"'लेटेंट 2' शुरू होते ही विवाद, समय रैना पर सुप्रीम कोर्ट की सख्ती"
"'लेटेंट 2' शुरू होते ही विवाद, समय रैना पर सुप्रीम कोर्ट की सख्ती"
नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने कॉमेडियन समय रैना पर 10 लाख का जुर्माना लगाया है। मंगलवार को मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा की समय को अपने शो में किसी भी दिव्यांग व्यक्ति को इनवाइट करने को कहा गया था। लेकिन, उन्होंने ऐसा नहीं किया। मामले की सुनवाई जस्टिस सूर्य कांत, जस्टिस जोयमाल्य बागची और वी. मोहना की बेंच ने की थी।
दरअसल, यह मामला 2025 से जुड़ा है। उस वक्त समय पर दिव्यांगों पर कमेंट करने के आरोप लगे थे। यह आरोप 'क्योर SMA इंडिया फाउंडेशन' ने लगाया था। इस मामले में समय के साथस 4 अन्य लोगों के नाम भी शामिल है।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने क्या कहा..
बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, सुनवाई के दौरीन SC ने कहा- समय रैना ने कोर्ट को गुमराह किया है। उन्होंने बेशर्मी से इस कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन किया है। यह गलत व्यवहार और भी गलत हो जाता है क्योंकि रिकॉर्ड पर कुछ भी न होने के बावजूद एक एफिडिविट दायर किया गया। इसलिए, हम 10 लाख का जुर्माना लगाते हैं। इसे सिर्फ 2 हफ्ते के अंदर जमा करना होगा।
क्या है पूरा मामला
दरअसल, यह मामला ‘इंडियाज गॉट लैटेंट’ शो में रणवीर के विवादित कमेंट से जुड़ा हुआ है। पिछले साल नवंबर में रणवीर अलहबादिया और समय रैना को दिव्यांगों पर कमेंट करने पर फटकार लगाई गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था- कमाई के लिए किसी की बेइज्जती बर्दाश्त नहीं होगी। सुप्रीम कोर्ट ने दोनों यूट्यूबर्स को वीडियो के जरिए माफी मांगने के लिए भी कहा। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को आदेश दिया है कि वो इस तरह की टिप्पणियों को रोकने के लिए गाइडलाइन बनाए।
इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने मिनिस्ट्री ऑफ इंफोर्मेशन एंड ब्रॉडकास्टिंग (MIB) से सोशल मीडिया पर इस्तेमाल की जाने वाली भाषा के लिए एक डिटेल्ड गाइडलाइल बनाने को भी कहा था। सुनवाई के दौराीन जस्टिस सूर्यकांत ने कहा था- मंत्रालय नियम बनाते समय राष्ट्रीय दिव्यांगजन कल्याण बोर्ड (NBDSA) और दिव्यांगों के हितों में काम करने वाली दूसरी संस्थाओं से भी सलाह-मशविरा करे।








