शहडोल में करंट से दो भाइयों की मौत:खेत में जंगली जानवरों को मारने के लिए फैलाया गया था करंट
शहडोल में करंट से दो भाइयों की मौत:खेत में जंगली जानवरों को मारने के लिए फैलाया गया था करंट
जंगली जानवरों के शिकार के लिए फैलाए गए करंट की चपेट में आने से दो भाइयों की मौत हो गई। घटना शहडोल जिले के ब्यौहारी के खड्डा गांव के लोढ़ा धार नाले के पास की है। पुलिस ने शनिवार को मामले में पड़ताल शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक, ब्यौहारी के खड्डा गांव में रहने वाले दो भाई कैलाश कोल और छोटू कोल अपने खेत से घर लौट रहे थे, तभी रास्ते में वे जंगली जानवरों के शिकार के लिए लगाए गए करंट की चपेट में आ गए। बड़े भाई कैलाश मौके पर, जबकि छोटू की सिविल अस्पताल में मौत हाे गई। पुलिस ने बिजली की तार जब्त कर लिए हैं। थाना प्रभारी अरुण पांडे ने बताया कि करंट किसने लगाया। अभी इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है। मामले की जांच जारी है। जंगल में फैलाए करंट से एक महीने में चौथी मौत जिले की सीमा बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व एवं संजय गांधी टाइगर रिजर्व से जुड़ी हुई है। इससे यहां जंगली जानवरों का आना-जाना लगा रहता है। इनके शिकार के लिए आए दिन जंगलों में करंट लगाया जाता है। एक माह के भीतर जंगली जानवरों के लिए लगाए गए करंट की चपेट में आने से चार लोगों की मौत हो चुकी है। पहली घटना गोहपारू थाना क्षेत्र के उमरिया गांव में हुई थी। इसके बाद देवलौंद थाना क्षेत्र में फैलाए गए करंट से युवक की मौत हो गई। आरोपियों ने घटना छिपाने के लिए शव को पत्थरों से बांधकर नदी में फेंक दिया था। बाद में पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था।
जंगली जानवरों के शिकार के लिए फैलाए गए करंट की चपेट में आने से दो भाइयों की मौत हो गई। घटना शहडोल जिले के ब्यौहारी के खड्डा गांव के लोढ़ा धार नाले के पास की है। पुलिस ने शनिवार को मामले में पड़ताल शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक, ब्यौहारी के खड्डा गांव में रहने वाले दो भाई कैलाश कोल और छोटू कोल अपने खेत से घर लौट रहे थे, तभी रास्ते में वे जंगली जानवरों के शिकार के लिए लगाए गए करंट की चपेट में आ गए। बड़े भाई कैलाश मौके पर, जबकि छोटू की सिविल अस्पताल में मौत हाे गई। पुलिस ने बिजली की तार जब्त कर लिए हैं। थाना प्रभारी अरुण पांडे ने बताया कि करंट किसने लगाया। अभी इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है। मामले की जांच जारी है। जंगल में फैलाए करंट से एक महीने में चौथी मौत जिले की सीमा बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व एवं संजय गांधी टाइगर रिजर्व से जुड़ी हुई है। इससे यहां जंगली जानवरों का आना-जाना लगा रहता है। इनके शिकार के लिए आए दिन जंगलों में करंट लगाया जाता है। एक माह के भीतर जंगली जानवरों के लिए लगाए गए करंट की चपेट में आने से चार लोगों की मौत हो चुकी है। पहली घटना गोहपारू थाना क्षेत्र के उमरिया गांव में हुई थी। इसके बाद देवलौंद थाना क्षेत्र में फैलाए गए करंट से युवक की मौत हो गई। आरोपियों ने घटना छिपाने के लिए शव को पत्थरों से बांधकर नदी में फेंक दिया था। बाद में पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था।