रीवा में प्रॉपर्टी डीलर को ढाई घंटे डिजिटल अरेस्ट किया:वर्दी पहने आरोपी ने बैंक घोटाले का डर दिखाया; शक होने पर ट्रांसफर नहीं किए रुपए
रीवा में प्रॉपर्टी डीलर को ढाई घंटे डिजिटल अरेस्ट किया:वर्दी पहने आरोपी ने बैंक घोटाले का डर दिखाया; शक होने पर ट्रांसफर नहीं किए रुपए
रीवा के समान थाना क्षेत्र में एक बार फिर डिजिटल अरेस्ट का मामला सामने आया है। बदमाशों ने खुद को दिल्ली क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताते हुए एक प्रॉपर्टी डीलर को 680 करोड़ के बैंक घोटाले में फंसाने का प्रयास किया। हालांकि, पीड़ित की सतर्कता के कारण वह धोखाधड़ी का शिकार होने से बच गया। मंगलवार को अरुण नगर निवासी संजीव श्रीवास्तव को एक वीडियो कॉल आई, जिसमें पुलिस वर्दी में कुछ लोगों ने खुद को दिल्ली क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताया। आरोपियों ने संजीव को बताया कि उनके खाते में 680 करोड़ के बैंक घोटाले की राशि आई है और उन्हें डिजिटल अरेस्ट कर लिया गया है। इसके बाद उन्होंने गारंटी के तौर पर पैसे भेजने की मांग की। सतर्कता बरतने पर शिकार होने से बचे संजीव ने सतर्कता बरतते हुए पैसे भेजने से इनकार कर दिया और फोन काट दिया। करीब दो घंटे तक चले इस प्रकरण के बाद उन्होंने गुरुवार को थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शुक्रवार को मामले में एफआईआर दर्ज की है। साइबर सेल को सौंपा मामला सीएसपी शिवाली चतुर्वेदी ने बताया कि मामले को साइबर सेल को सौंप दिया गया है और आरोपियों की तलाश जारी है। उन्होंने कहा कि फिलहाल आरोपियों की पहचान नहीं हो पाई है।
बढ़ते डिजिटल अरेस्ट के मामलों को देखते हुए पुलिस ने जिले में जागरूकता अभियान चलाया है। इसी जागरूकता के कारण लोग ऐसी धोखाधड़ी से सतर्क हो गए हैं और कई लोग इस तरह के अपराधों का शिकार होने से बच रहे हैं।
रीवा के समान थाना क्षेत्र में एक बार फिर डिजिटल अरेस्ट का मामला सामने आया है। बदमाशों ने खुद को दिल्ली क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताते हुए एक प्रॉपर्टी डीलर को 680 करोड़ के बैंक घोटाले में फंसाने का प्रयास किया। हालांकि, पीड़ित की सतर्कता के कारण वह धोखाधड़ी का शिकार होने से बच गया। मंगलवार को अरुण नगर निवासी संजीव श्रीवास्तव को एक वीडियो कॉल आई, जिसमें पुलिस वर्दी में कुछ लोगों ने खुद को दिल्ली क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताया। आरोपियों ने संजीव को बताया कि उनके खाते में 680 करोड़ के बैंक घोटाले की राशि आई है और उन्हें डिजिटल अरेस्ट कर लिया गया है। इसके बाद उन्होंने गारंटी के तौर पर पैसे भेजने की मांग की। सतर्कता बरतने पर शिकार होने से बचे संजीव ने सतर्कता बरतते हुए पैसे भेजने से इनकार कर दिया और फोन काट दिया। करीब दो घंटे तक चले इस प्रकरण के बाद उन्होंने गुरुवार को थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शुक्रवार को मामले में एफआईआर दर्ज की है। साइबर सेल को सौंपा मामला सीएसपी शिवाली चतुर्वेदी ने बताया कि मामले को साइबर सेल को सौंप दिया गया है और आरोपियों की तलाश जारी है। उन्होंने कहा कि फिलहाल आरोपियों की पहचान नहीं हो पाई है।
बढ़ते डिजिटल अरेस्ट के मामलों को देखते हुए पुलिस ने जिले में जागरूकता अभियान चलाया है। इसी जागरूकता के कारण लोग ऐसी धोखाधड़ी से सतर्क हो गए हैं और कई लोग इस तरह के अपराधों का शिकार होने से बच रहे हैं।