नैनो उर्वरकों से सब्जी उत्पादन में मिल रहे बेहतर परिणाम, किसानों का बढ़ा भरोसा
नैनो उर्वरकों से सब्जी उत्पादन में मिल रहे बेहतर परिणाम, किसानों का बढ़ा भरोसा
कम लागत, बेहतर पोषण और अधिक उत्पादन से आधुनिक खेती को मिल रही नई दिशा
रायपुर । कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों और नवाचार आधारित उर्वरकों के उपयोग से किसानों को खेती अधिक लाभकारी बनाने में मदद मिल रही है। नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी जैसे उन्नत उर्वरक किसानों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। कम मात्रा में अधिक प्रभावी परिणाम देने वाले ये उर्वरक फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उपलब्ध कराने के साथ-साथ खेती की लागत कम करने और मिट्टी की गुणवत्ता बनाए रखने में भी सहायक सिद्ध हो रहे हैं। प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में किसान नैनो उर्वरकों का उपयोग कर सकारात्मक परिणाम प्राप्त कर रहे हैं। सरगुजा जिले के अम्बिकापुर विकासखंड के ग्राम जगदीशपुर निवासी कृषक श्री प्रेमनाथ ने सब्जी फसलों में नैनो उर्वरकों के सफल उपयोग का अनुभव साझा किया है। उन्होंने बताया कि भिंडी, लौकी, खीरा सहित विभिन्न सब्जी फसलों में नैनो उर्वरकों के छिड़काव से फसलों की वृद्धि एवं उत्पादन में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है।
कृषक प्रेमनाथ के अनुसार नैनो उर्वरक बाजार में आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं और इनका उपयोग भी सरल है। पानी के साथ घोल बनाकर छिड़काव करने से पोषक तत्व सीधे पत्तियों के माध्यम से पौधों तक पहुंचते हैं, जिससे उनकी उपयोग दक्षता बढ़ जाती है। परिणामस्वरूप फसलों को आवश्यक पोषण समय पर प्राप्त होता है और उनकी वृद्धि बेहतर होती है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि नैनो उर्वरक पोषक तत्वों के अधिक प्रभावी उपयोग को सुनिश्चित करते हैं। इससे उर्वरकों की बर्बादी कम होती है तथा खेती की लागत में भी कमी आती है। साथ ही मिट्टी पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ता, जिससे उसकी उर्वरता और जैविक गुणवत्ता सुरक्षित बनी रहती है। यह तकनीक पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ कृषि को भी बढ़ावा देती है।
राज्य सरकार एवं कृषि विभाग द्वारा किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रति जागरूक करने के लिए लगातार प्रशिक्षण, प्रदर्शन एवं तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान किया जा रहा है। किसानों को नैनो उर्वरकों के वैज्ञानिक उपयोग और उनके लाभों की जानकारी देकर उन्नत खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। कृषक प्रेमनाथ ने अन्य किसानों से भी नैनो उर्वरकों को अपनाने की अपील करते हुए कहा कि सब्जियों से लेकर पारंपरिक फसलों तक में इसके सकारात्मक परिणाम प्राप्त हो रहे हैं। उनका मानना है कि आधुनिक कृषि तकनीकों के साथ नैनो उर्वरकों का उपयोग खेती को अधिक लाभकारी, टिकाऊ और भविष्य उन्मुख बना सकता है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार नैनो उर्वरकों का संतुलित एवं वैज्ञानिक उपयोग उत्पादन बढ़ाने, लागत कम करने, मृदा स्वास्थ्य संरक्षण तथा किसानों की आय में वृद्धि के लिए महत्वपूर्ण माध्यम बन रहा है।








