आठ मौतों के मामले में बड़ा कदम

आठ मौतों के मामले में बड़ा कदम

आठ मौतों के मामले में बड़ा कदम

कसडोल। बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के कसडोल अंतर्गत पुराना खर्वे गांव में पिछले कुछ महीनों के भीतर हुई आठ लोगों की रहस्यमयी स्थितियों में हुई मौतों के मामले में पुलिस प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। गांव में फैले खौफ और संदेह के बीच, मंगलवार को पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की संयुक्त टीम ने भारी सुरक्षा व्यवस्था और ग्रामीणों की मौजूदगी में छह मृतकों के शवों को कब्र से बाहर निकाला। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान कब्रों को खोदने के लिए बुलडोजर का इस्तेमाल किया गया।

मिली जानकारी के अनुसार, गांव में एक के बाद एक हुई इन मौतों को लेकर ग्रामीणों द्वारा जताए गए भारी शक के बाद प्रशासन ने शवों को बाहर निकालने की अनुमति दी थी। मंगलवार सुबह जैसे ही पुलिस की टीम पुराना खर्वे गांव के कब्रिस्तान पहुंची, वहां बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों की भीड़ एकत्र हो गई। अधिकारियों की देखरेख में बुलडोजर की मदद से छह कब्रों की खुदाई की गई। चूंकि इन मौतों को काफी समय बीत चुका है, इसलिए कब्रों से निकाले गए शव पूरी तरह से सड़-गल चुके हैं।

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, जिन छह शवों को पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच के लिए निकाला गया है, उनमें 6 फरवरी को दफनाए गए बद्री पटेल, 20 फरवरी को बुठालू साहू, 20 मार्च को छत्तूराम साहू, 31 मार्च को विनोद साहू, 28 अप्रैल को गजानंद मांझी और 29 अप्रैल को दफन किए गए चैतूराम साहू के शव शामिल हैं। इसके अलावा, एक अन्य मृतक बुधराम जायसवाल की मौत 12 मार्च को हुई थी, जिनका सामाजिक रीति-रिवाज के अनुसार पहले ही दाह संस्कार (दहन) किया जा चुका है।


पुलिस ने सभी आठों मृतकों के संदर्भ में वैधानिक रूप से मर्ग कायम कर लिया है। मौतों के वास्तविक और सटीक कारणों का पता लगाने के लिए पुलिस की एक टीम गांव में कैंप कर रही है और लगातार ग्रामीणों के साथ-साथ पीड़ित परिवारों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि कंकाल और अवशेषों में तब्दील हो चुके इन सभी शवों को तत्काल विशेष पोस्टमार्टम (पीएम) और फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की जांच के लिए भेजा जा रहा है।