ट्रांसफर के बाद भी नहीं छोड़ा पुराना कार्यस्थल, 15 रेलकर्मियों पर कार्रवाई
ट्रांसफर के बाद भी नहीं छोड़ा पुराना कार्यस्थल, 15 रेलकर्मियों पर कार्रवाई
बिलासपुर: तबादला आदेश की अवहेलना 15 रेलकर्मियों पर भारी पड़ गई। संवेदनशील पदों पर तैनात इन कर्मचारियों का रोटेशनल ट्रांसफर होने के बावजूद उन्होंने नई पदस्थापना पर कार्यभार ग्रहण नहीं किया और पुरानी जगह पर ही जमे रहे। मामले में डीआरएम की अनुशंसा के बाद डीपीओ ने सभी 15 कर्मचारियों का वेतन रोक दिया है।
कार्रवाई की खबर से रेलवे में हड़कंप मच गया है। अब कर्मचारियों का तर्क है कि उन्हें ब्रांच अफसर ने रिलीव ही नहीं किया, ऐसे में वे नई जगह जाकर कार्यभार कैसे संभालते। इसी मुद्दे को लेकर रेलवे में घमासान की स्थिति है। खास बात यह है कि रेलवे में वेतन रोकने जैसी कार्रवाई सामान्य तौर पर नहीं होती। रेलवे में भी संवेदनशील पदों पर पदस्थ अधिकारी-कर्मचारियों का प्रत्येक चार साल में रोटेशनल तबादला करने का प्राविधान है।
इसी नियम के तहत कुछ महीने पहले चीफ डीटीआई, सीटीसी, एमटीएस, सीसीसी, सीएलसी, एसएसई, सीएसएम और ओएस समेत विभिन्न संवेदनशील पदों पर कार्यरत कर्मचारियों के तबादला आदेश जारी किए गए थे। यह पद रेलवे के सभी विभागों से जुड़े हुए हैं। आदेश के मुताबिक कर्मचारियों को नई पदस्थापना पर जाकर कार्यभार ग्रहण करना था, लेकिन कई कर्मचारियों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया और पुरानी जगह पर ही काम करते रहे।
तबादला आदेश के बाद कर्मचारियों को नई जगह तत्काल कार्यभार संभालने के निर्देश भी दिए गए थे। साथ ही स्पष्ट किया गया था कि आदेश का पालन नहीं करने पर वेतन रोकने जैसी कार्रवाई की जाएगी। इसके बावजूद कर्मचारी पुरानी जगह पर ही डटे रहे।
कुछ कर्मचारियों का कहना था कि उन्हें संबंधित विभागाध्यक्ष ने रिलीव नहीं किया, ऐसे में वे नई पदस्थापना पर कार्यभार कैसे ग्रहण करते। वहीं, विभागाध्यक्षों की ओर से भी कर्मचारियों को समय पर रिलीव नहीं किया गया। उन्हें रिलीव नहीं करने के पीछे क्या कारण रहे, यह संबंधित विभाग ही बेहतर बता सकता है। हालांकि, अब इस पूरे मामले का खामियाजा कर्मचारियों को भुगतना पड़ा है। डीआरएम की अनुशंसा के बाद 15 कर्मचारियों का वेतन रोक दिया गया है।
कार्रवाई की भनक लगते ही कुछ कर्मचारियों ने संभाला कार्यभार
हालांकि वेतन रोकने की कार्रवाई की जद में आए कर्मचारियों की संख्या फिलहाल 15 बताई जा रही है, लेकिन यह आंकड़ा अंतिम नहीं है। बताया जा रहा है कि तबादला आदेश के बाद कई कर्मचारी नई पदस्थापना पर नहीं गए थे। इस बीच जैसे ही वेतन रोकने की कार्रवाई की सुगबुगाहट शुरू हुई, कुछ कर्मचारियों ने आनन-फानन में पुरानी जगह से रिलीव होकर नई पदस्थापना पर कार्यभार ग्रहण कर लिया।
ऐसे कर्मचारियों पर कार्रवाई नहीं हुई। वहीं, जिन कर्मचारियों ने इसके बावजूद नई जगह पर ज्वाइन नहीं किया, उनके खिलाफ अब कार्रवाई की गाज गिरी है।
वर्जन
वेतन रोकने की कार्रवाई की जानकारी मिल रही है। हालांकि, संबंधित विभाग से पूरी जानकारी मिलने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। अनुराग कुमार सिंह, सीनियर डीसीएम, बिलासपुर रेल मंडल वर्जन कुछ कर्मचारियों का तबादला होने के बावजूद उन्हें ब्रांच अफसरों ने रिलीव नहीं किया। इसमें कर्मचारियों की कोई गलती नहीं है। इसके लिए ब्रांच अफसर जिम्मेदार हैं। वेतन रोकने की कार्रवाई से कर्मचारियों पर मानसिक दबाव बढ़ेगा। इस मामले को लेकर मजदूर कांग्रेस के पदाधिकारी मंगलवार को डीआरएम से मुलाकात भी करेंगे।
विजय अग्निहोत्री, मंडल समन्वयक, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे मजदूर कांग्रेस








