रेत के खेल में खून-खराबा, 4 आरोपी गिरफ्तार
रेत के खेल में खून-खराबा, 4 आरोपी गिरफ्तार
अंबिकापुर/सोनहत। कोरिया जिले के सोनहत थाना क्षेत्र के नवगई गांव में रेत तस्करी और अवैध खनन के वर्चस्व को लेकर दो परिवारों के बीच चल रहा पुराना विवाद मंगलवार रात खौफनाक कत्लेआम में बदल गया।
आबंटित रेत घाट के बजाय इधर-उधर से अवैध रेत निकालने और गाड़ियों से होने वाली वसूली के विवाद में हुए इस खूनी संघर्ष में पूर्व जनपद पंचायत अध्यक्ष भरत सिंह गहरवार उर्फ लल्ला सिंह (60) को उनकी फॉर्च्यूनर कार के अंदर जिंदा जला दिया गया। वहीं, जान बचाने के लिए कार की खिड़की तोड़कर बाहर निकले सगे भाई नागेंद्र सिंह (60) और साथी वीरेंद्र सिंह (28) की लाठी-डंडों से पीट-पीटकर बेरहमी से हत्या कर दी गई।
वीरेंद्र सिंह के गले पर गंभीर वार किए गए, जिससे अंबिकापुर के अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। वहीं 40 से 60 फीसदी तक झुलसे और बुरी तरह घायल नागेंद्र सिंह को रायपुर रेफर किया था, जहां उन्होंने दम तोड़ दिया। वहीं मयंक और योगेंद्र गंभीर रूप से घायल हैं। इस मामले में अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
हत्याकांड की मुख्य वजह रेत के अवैध कारोबार पर अपना एकाधिकार जमाने की कोशिश थी। पुलिस के अनुसार, बैकुंठपुर महलपारा के रसूखदार लल्ला सिंह के भाई नागेंद्र सिंह के बेटे ने नवगई रेत घाट का सरकारी ठेका लिया था। नियमों के मुताबिक रेत इसी आवंटित घाट से उठनी थी, लेकिन नवगई का रहने वाला मनोज त्रिपाठी परिवार इस घाट से रेत न लेकर आस-पास की अन्य जगहों से रेत की अवैध तस्करी और माइनिंग का काम करता था।
दूसरी ओर, ठेका पक्ष से लल्ला सिंह का भतीजा मयंक सिंह रेत ले जाने वाले इन वाहनों से रुपयों की वसूली करता था। आवंटित घाट छोड़कर रेत चुराने को लेकर त्रिपाठी परिवार और लल्ला सिंह के परिवार में अक्सर विवाद होता रहता था। मंगलवार दोपहर को इसी रंजिश के चलते सोनहत रोड पर शिवघाट के पास लल्ला सिंह के भतीजे मयंक सिंह और मनोज त्रिपाठी के भाई निशांत के बीच जमकर झगड़ा और मारपीट हुई।
इसके तुरंत बाद त्रिपाठी परिवार ने सोनहत थाने में मयंक और उसके साथियों के खिलाफ शिकायत दर्ज करा दी। दोपहर में हुए इसी विवाद का बदला लेने और समझौता करने के इरादे से मंगलवार देर रात 12 बजे लल्ला सिंह अपने भाई नागेंद्र, भतीजे मयंक, योगेंद्र और साथी वीरेंद्र के साथ दो अलग-अलग कारों में सवार होकर नवगई गांव पहुंचे थे, लेकिन वहां त्रिपाठी परिवार और उनके करीबियों की हिंसक भीड़ ने लल्ला सिंह की गाड़ियों को घेर लिया।
फॉरेंसिक में खुलासा- कार में लगाई गई आग
घटनास्थल पर 11 केवी हाइटेंशन लाइन का बिजली खंभा भी टूटा मिला था, जिससे यह अंदेशा लगाया जा रहा था कि तार गिरने से शॉर्ट-सर्किट हुआ होगा, लेकिन जांच के बाद पुलिस ने इस थ्योरी को खारिज कर दिया है। फॉरेंसिक जांच में यह साफ हो गया है कि आरोपियों ने कार को आग लगाई थी। पुलिस ने हत्या और आगजनी का केस दर्ज कर मामले की जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम बना दी है।
4 आरोपी गिरफ्तार, 5 की तलाश
कोरिया की एडिशनल एसपी सुरेशा चौबे ने कहा कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर मुख्य आरोपी मनोज त्रिपाठी, अक्षत त्रिपाठी, विशाल त्रिपाठी और सत्यप्रकाश त्रिपाठी को गिरफ्तार कर लिया है। ये चारों आरोपी एक ही परिवार से हैं। घटना में शामिल अन्य 5 फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही है।
रामचंद्र के करीबी रहे थे लल्ला सिंह
इस हत्याकांड के बाद जिले का राजनीतिक पारा भी चढ़ गया है। मृतक भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह सोनहत क्षेत्र के बेहद प्रभावशाली और मजबूत राजनीतिक पकड़ वाले नेता थे। वे अविभाजित मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के कद्दावर नेता व पूर्व वित्त मंत्री कोरिया कुमार (रामचंद्र सिंहदेव) के बेहद करीबी सिपहसालार माने जाते थे। बाद में वैचारिक मतभेद होने के कारण वे भाजपा में शामिल हो गए थे। इस तिहरे कत्लेआम के बाद क्षेत्र के लोगों में आक्रोश है।
फॉरेंसिक जांच की रिपोर्ट में यह पूरी तरह स्पष्ट हो चुका है कि कार में सुनियोजित तरीके से आग लगाई गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए 9 आरोपियों के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास और आगजनी का नामजद केस दर्ज किया गया है। 5 फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित की गई है। -दीपक झा, आईजी, सरगुजा








