प्रधानमंत्री की अपील पर निगम की बदहाली, शहरवासी सार्वजनिक परिवहन के लिए तरस रहे

प्रधानमंत्री की अपील पर निगम की बदहाली, शहरवासी सार्वजनिक परिवहन के लिए तरस रहे

प्रधानमंत्री की अपील पर निगम की बदहाली, शहरवासी सार्वजनिक परिवहन के लिए तरस रहे

बिलासपुरः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में देशवासियों से अपील की है कि ईंधन की बचत और पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करें। लेकिन न्यायधानी बिलासपुर के नागरिकों के लिए यह अपील केवल एक सपना बनकर रह गई है। शहर में चलने वाली सिटी बस सेवा का हाल-बेहाल है। नगर निगम के दावों के विपरीत, सड़कों पर बसों की संख्या उंगलियों पर गिनने लायक रह गई हैं, जिससे आम जनता आटो और निजी वाहनों के भारी खर्च को झेलने को मजबूर हैं।

नगर निगम के पास 50 सिटी बसें हैं। इनमें से वर्तमान में सिर्फ 13 बसों का संचालन किया जा रहा है। शेष बसें कबाड़ में तब्दील हो चुकी हैं या टायरों और पुर्जों के अभाव में डिपो में खड़ी हैं। आलम यह है कि जिस रूट पर हर 15 मिनट में बस होनी चाहिए, वहां घंटों इंतजार के बाद भी बस नहीं आ रही है।

बसों की जर्जर हालत को देखते हुए निगम प्रशासन ने 22 बसों को मरम्मत के लिए रायपुर भेजा है। अधिकारियों का कहना है कि बिलासपुर में पर्याप्त संसाधन नहीं होने के कारण इन्हें राजधानी के वर्कशाप भेजा गया है। हालांकि, इन बसों के वापस लौटने की समय-सीमा अब भी अनिश्चित है। तब तक शहरवासियों को खटारा बसों और अनियमित फेरों से ही समझौता करना पड़ रहा है। इसकी वजह से पीएम मोदी की अपील मानने के बाद भी लोग सस्ते पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं।

इन रास्तों पर ले-देकर दौड़ रहीं बसें

- कोनी रूट: गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय से रेलवे स्टेशन मार्ग।

- तिफरा-सकरी: औद्योगिक और रिहायशी इलाकों को जोड़ने वाली मुख्य सड़क।

- तखतपुर-कोटा: ग्रामीण क्षेत्रों से शहर आने वाले यात्रियों का मुख्य मार्ग।

- रतनपुर मार्ग: धार्मिक पर्यटन और स्थानीय आवाजाही के लिए।

- मस्तूरी-सीपत: यहां बसों का संचालन तो हो रहा, पर सबसे ज्यादा प्रभावित।

इसलिए फेल हो रही हैं सिटी बसें

सिटी बस सेवा के इस हाल के पीछे सबसे बड़ा कारण आपरेटिंग एजेंसी और नगर निगम के बीच भुगतान का विवाद है। डीजल के बढ़ते दाम और मेंटेनेंस का खर्च न मिलने के कारण आपरेटरों ने हाथ खींच लिए हैं। हाई कोर्ट की फटकार के बाद भी स्थिति में कोई स्थाई सुधार नजर नहीं आ रहा है।

दो सिटी बसें बेलतरा में चल रहीं

बिलासपुर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कुल 15 बसों का संचालन किया जा रहा था। लेकिन इसमे से दो बसें बेलतरा विधानसभा क्षेत्र में चलाने का निर्णय लिया गया। ऐसे में शहर के लिए 13 बसें बच गईं और यह ये बसें शहर क्षेत्र की लगभग छह लाख की जनसंख्या के लिए नाकाफी साबित हो रही हैं। चाहकर भी लोग सिटी बस का उपयोग शहरी यातायात के रूप में नहीं कर पा रहे हैं।

मौजूदा स्थिति में सिटी बसों की मरम्मत कराई जा रह है। गाड़ियां जैसे-जैसे बनती जाएंगी, उनका उपयोग भी शुरू कर दिया जाएगा। आने वाले दिनों में लगातार सिटी बसों की संख्या बढ़ती ही जाएगी।