अंडर-19 टीम के कप्तान बने यशवर्धन
अंडर-19 टीम के कप्तान बने यशवर्धन
ग्वालियर। श्रीलंका दौरे पर जाने वाली अंडर-19 क्रिकेट टीम का चयन कर लिया गया है। इस टीम की कमान यशवर्धन सिंह चौहान को दी गई है। यशवर्धन मूलरूप से फिरोजाबाद के गांव कौरारा के रहने वाले हैं। उनका परिवार अब ग्वालियर में रह रहा है। सिंधिया स्कूल में वह 12वीं के छात्र हैं। वहीं उनका क्रिकेट निखरा। इनके साथ ही मैनपुरी के नगला जुला के मनल चौहान को टीम में जगह मिली है। मनल अपने ननिहाल मध्यप्रदेश के मुरैना में रह रहे हैं। वह चंबल संभाग की टीम के लिए खेलते रहे हैं।
यशवर्धन सिंह चौहान ने इस वर्ष जनवरी में कूच बिहार ट्राफी में शानदार प्रदर्शन किया था। उन्होंने इस सीरीज में आठ मैचों में 57 विकेट चटकाए थे। उन्होंने सीरिज में 42.31 की औसत से 550 रन भी बनाए थे। इसमें एक शतक और दो अर्धशतक शामिल थे। उन्हें प्लेयर आफ द सीरीज चुना गया था। वर्ष 2003 से ग्वालियर के मुरार में रहने वाले उनके पिता अनामी सिंह चौहान ने बताया कि वर्ष 2023 में यशवर्धन चंबल डिवीजन से अंडर 15 टीम का हिस्सा थे। तब उन्होंने इंदौर के विरुद्ध 391 रन बनाए थे। अंडर-15 टीम में वह 39 चौकों और छह छक्कों की बदौलत तिहरा शतक भी जड़ चुके हैं।
मूलत: गांव कौरारा के निवासी एवं पूर्व प्रधान अनामी सिंह चौहान बचपन से ही क्रिकेट के प्रति बेहद जुनूनी रहे हैं। उन्हें अपने बेटे यशवर्धन के भीतर क्रिकेट की असाधारण प्रतिभा देखी। अनामी 2003 में गांव प्रधान थे। अच्छी साख थी, लेकिन बेटे के लिए उन्होंने सब छोड़ दिया। बेटे को बेहतर क्रिकेट प्रशिक्षण दिलाने के लिए ग्वालियर चले गए। बेटे को सिंधिया स्कूल में प्रवेश दिलाया। कक्षा तीन से ही वह स्कूल में क्रिकेट खेलने लगे। शुरू में आफ स्पिन गेंदबाजी करते थे। अब वह आलराउंडर हैं।
यशवर्धन मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के चंबल डिवीजन का हिस्सा हैं। वर्ष 2022 में सिर्फ 13 साल की उम्र में उन्होंने अंडर-13 टूर्नामेंट में खेलते हुए चार मैचों में 1,091 रन बना बनाए थे। दो वर्ष पहले बीसीसीआई ने उन्हें देश की सबसे प्रतिष्ठित जगमोहन डालमिया ट्राफी से सम्मानित किया था। उनकी उपलब्धि पर जिला गर्व महसूस कर रहा है। यह उनके पिता के सपने की भी जीत है। गांव के युवकों ने शुक्रवार को मिठाई बांटी।
मैनपुरी के मनल चौहान का भी चयन
नगर के नगला जुला निवासी पुत्र मनल चौहान ने भी भारतीय क्रिकेट टीम में अंडर-19 में अपनी जगह पक्की की है। उन्हें टीम में बल्लेबाज के रूप में स्थान मिला है। उनके पिता सुदीप चौहान औडेन्य पड़रिया मौजा के वर्तमान प्रधान हैं। पिता ने बताया कि मनल मुरैना में अपनी ननिहाल में रह रहे हैं। वे चंबल संभाग की ओर से मध्य प्रदेश की टीम के लिए अब तक खेलते रहे हैं।
जिले के कोच ने जताई खुशी
जिले के प्रमुख क्रिकेट कोचों में से एक विकास पालीवाल ने बताया कि वर्ष 2015 में पिता अनामी सिंह चौहान ने यशवर्धन को हमारे पास क्रिकेट सिखाने के लिए लाए थे। उस समय वह ओम ग्लास के मैदान में क्रिकेट सिखाते थे। कुछ दिन क्रिकेट सीखने के बाद अनामी बेटे को आगरा के एकलव्य स्टेडियम में कोच मनोज कुशवाहा के पास ले गए थे। खिलाड़ी की उपलब्धि पर वह काफी खुश हैं।







