पति को राहत: खुद घर छोड़कर रहने वाली पत्नी भरण-पोषण की हकदार नहीं—छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
पति को राहत: खुद घर छोड़कर रहने वाली पत्नी भरण-पोषण की हकदार नहीं—छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
बिलासपुर: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि यदि पत्नी बिना पति को सूचित किए घर छोड़कर चली जाती है और किसी अन्य पुरुष के साथ समय बिताती है, तो इसे परित्याग की श्रेणी में माना जाएगा। ऐसे मामलों में पत्नी सीआरपीसी की धारा 125(4) के तहत गुजारा भत्ता पाने की हकदार नहीं होती।
यह फैसला चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की सिंगल बेंच ने सुनाया। कोर्ट ने दुर्ग फैमिली कोर्ट के उस निर्णय को बरकरार रखा, जिसमें महिला की गुजारा भत्ता की याचिका खारिज कर दी गई थी।
भिलाई निवासी महिला ने अपने पति के खिलाफ भरण-पोषण के लिए आवेदन दाखिल किया था। याचिका में महिला ने दावा किया था कि वह पति की सहमति से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए दिल्ली गई थी।
मामले की सुनवाई के दौरान पति ने कोर्ट को बताया कि नवंबर 2022 में उसकी पत्नी बिना जानकारी दिए घर छोड़कर चली गई थी। उस समय वह अपने दोनों बच्चों को घर पर ही छोड़ गई थी। बाद में जानकारी मिली कि महिला अपनी बहन और एक अन्य पुरुष के साथ दिल्ली गई थी और वहां करीब 10 दिनों तक रही।







