स्वतंत्रता दिवस पर 9 कैदियों को मिली बड़ी राहत, सेंट्रल जेल से होंगे रिहा

स्वतंत्रता दिवस पर 9 कैदियों को मिली बड़ी राहत, सेंट्रल जेल से होंगे रिहा

स्वतंत्रता दिवस पर 9 कैदियों को मिली बड़ी राहत, सेंट्रल जेल से होंगे रिहा

रायपुर। 15 अगस्त से पहले रायपुर सेन्ट्रल जेल से 1 महिला समेत 9 कैदियों का रिहा किया गया है। सभी हत्या के केस में उम्र कैद की सजा काट रहे थे। जेल से निकलते वक्त सभी कैदियों के हाथ में गीता थी। कुछ के परिवार वाले लेने आए थे।

तो कुछ अकेले अपने बाकी का सफर पूरा करने निकल पड़े। हमने कैदियों से बातचीत करने की कोशिश की, कुछ ने बस इतना कहा कि बाकी जिंदगी अच्छे से गुजारनी है। तो कुछ बस सिर्फ मुस्कुरा कर आगे बढ़ गए।

सब खुश थे। लेकिन खुशी का इजहार कर पाएं इतने शब्द नहीं थे। जेल अधीक्षक योगेश सिंह क्षत्री ने बताया आज या कल में 12 और कैदी छोड़े जा सकते हैं।

आज 9 रिहा, 12 और कैदियों के नाम तैयार

जेल अधीक्षक योगेश सिंह क्षत्री ने बताया कि राज्य शासन के आदेश के अनुसार आज केंद्रीय जेल रायपुर से 9 बंदियों को रिहा किया गया है। इसके अलावा 12 और आजीवन कारावास की सजा काट रहे बंदियों की शेष सजा का परिहार होने के बाद उन्हें आज या कल रिहा किया जा सकता है।

अच्छे आचरण के आधार पर मिलती है सजा में छूट

जेल अधीक्षक ने बताया कि कैदियों को जेल में उनके काम और आचरण के आधार पर माफी यानी सजा में छूट मिलती है। किसी एक अधिकारी के निर्णय से यह प्रक्रिया नहीं होती। कैदी जिस जगह काम करता है।

वहां से उसके आचरण की शुरुआती जानकारी मिलती है। इसके बाद अलग-अलग स्तर के अधिकारियों से भी फीडबैक लिया जाता है। पूरी प्रक्रिया के बाद जेलाध्यक्ष की अंतिम स्वीकृति होती है।

अगर कोई बंदी जेल में दिया गया काम ठीक से करता है, जेल के नियमों का पालन करता है और अनुशासनहीनता नहीं करता है तो उसके आचरण को अच्छा माना जाता है।

जेल आने के बाद बनती है पूरी हिस्ट्री टिकट

किसी व्यक्ति को सजा होने के बाद उसे कन्विक्ट बंदी के रूप में जेल की दंडित शाखा में दर्ज किया जाता है। उसकी हिस्ट्री टिकट तैयार की जाती है, जिसमें उसकी सजा और केस से जुड़ी पूरी जानकारी दर्ज होती है।

उससे अपील के बारे में भी जानकारी ली जाती है। अगर उसने अपील नहीं की है तो जरूरत पड़ने पर विधिक सहायता के जरिए अपील कराई जाती है।

इसके बाद उसका स्वास्थ्य परीक्षण होता है और उसकी रुचि के अनुसार उसे जेल में काम दिया जाता है। काम शुरू करने से पहले बंदी को यह भी बताया जाता है कि अच्छा काम और अच्छा आचरण रखने पर उसे हर महीने तय नियमों के अनुसार सजा में माफी मिल सकती है।

हर महीने मिलती है तय माफी

जेल अधीक्षक के मुताबिक, अच्छे आचरण और काम के आधार पर बंदियों को हर महीने माफी मिलती है। इसमें सामान्य तौर पर 3 दिन और 3 दिन यानी कुल 6 दिन की माफी का प्रावधान बताया गया है। यह माफी धीरे-धीरे उसकी कुल सजा में कमी के रूप में जुड़ती रहती है।

इसी प्रक्रिया के तहत पात्र बंदियों की शेष सजा में छूट देकर उन्हें समय से पहले रिहा किया जाता है।