AI रोबोट्स की अनोखी शादी, दुनिया हैरान
AI रोबोट्स की अनोखी शादी, दुनिया हैरान
नई दिल्ली । तकनीकी विकास के इस दौर में रूस की राजधानी मॉस्को से एक बेहद दिलचस्प और अनोखा मामला सामने आया है। यहां दो अत्याधुनिक एआई (AI) ह्यूमनॉइड रोबोट्स ने एक-दूसरे के साथ प्रतीकात्मक विवाह (Symbolic Marriage) रचाया है। इस अनोखे डिजिटल बंधन में बंधने वाले रोबोट्स के नाम रॉबर्ट और मटिल्डा हैं। वैश्विक स्तर पर अपनी तरह का यह पहला और बेहद अनूठा आयोजन है, जहाँ दो मशीनों को आधिकारिक तौर पर जीवनसाथी घोषित किया गया है।
कौन हैं दूल्हा 'रॉबर्ट' और दुल्हन 'मटिल्डा'?
इस अनोखी शादी के मुख्य किरदार कोई आम रोबोट नहीं, बल्कि एडवांस एआई फीचर्स से लैस मशीनें हैं:
रॉबर्ट (दूल्हा): इसे मुख्य रूप से ऑफिस के कामकाज और ब्लॉगिंग से जुड़ी गतिविधियों को संभालने के लिए डिजाइन किया गया है।
मटिल्डा (दुल्हन): इसे एक पेशेवर बैले डांसर (बैलेरिना) के रूप में विकसित किया गया है।
ये दोनों ही रोबोट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से इंसानों की तरह आपस में बातचीत करने और भावनाओं को व्यक्त करने में सक्षम हैं।
पारंपरिक रीति-रिवाजों से संपन्न हुई रस्में
मॉस्को की पुश्किन लाइब्रेरी में आयोजित इस समारोह में पारंपरिक शादियों की तरह ही तमाम रस्में निभाई गईं। इस अनोखे नजारे को देखने के लिए वहां भारी भीड़ जमा हो गई थी।
दोनों रोबोट्स ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए एक-दूसरे से वफादारी के वादे किए।
इन्होंने एक-दूसरे को प्रतीकात्मक शादी के ब्रेसलेट पहनाए।
इस शादी में सबसे ज्यादा आकर्षण का केंद्र 'डोगमैटिक' नाम का एक रोबोटिक कुत्ता रहा, जिसने दूल्हा-दुल्हन तक ब्रेसलेट पहुंचाने का जिम्मा संभाला।
क्या है इस अनोखे आयोजन का असली मकसद?
यह विवाह समारोह रूस के खास त्योहार 'परिवार, प्यार और निष्ठा दिवस' के अवसर पर आयोजित किया गया था। इस त्योहार की शुरुआत साल 2008 में हुई थी, जो रूसी संस्कृति में पारिवारिक मूल्यों को बढ़ावा देता है।
इस प्रोजेक्ट को तैयार करने वाले वैज्ञानिकों और आयोजकों का कहना है कि इस आयोजन का मकसद इंसानों और मशीनों के बीच के अंतर को समाप्त करना बिल्कुल नहीं है। इसका असली उद्देश्य दुनिया को यह दिखाना है कि ह्यूमनॉइड रोबोटिक्स तकनीक कितनी एडवांस हो चुकी है और आने वाले समय में ये स्मार्ट मशीनें इंसानी जीवन व रोजमर्रा के कामों में कितनी मददगार साबित हो सकती हैं।








