"छत्तीसगढ़ में प्लास्टिक उत्पादों की गुणवत्ता जांच अनिवार्य, परीक्षण के बाद ही होगा भुगतान"
"छत्तीसगढ़ में प्लास्टिक उत्पादों की गुणवत्ता जांच अनिवार्य, परीक्षण के बाद ही होगा भुगतान"
रायपुर। प्रदेश के सभी नगर निगमों, नगरपालिकाओं और नगर पंचायतों में अब प्लास्टिक व पालीमर उत्पादों की खरीदी बिना गुणवत्ता जांच के नहीं हो सकेगी। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने आदेश जारी कर रायपुर के केंद्रीय पेट्रोरसायन अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (सीआइपीईटी) से प्लास्टिक सामग्री का परीक्षण और थर्ड पार्टी निरीक्षण अनिवार्य कर दिया है। यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू होगी।
आदेश में कहा गया है कि जलापूर्ति, सीवरेज, जल निकासी, विद्युत नेटवर्क, सार्वजनिक स्वच्छता और अन्य निर्माण कार्यों में उपयोग होने वाले यूपीवीसी पाइप, एचडीपीई पाइप, पीवीसी टंकियां, विद्युत कंड्यूट, प्लास्टिक डस्टबिन समेत सभी पालीमर उत्पादों का परीक्षण सीआइपीईटी की एनएबीएल (नेशनल अक्रेडिटेशन बोर्ड फार टेस्टिंग एंड कैलिब्रेशन लैबोरेट्रीज) और बीआइएस (भारतीय मानक ब्यूरो) मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला में कराया जाएगा।
गुणवत्ता जांच जरूरी होगी
सामग्री को स्वीकार करने या उपयोग में लेने से पहले निर्धारित मानकों के अनुसार उसकी गुणवत्ता जांच जरूरी होगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि परीक्षण में सामग्री भारतीय मानक ब्यूरो के निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाई जाती है तो उसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
प्रमाण पत्र के बिना भुगतान नहीं
साथ ही, सीआइपीईटी का परीक्षण प्रमाण-पत्र प्रस्तुत किए बिना किसी भी सामग्री का भुगतान नहीं किया जाएगा। आदेश में यह भी कहा गया है कि आगामी सभी निविदाओं, कार्यादेशों और क्रय आदेशों में थर्ड पार्टी गुणवत्ता परीक्षण का प्रविधान अनिवार्य रूप से शामिल होगा। केवल बीआइएस प्रमाण-पत्र या आइएसआइ मार्क को पर्याप्त नहीं माना जाएगा। परीक्षण का खर्च संबंधित ठेकेदार या आपूर्तिकर्ता वहन करेगा।








