होने के बाद मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े का बयान सामने आया है।

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने स्पष्ट किया कि दिनभर विभिन्न शासकीय कार्यक्रमों और जनहित से जुड़े कार्यों में व्यस्तता के कारण वे अत्यधिक थक गई थीं और यात्रा के दौरान अपने वाहन में विश्राम कर रही थीं। वाहन के भीतर होने के कारण उन्हें मौके पर हुई घटना की तत्काल जानकारी नहीं मिल सकी। अगले दिन जब इंटरनेट मीडिया एवं अन्य माध्यमों से इस दुर्भाग्यपूर्ण वाकये की जानकारी मिली, तो वे अत्यंत आहत और व्यथित हुईं।

मानवीय त्रुटि पर दुर्व्यवहार अस्वीकार्य

मंत्री राजवाड़े ने कहा, टोल प्लाजा पर बूम बैरियर का गिरना एक तकनीकी अथवा मानवीय त्रुटि हो सकती है। एक जनसेवक होने के नाते मैं उस त्रुटि को स्वाभाविक मानते हुए कर्मचारी को पूरी तरह क्षमा करती हूं। परंतु किसी भी सामान्य अथवा तकनीकी भूल के बदले चालक द्वारा किसी नागरिक अथवा कर्मचारी के साथ किया गया ऐसा अशोभनीय व्यवहार किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। मंत्री ने कहा कि पीए द्वारा किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार या मारपीट नहीं की गई है। उनका नाम इस घटना में पूरी तरह तथ्यहीन और भ्रामक रूप से जोड़ा जा रहा है, जिसका वे खंडन करती हैं। घटना में दिखाई दे रहे व्यक्ति वाहन चालक हैं।

पीड़ित कर्मचारी से जल्द करेंगी भेंट

घटना पर अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि टोल कर्मचारी को हुई मानसिक पीड़ा के लिए उन्हें व्यक्तिगत रूप से गहरा खेद है। वे अपने अगले प्रवास के दौरान स्वयं उस कर्मचारी से मिलकर उसका कुशलक्षेम जानेंगी। उन्होंने कहा कि जनता का आत्मसम्मान और सुरक्षा का पूरा ध्यान सदैव रखा जाएगा।